उत्तर प्रदेश: भागवत कथा यात्रा के दौरान हाई टेंशन तार की चपेट में आने से 16 वर्षीय छात्र की हुई मौत
सारांश
Key Takeaways
- भागवत कथा यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन आवश्यक है।
- हाई टेंशन तारों के पास सावधानी बरतना चाहिए।
- इस प्रकार की घटनाएं गंभीर परिणाम ला सकती हैं।
- परिवार और समाज पर ऐसे हादसों का गहरा प्रभाव पड़ता है।
- समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
फर्रुखाबाद, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद से एक अत्यंत दुखद घटना सामने आई है, जहां गांव में आयोजित भागवत कथा यात्रा के दौरान एक 16 वर्षीय किशोर की हाई टेंशन तार की चपेट में आने से जान चली गई।
फर्रुखाबाद के नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव सिरौली में शनिवार को भागवत कथा का आयोजन हो रहा था। इसी अवसर पर गांव में यात्रा निकाली जा रही थी। यात्रा में एक 16 वर्षीय किशोर ध्वजा के बांस को लेकर अग्रिम पंक्ति में चल रहा था। अचानक बांस हाई टेंशन तार से टकरा गया, जिससे उसमें करंट दौड़ने लगा और किशोर उसकी चपेट में आ गया।
परिवार के सदस्य उसे तत्काल एक निजी नर्सिंग होम ले गए। किशोर की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बाद ईएमओ जिला अस्पताल लोहिया रेफर कर दिया गया। परिजनों ने उसे अस्पताल की इमरजेंसी में लाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के संबंध में गांव सिरौली के निवासी सुबोध ने कहा कि उनके गांव में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हो रहा था। यात्रा के दौरान उनका भतीजा, 16 वर्षीय अखिलेश प्रजापति, ध्वज के साथ चल रहा था। जब यात्रा मंदिर के निकट पहुंची, तब बांस का ऊपरी हिस्सा हाई टेंशन लाइन से टकरा गया। हरे बांस के कारण उसमें करंट दौड़ गया, जिससे अखिलेश करंट की चपेट में आ गया।
गंभीर हालत में उसे तत्काल निजी नर्सिंग होम ले जाया गया, बाद में उसे लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
छात्र की मौत की सूचना के बाद उसके परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक का माहौल फैल गया। भागवत कथा का यह शुभ अवसर अब मातम में बदल गया है।
सुबोध ने बताया कि उन्होंने हाल ही में गांव में एक नया मकान बनवाया था और उसके पास मंदिर का निर्माण कराया था। इसी के साथ उन्होंने श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया था। मृतक के पिता मुकेश प्रजापति और माता नारायण देवी प्रजापति बाहर काम करते हैं।
मृतक अपने चाचा के साथ रह रहा था। वह दो भाइयों में दूसरे नंबर का था और कक्षा 12 का छात्र था। उसकी परीक्षा भी चल रही थी। परिवार के सदस्यों ने बताया कि वह पढ़ाई में बहुत होशियार था।
ईएमओ जिला अस्पताल लोहिया के डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया कि हमें एक युवक अखिलेश प्रजापति को लाया गया था, जिसकी आयु लगभग 16 वर्ष थी। उसके पिता का नाम मुकेश प्रजापति है। उसे अस्पताल लाने के बाद जांच की गई, जिसके बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस को पोस्टमार्टम के लिए सूचना भेज दी गई है।