दिल्ली में 70 लाख पौधारोपण मिशन लॉन्च: सीएम रेखा गुप्ता बोलीं — विकास और हरियाली साथ-साथ चलेंगे
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में 'इको रेस्टोरेशन मेगा प्लांटेशन प्रोग्राम ड्राइव 2026' — यानी मिशन 70 लाख पौधारोपण — का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी हुआ। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मौके पर स्पष्ट किया कि यह अभियान महज़ पौधे लगाने की रस्म नहीं, बल्कि राजधानी को स्थायी रूप से हरा-भरा बनाने का दीर्घकालिक संकल्प है।
अभियान की मूल भावना और सांस्कृतिक संदर्भ
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को कभी केवल संसाधन नहीं माना गया — नदियाँ माँ हैं, धरती माता है, पर्वत देवतुल्य हैं और पेड़ पूजनीय हैं। उन्होंने कहा, 'हमारे संस्कार हमें सिखाते हैं कि प्रकृति से कुछ लेने से पहले उसका सम्मान करना ज़रूरी है।' इस सांस्कृतिक दृष्टिकोण को सरकारी नीति का आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम उन स्थानों को फिर से हरा-भरा करने का संकल्प है जहाँ समय के साथ हरियाली खत्म हो गई।
ग्रीन बजट और ऑक्सीजन पार्क: मुख्य घोषणाएँ
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली का ग्रीन कवर अब बढ़कर 25 प्रतिशत तक पहुँच चुका है। सरकार ने अपने कुल बजट का 22 प्रतिशत हिस्सा ग्रीन बजट के लिए निर्धारित किया है — जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रशासन की प्राथमिकता को दर्शाता है।
गुप्ता ने यह भी घोषणा की कि गुजरात के ऑक्सीजन पार्क मॉडल को अब दिल्ली में लागू किया जाएगा। इसके तहत राजधानी में 100 ऑक्सीजन पार्क विकसित किए जाएंगे, जिनमें से 18 पार्कों पर काम पहले ही शुरू हो चुका है।
हर पेड़ की डिजिटल ट्रैकिंग
केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं — यह सुनिश्चित करने के लिए कि पौधे जीवित रहें और बढ़ें, दिल्ली सरकार ने हर पेड़ की ऑनलाइन ट्रैकिंग और टैगिंग की व्यवस्था शुरू की है। गुप्ता के अनुसार, यह प्रणाली पौधारोपण को जवाबदेह बनाएगी और देखभाल व संरक्षण को सुनिश्चित करेगी।
इलेक्ट्रिक बसें और ज़ीरो एमिशन लक्ष्य
परिवहन क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान किया। जीरो एमिशन लक्ष्य के तहत 2026 के अंत तक 7,000 इलेक्ट्रिक (EV) बसें दिल्ली की सड़कों पर उतारी जाएंगी। 2028 तक यह संख्या 14,000 EV बसों तक पहुँचाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य दिल्ली को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण-मुक्त शहर बनाना है।
विकास और पर्यावरण: विरोध नहीं, पूरकता
मुख्यमंत्री गुप्ता ने अपनी सरकार की मूल विचारधारा स्पष्ट करते हुए कहा कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। उनके शब्दों में, दिल्ली ऐसा शहर बनेगा जहाँ 'चौड़ी सड़कें भी होंगी, स्वच्छ हवा भी होगी, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी होगा और घने जंगल भी।' यह दृष्टिकोण ऐसे समय में आया है जब दिल्ली लगातार देश के सबसे प्रदूषित शहरों में गिनी जाती है और वायु गुणवत्ता सुधार एक दशक से राजनीतिक एजेंडे पर है। आने वाले महीनों में इस मिशन की ज़मीनी प्रगति ही बताएगी कि यह संकल्प कितना ठोस है।