क्या भारत में ऑफिस लीजिंग 2025 में रिकॉर्ड 82.6 मिलियन स्क्वायर फीट पर पहुंच गई है?

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क्या भारत में ऑफिस लीजिंग 2025 में रिकॉर्ड 82.6 मिलियन स्क्वायर फीट पर पहुंच गई है?

सारांश

भारत में ऑफिस लीजिंग ने 2025 में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। 82.6 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुँचने के साथ, इसमें सालाना वृद्धि की दर 1 प्रतिशत है। यह रिपोर्ट वैश्विक कंपनियों की बढ़ती रुचि को दर्शाती है, जो अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के माध्यम से भारत में कारोबार बढ़ा रही हैं।

Key Takeaways

  • ऑफिस लीजिंग में रिकॉर्ड वृद्धि
  • ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स की महत्वपूर्ण भूमिका
  • टेक्नोलॉजी क्षेत्र का बढ़ता प्रभाव
  • बेंगलुरु और दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख स्थान
  • डिजिटलीकरण की दिशा में कंपनियों की रणनीतियाँ

नई दिल्ली, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत में ऑफिस लीजिंग 2025 में बढ़कर 82.6 मिलियन स्क्वायर फीट पर पहुँच गई है। हालांकि, इसमें सालाना आधार पर मामूली एक प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है। यह जानकारी मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।

सीबीआरई साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा जारी रिपोर्ट में बताया गया कि टेक्नोलॉजी, फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटर्स और बीएफएसआई कंपनियों की कुल मांग में हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत रही।

रिपोर्ट के अनुसार, देश के शीर्ष शहरों में लीज पर लिए गए ऑफिस स्पेस में बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली-एनसीआर की हिस्सेदारी लगभग 61 प्रतिशत है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) ग्रोथ का मुख्य इंजन बनकर उभरा है और इसकी 2025 की चौथी तिमाही में लीजिंग में हिस्सेदारी लगभग 39 प्रतिशत रही है।

सीबीआरई में भारत, साउथ-ईस्ट एशिया, मिडल ईस्ट और अफ्रीका के चेयरमैन और सीईओ अंशुमन मैगजीन ने कहा, “वैश्विक कंपनियां अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के माध्यम से भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए तत्पर हैं। अनुमान है कि जीसीसी की 2026 में कुल ऑफिस स्पेस लीजिंग में 35-40 प्रतिशत की हिस्सेदारी होगी, जिसमें मिड-मार्केट कंपनियों, ग्लोबल यूनिकॉर्न और उभरते क्षेत्रों से नई वृद्धि की उम्मीद है।”

फर्म ने अनुमान लगाया है कि टेक्नोलॉजी सेक्टर, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल), डेटा एनालिटिक्स और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे उन्नत क्षेत्रों में विशेषज्ञ प्रतिभाओं की भर्ती पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत में ऑफिस स्पेस की मांग को लगातार बढ़ाता रहेगा।

रिपोर्ट में बताया गया है कि ऑफिस स्पेस की मांग में वृद्धि वैश्विक और घरेलू कंपनियों के निरंतर निवेश और पोर्टफोलियो विस्तार रणनीतियों के कारण है, जो कंपनियों के चल रहे डिजिटलीकरण प्रयासों पर आधारित है।

रियल एस्टेट कंसल्टिंग फर्म ने बताया कि अक्टूबर-दिसंबर में तिमाही लीजिंग में पिछली तिमाही की तुलना में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 22.2 मिलियन वर्ग फुट हो गई।

चौथी तिमाही में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स ने लगभग 8.5 मिलियन वर्ग फुट जगह ली, जिसमें बेंगलुरु (44 प्रतिशत हिस्सेदारी), हैदराबाद और दिल्ली-एनसीआर शीर्ष जीसीसी गंतव्य रहे।

Point of View

भारत में ऑफिस लीजिंग एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रही है, जो न केवल आर्थिक विकास को दर्शाती है, बल्कि वैश्विक कंपनियों की रुचि को भी इंगित करती है। यह संकेत देता है कि भारत एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र के रूप में उभर रहा है।
NationPress
15/01/2026

Frequently Asked Questions

भारत में ऑफिस लीजिंग का वर्तमान स्थिति क्या है?
भारत में ऑफिस लीजिंग 2025 में 82.6 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुँच गई है, जो एक रिकॉर्ड है।
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का ऑफिस लीजिंग में क्या योगदान है?
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स की 2025 की चौथी तिमाही में लीजिंग में हिस्सेदारी लगभग 39 प्रतिशत रही है।
कौन से क्षेत्र ऑफिस स्पेस की मांग बढ़ा रहे हैं?
टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्र ऑफिस स्पेस की मांग को बढ़ा रहे हैं।
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