बिहार में अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ सख्त कदम, भागलपुर में दर्ज की गईं कई प्राथमिकी
सारांश
Key Takeaways
- अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई
- भागलपुर में 10 प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी
- 19 लाख रुपये की दंड वसूली
- राज्य के विभिन्न नगर निगमों में अभियान जारी
- पटना में 200 से अधिक होर्डिंग्स के खिलाफ कार्रवाई
पटना, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में अवैध होर्डिंग के खिलाफ कार्रवाई का क्रम शुरू हो चुका है। राज्य के 38 जिलों में फैले 264 नगर निकायों में 11 हजार से अधिक अवैध होर्डिंग के मामलों में लगभग 20 लाख रुपये की दंड राशि वसूली गई है।
बिहार के उपमुख्यमंत्री और नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि अवैध बैनर और पोस्टर लगाने वाले विज्ञापनकर्ताओं के खिलाफ विभाग कठोर कदम उठाने को तैयार है। ये विज्ञापनकर्ता राज्य के कई शहरों में एक सिंडिकेट बनाकर सरकार को राजस्व की हानि पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि भागलपुर नगर निगम ने हाल ही में अवैध होर्डिंग के मामले में 10 प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और 19 लाख रुपये से अधिक की दंड वसूली की गई है। दरभंगा नगर निगम के धावा दल ने अवैध होर्डिंग हटाकर सभी सामान को जब्त कर लिया है। मुजफ्फरपुर नगर निगम क्षेत्र में लगभग 55 अवैध होर्डिंग को निगम द्वारा हटा दिया गया है।
बेगूसराय नगर निगम में भी सात अवैध होर्डिंग हटाए गए हैं और 71 अवैध होर्डिंग के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है। राज्य में बचे हुए अवैध होर्डिंग के खिलाफ अभियान निरंतर जारी है।
पटना नगर क्षेत्र में अब तक 200 से अधिक अवैध होर्डिंग के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है जबकि 250 से अधिक होर्डिंग हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया है। पाटलिपुत्र अंचल में सबसे अधिक 59 अवैध होर्डिंग हटाए गए हैं, जबकि कंकड़बाग अंचल में 89 अवैध होर्डिंग के खिलाफ नोटिस तामिला किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पटना नगर निगम ने शहर के सौंदर्यीकरण, यातायात सुगमता और जन-सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए निगम क्षेत्र के सभी छह अंचलों में अवैध होर्डिंग और बैनर हटाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। चिन्हित स्थलों पर वैज्ञानिक पद्धति से सर्वे कर यूनिपोल और होर्डिंग को हटाया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, पटना नगर निगम ने राजस्व वसूली के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए शहर की विज्ञापन एजेंसियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई प्रारंभ की है। कुल 54 विज्ञापन एजेंसियों पर निगम का भारी बकाया है, जिसे जमा करने के लिए नोटिस भेजा गया है। आंकड़ों के अनुसार, विज्ञापनों के मद में कुल 107.12 करोड़ रुपये बकाया है।