अमित शाह की यमुना पुनरुद्धार समीक्षा बैठक: MCD-NDDB MOU, हर 20 दिन में होगी प्रगति जाँच
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार, 8 जून 2026 को नई दिल्ली में यमुना नदी के पुनरुद्धार पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केंद्र और दिल्ली सरकार के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में यमुना की सफाई के लिए एकीकृत कार्य योजना पर विस्तृत चर्चा हुई। शाह ने स्पष्ट किया कि अब टुकड़ों में नहीं, बल्कि एक टीम भावना से काम होना चाहिए।
बैठक में कौन-कौन शामिल रहे
इस समीक्षा बैठक में केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, प्रवेश वर्मा और कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक इस मायने में महत्त्वपूर्ण है कि इसमें दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश — तीनों राज्यों से जुड़े हितधारकों को एक मंच पर लाने की कोशिश की गई।
अमित शाह के मुख्य निर्देश
बैठक में अमित शाह ने कहा कि साफ और स्वच्छ यमुना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का संकल्प है, और इसे जल्द-से-जल्द पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों तथा सभी संबंधित मंत्रालयों को निर्देश दिया कि वे एकीकृत कार्य योजना के तहत काम करें।
शाह ने यमुना नदी की डीसिल्टिंग (गाद हटाने) को प्राथमिकता देने और उस गाद का उपयोग विभिन्न विनिर्माण परियोजनाओं में करने पर जोर दिया, ताकि बारिश के मौसम में यह गाद दोबारा नदी में न बह जाए। साथ ही उन्होंने एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट), औद्योगिक कचरे और सभी नालों के डिस्चार्ज की कड़ी निगरानी का आदेश दिया। उनके शब्दों में — 'सिर्फ संतोषजनक काम नहीं, बल्कि सटीक परिणाम आने चाहिए।'
यमुना पुनरुद्धार परियोजना की प्रगति की समीक्षा हर 20 दिन में की जाएगी — यह निर्देश शाह ने बैठक में दिया।
MCD-NDDB MOU और डेयरी वेस्ट प्रबंधन
बैठक का एक अहम फैसला यह रहा कि दिल्ली की डेयरियों के कचरे को यमुना में जाने से रोकने के लिए एमसीडी (दिल्ली नगर निगम) और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के बीच एक एमओयू (समझौता ज्ञापन) साइन किया जाएगा। इस समझौते के तहत डेयरियों और गौशालाओं का गोबर सीधे गैस और खाद संयंत्रों तक पहुँचेगा, जहाँ इसे गोबर गैस और जैविक खाद में तब्दील किया जाएगा।
गौरतलब है कि दिल्ली में बड़ी संख्या में डेयरियाँ और गौशालाएँ हैं, जिनका अनुपचारित कचरा यमुना प्रदूषण का एक प्रमुख कारण रहा है। एनडीडीबी मॉडल के तहत यमुना किनारे के कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
दिल्ली सरकार का 'यमुना रिवरफ्रंट सफाई अभियान 2026'
बैठक के समानांतर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि वे 14 जून 2026 को सरकार के 'यमुना रिवरफ्रंट सफाई अभियान 2026' की औपचारिक शुरुआत करेंगी। इस अभियान का उद्देश्य यमुना की खोई हुई पहचान को पुनः स्थापित करना, नदी के घाटों की सफाई करना और नागरिकों में जागरूकता फैलाना है।
इस अभियान में लगभग 500 सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और स्वयंसेवी संगठनों के साथ-साथ हजारों स्वयंसेवकों के शामिल होने की उम्मीद है। 14 जून को यमुना के प्रमुख घाटों पर एक साथ सफाई और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा, 'यमुना सिर्फ एक नदी नहीं है, बल्कि दिल्ली की सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यावरणीय विरासत का एक अहम हिस्सा है। इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की नहीं, हर नागरिक की है।'
आगे की राह
यमुना की सफाई दशकों से दिल्ली की राजनीति और पर्यावरण नीति का केंद्रीय मुद्दा रही है। अनेक योजनाओं और अदालती आदेशों के बावजूद नदी की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इस बार केंद्र सरकार की सीधी निगरानी, हर 20 दिन की समीक्षा प्रक्रिया और एमओयू जैसे संस्थागत कदम इसे पिछली कोशिशों से अलग बनाते हैं — हालाँकि जमीनी क्रियान्वयन ही असली कसौटी होगी।