7 जुलाई 2026
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दिल्ली रिज को 'ग्रीन लंग्स' बनाने का मिशन शुरू, अमित शाह ने किया 70 लाख पौधारोपण अभियान का शुभारंभ

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दिल्ली रिज को 'ग्रीन लंग्स' बनाने का मिशन शुरू, अमित शाह ने किया 70 लाख पौधारोपण अभियान का शुभारंभ

सारांश

तीन दशकों से लंबित दिल्ली रिज की कानूनी सुरक्षा अब आकार ले रही है — 5,000 हेक्टेयर वन घोषित, 70 लाख पौधे और 100 साल जीने वाले पेड़ों का संकल्प। अमित शाह ने इसे राजधानी के 'ग्रीन लंग्स' बनाने का मिशन करार दिया।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह ने 7 जुलाई 2026 को दिल्ली के 70 लाख पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया।
5,000 हेक्टेयर रिज क्षेत्र को वन क्षेत्र घोषित; शेष 7,784 हेक्टेयर को जल्द कानूनी संरक्षण देने का आश्वासन।
अगले तीन वर्षों में पीपल, बरगद, नीम, गूलर, अर्जुन और जामुन जैसे 100+ वर्ष जीवित रहने वाले पेड़ लगाए जाएंगे।
NDMC ने लगभग 600 पेड़ और 50 हजार झाड़ियाँ लगाने का लक्ष्य रखा।
इसी कार्यक्रम में 300 इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन, नरेला हाई सिक्योरिटी प्रिजन का शिलान्यास और तीन डेपो का लोकार्पण भी हुआ।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 7 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में दिल्ली सरकार के 70 लाख पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया और घोषणा की कि दिल्ली रिज को राजधानी के 'ग्रीन लंग्स' के रूप में विकसित करने का मिशन अब औपचारिक रूप से शुरू हो चुका है। यह अभियान रिज क्षेत्र की जैव विविधता को पुनर्जीवित करने और दिल्ली के पर्यावरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।

रिज क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और चुनौती

गृह मंत्री ने बताया कि दिल्ली के रिज क्षेत्र में बड़ी संख्या में कांटेदार बबूल और अन्य ऐसे पेड़ हैं जो देखने में हरियाली का अहसास तो कराते हैं, लेकिन पर्यावरणीय दृष्टि से उतने लाभदायक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अब इस स्थिति को बड़े स्तर पर बदलने के लिए ठोस कदम उठा रही है।

उल्लेखनीय है कि 1994 में भारतीय वन अधिनियम के तहत 7,784 हेक्टेयर रिज क्षेत्र को अधिसूचित किया गया था, लेकिन पिछले 30 वर्षों में इसकी अंतिम अधिसूचना जारी नहीं हो सकी। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में वायु प्रदूषण और हरित आवरण की कमी लगातार गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।

5,000 हेक्टेयर को वन क्षेत्र घोषित, जल्द मिलेगी पूर्ण कानूनी सुरक्षा

शाह ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार की सराहना करते हुए बताया कि अब 5,000 हेक्टेयर रिज क्षेत्र को वन क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि जल्द ही शेष पूरे रिज क्षेत्र को भी कानूनी संरक्षण प्रदान किया जाएगा।

इस पहल के तहत रिज की जैव विविधता को पुनर्जीवित करने, मिट्टी और जल संसाधनों के संरक्षण तथा दिल्ली के पर्यावरण को नई ऊर्जा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध पौधारोपण

शाह ने बताया कि अगले तीन वर्षों में पूरे रिज क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से पीपल, बरगद, नीम, गूलर, अर्जुन और जामुन जैसे दीर्घजीवी पेड़ लगाए जाएंगे, जो 100 वर्ष से अधिक समय तक जीवित रह सकते हैं। इससे रिज का पारिस्थितिकी तंत्र दीर्घकालिक रूप से मजबूत होगा।

नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रही है। NDMC ने इस अभियान के तहत लगभग 600 पेड़ और 50 हजार झाड़ियाँ लगाने का लक्ष्य रखा है।

मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की सराहना

इस अवसर पर गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की भी प्रशंसा की और इसे देश में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक प्रेरणादायक और अनूठा प्रयास बताया।

एक मंच से कई बड़े कार्यक्रमों का शुभारंभ

इसी कार्यक्रम में अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भी लोकार्पण और शिलान्यास हुआ। शाह ने बताया कि नरेला में हाई सिक्योरिटी प्रिजन का शिलान्यास, स्वचालित वाहन टेस्टिंग सेंटर और तीन नव निर्मित डेपो का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही 300 इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन की शुरुआत भी इसी अवसर पर हुई।

इन घोषणाओं के साथ दिल्ली सरकार की पर्यावरण और बुनियादी ढाँचे दोनों मोर्चों पर एक साथ आगे बढ़ने की मंशा स्पष्ट दिखती है। अब असली परीक्षा इस अभियान के क्रियान्वयन और दीर्घकालिक निगरानी की होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 हेक्टेयर को वन घोषित करना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन शेष 2,784 हेक्टेयर की सुरक्षा की समयसीमा अभी भी अस्पष्ट है। बबूल हटाने और दीर्घजीवी देशी पेड़ लगाने की योजना पारिस्थितिकी की दृष्टि से सही दिशा में है, परंतु असली कसौटी यह होगी कि पौधारोपण के बाद जीवित बचने वाले पेड़ों की निगरानी और जवाबदेही का ढाँचा कैसा होगा — जो अब तक के अधिकांश सरकारी वृक्षारोपण अभियानों की सबसे बड़ी कमज़ोरी रही है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली रिज को 'ग्रीन लंग्स' बनाने की योजना क्या है?
यह दिल्ली सरकार की योजना है जिसके तहत रिज क्षेत्र में अगले तीन वर्षों में पीपल, बरगद, नीम, गूलर, अर्जुन और जामुन जैसे 100 वर्ष से अधिक जीवित रहने वाले देशी पेड़ लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य रिज की जैव विविधता को पुनर्जीवित करना और दिल्ली के पर्यावरण को मजबूत बनाना है।
दिल्ली रिज क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल कितना है और अब तक क्या हुआ?
1994 में भारतीय वन अधिनियम के तहत 7,784 हेक्टेयर रिज क्षेत्र को अधिसूचित किया गया था, लेकिन 30 वर्षों में इसकी अंतिम अधिसूचना जारी नहीं हो सकी। अब 5,000 हेक्टेयर को वन क्षेत्र घोषित किया गया है और शेष क्षेत्र को भी जल्द कानूनी संरक्षण देने का आश्वासन दिया गया है।
70 लाख पौधारोपण अभियान में NDMC की क्या भूमिका है?
नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) इस अभियान में सक्रिय भागीदारी कर रही है और उसने लगभग 600 पेड़ तथा 50 हजार झाड़ियाँ लगाने का लक्ष्य रखा है। यह अभियान दिल्ली सरकार के व्यापक 70 लाख पौधारोपण कार्यक्रम का हिस्सा है।
इस कार्यक्रम में और कौन-सी परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ?
इसी कार्यक्रम में नरेला में हाई सिक्योरिटी प्रिजन का शिलान्यास, स्वचालित वाहन टेस्टिंग सेंटर और तीन नव निर्मित डेपो का लोकार्पण हुआ। साथ ही 300 इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन की शुरुआत भी इसी मंच से की गई।
रिज क्षेत्र में कांटेदार बबूल क्यों समस्या है?
अमित शाह के अनुसार दिल्ली रिज में बड़ी संख्या में कांटेदार बबूल और अन्य ऐसे पेड़ हैं जो देखने में हरियाली का अहसास तो कराते हैं, लेकिन पर्यावरण के लिए उतने लाभदायक नहीं हैं। इन्हें हटाकर देशी और दीर्घजीवी प्रजातियों के पेड़ लगाने की योजना है।
राष्ट्र प्रेस
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