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म्बाप्पे माफी मांगें या कानूनी कार्रवाई झेलें: पैराग्वे सीनेटर सेलेस्टे अमरिला की चेतावनी

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म्बाप्पे माफी मांगें या कानूनी कार्रवाई झेलें: पैराग्वे सीनेटर सेलेस्टे अमरिला की चेतावनी

सारांश

फीफा विश्व कप में पैराग्वे की हार के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब कानूनी मोर्चे पर पहुँच गया है। सीनेटर सेलेस्टे अमरिला ने म्बाप्पे की 'घटिया महिला' टिप्पणी को जेंडर-आधारित और राजनीतिक हिंसा बताते हुए माफी या मुकदमे की चेतावनी दी है — जबकि मैक्रों और इन्फेंटिनो म्बाप्पे के साथ खड़े हैं।

मुख्य बातें

पैराग्वे सीनेटर सेलेस्टे अमरिला ने काइलियन म्बाप्पे को खुला पत्र लिखकर सार्वजनिक माफी की माँग की।
म्बाप्पे ने अमरिला को 'घटिया महिला और पद के अयोग्य' कहा था, जिसे उन्होंने जेंडर-आधारित हिंसा बताया।
अमरिला ने स्वीकार किया कि उन्होंने हार के बाद गुस्से में पोस्ट की थी, लेकिन बाद में तुरंत डिलीट कर दी।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और फीफा प्रमुख जियानी इन्फेंटिनो ने म्बाप्पे का समर्थन किया और अमरिला की टिप्पणियों को नस्लभेदी बताया।
अमरिला ने माफी न मिलने पर जेंडर-आधारित हिंसा के तहत कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमरिला ने फ्रांसीसी फुटबॉल कप्तान काइलियन म्बाप्पे को एक खुला पत्र लिखकर उनसे अपनी विवादित टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी माँगने की माँग की है। अमरिला ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि म्बाप्पे ने अपने बयान वापस नहीं लिए, तो वे उनके खिलाफ जेंडर-आधारित हिंसा के आरोप में कानूनी कार्रवाई करेंगी।

विवाद की पृष्ठभूमि

फीफा विश्व कप के अंतिम-16 दौर में फ्रांस के हाथों पैराग्वे की हार के बाद सीनेटर अमरिला ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कुछ टिप्पणियाँ पोस्ट की थीं। इसके जवाब में म्बाप्पे ने लिखा, 'आप एक घटिया महिला हैं और अपने पद के लायक नहीं हैं। आप पैराग्वे का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं, वह देश जिसने पूरी प्रतियोगिता में जोश और सम्मान दिखाया है।' म्बाप्पे की इस प्रतिक्रिया ने विवाद को नया मोड़ दे दिया।

सीनेटर का पक्ष और पत्र की मुख्य बातें

सोशल मीडिया पर साझा अपने पत्र में अमरिला ने स्वीकार किया कि उन्होंने हार के बाद 'गुस्से में' कुछ आपत्तिजनक पोस्ट की थीं, लेकिन जैसे ही उन्हें एहसास हुआ कि वे 'वही बर्ताव दोहरा रही हैं जिससे उन्हें नफरत है', उन्होंने उन्हें तुरंत हटा दिया। उन्होंने लिखा, 'मेरे पोस्ट उस समय के गुस्से में लिखे गए थे, जब मेरा खून खौल रहा था — एक मिली-जुली विरासत का खून, स्वदेशी और स्पेनिश वंश का एक सुंदर मिश्रण जो मेरी रगों में दौड़ता है।'

उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने वे पोस्ट तब लिखी थीं जब म्बाप्पे पैराग्वे के खिलाड़ियों का मज़ाक उड़ा रहे थे, जो 'आखिरी सीटी बजने तक बराबरी से लड़े थे।' उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें तुरंत पछतावा हुआ और इसीलिए उन्होंने पोस्ट डिलीट कर दी।

अमरिला की कानूनी चेतावनी

सीनेटर अमरिला ने म्बाप्पे की 'घटिया औरत' वाली टिप्पणी को जेंडर-आधारित हिंसा और राजनीतिक हिंसा करार देते हुए कहा, 'आप मुझे नहीं जानते। आपको नहीं पता कि मैं कौन हूँ, और आपको यह कहने का कोई हक नहीं है कि मैं एक घटिया औरत हूँ।' उन्होंने अपनी लोकतांत्रिक वैधता का हवाला देते हुए कहा कि वे पैराग्वे राष्ट्र की एक निर्वाचित सीनेटर हैं और हजारों पुरुषों-महिलाओं ने उन्हें अपनी आवाज़ मानकर वोट दिया है।

उन्होंने अपनी माँग स्पष्ट शब्दों में रखी: 'अपने बयान वापस लो, अपनी फ्रेंच नागरिकता का सम्मान करो, और माफी माँगो। नहीं तो, मैं जेंडर-आधारित हिंसा के लिए कानूनी कार्रवाई कर सकती हूँ।'

मैक्रों और इन्फेंटिनो का समर्थन

इस पूरे विवाद में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और फीफा प्रमुख जियानी इन्फेंटिनो म्बाप्पे के साथ खड़े नज़र आए। मैक्रों ने एक्स पर लिखा, 'काइलियन म्बाप्पे का एक और गोल। इस बार नस्लवाद के खिलाफ। मेरा पूरा समर्थन। जब शब्द गलत होते हैं, तो हमारे मूल्य जवाब देते हैं — इज्जत, सम्मान, भाईचारा।'

इन्फेंटिनो ने कहा, 'मैं पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमरिला के काइलियन म्बाप्पे के लिए किए गए नस्लभेदी कमेंट्स की पूरी तरह से निंदा करता हूँ। पूरा फुटबॉल और समाज फ्रांस के कप्तान के साथ एकजुटता में खड़ा है।'

आगे क्या होगा

यह विवाद अब केवल खेल के मैदान तक सीमित नहीं रहा — यह कूटनीतिक और कानूनी आयाम ले चुका है। सीनेटर अमरिला की लिबरल रेडिकल पार्टी की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यदि कानूनी कार्रवाई की जाती है तो यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और जटिल हो सकता है। म्बाप्पे की ओर से भी अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी परतें कहीं गहरी हैं — यह उस बड़े सवाल को उठाता है कि खेल के मैदान पर नस्लीय गाली और राजनीतिक आलोचना के बीच की रेखा कहाँ खींची जाए। अमरिला ने अपनी पोस्ट हटाकर जवाबदेही दिखाई, लेकिन म्बाप्पे की प्रतिक्रिया — जो एक निर्वाचित प्रतिनिधि को सार्वजनिक रूप से 'अयोग्य' कहती है — पर मैक्रों और इन्फेंटिनो का बिना शर्त समर्थन यह संदेश देता है कि नस्लवाद के शिकार को किसी भी जवाब का अधिकार नहीं। जेंडर-आधारित हिंसा के कानूनी दाँव की व्यावहारिकता भले ही सीमित हो, लेकिन अमरिला ने एक महत्वपूर्ण बिंदु उठाया है: क्या एक वैश्विक खेल आइकन किसी महिला राजनेता को उसकी योग्यता पर सार्वजनिक रूप से आँकने का अधिकार रखता है?
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पैराग्वे सीनेटर सेलेस्टे अमरिला और म्बाप्पे के बीच विवाद क्या है?
फीफा विश्व कप के अंतिम-16 में फ्रांस से पैराग्वे की हार के बाद सीनेटर अमरिला ने एक्स पर कुछ टिप्पणियाँ पोस्ट की थीं, जिन्हें बाद में उन्होंने हटा दिया। इसके जवाब में म्बाप्पे ने उन्हें 'घटिया महिला और पद के अयोग्य' कहा, जिसके बाद अमरिला ने माफी या कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
सीनेटर अमरिला ने म्बाप्पे से क्या माँग की है?
अमरिला ने म्बाप्पे से सार्वजनिक रूप से अपने बयान वापस लेने और माफी माँगने की माँग की है। उन्होंने कहा है कि माफी न मिलने पर वे जेंडर-आधारित हिंसा के तहत कानूनी कार्रवाई करेंगी।
अमरिला ने अपनी पोस्ट क्यों डिलीट की थी?
अमरिला ने स्वीकार किया कि उन्होंने हार के बाद गुस्से में आपत्तिजनक पोस्ट की थी, लेकिन जैसे ही उन्हें एहसास हुआ कि वे 'वही बर्ताव दोहरा रही हैं जिससे उन्हें नफरत है', उन्होंने तुरंत उन्हें हटा दिया। उन्होंने इसे अपनी जवाबदेही का हिस्सा बताया।
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों और फीफा प्रमुख इन्फेंटिनो ने क्या कहा?
मैक्रों ने एक्स पर म्बाप्पे को 'नस्लवाद के खिलाफ एक और गोल' करने पर पूरा समर्थन दिया। इन्फेंटिनो ने अमरिला की टिप्पणियों को नस्लभेदी बताते हुए पूरे फुटबॉल जगत की म्बाप्पे के साथ एकजुटता की घोषणा की।
इस विवाद में जेंडर-आधारित हिंसा का कानूनी पहलू क्या है?
सीनेटर अमरिला का कहना है कि म्बाप्पे द्वारा एक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि को सार्वजनिक रूप से 'अयोग्य' और 'घटिया' कहना जेंडर-आधारित और राजनीतिक हिंसा है। उन्होंने इस आधार पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है, हालाँकि अभी तक कोई औपचारिक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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