एम्बाप्पे का पराग्वे सीनेटर पर पलटवार: 'आप घृणित हैं, अपने पद के योग्य नहीं', एफएफएफ ने दर्ज कराई शिकायत
सारांश
मुख्य बातें
फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे और फ्रेंच फुटबॉल महासंघ (एफएफएफ) ने 7 जुलाई 2026 को पराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमारिला द्वारा की गई नस्लीय टिप्पणियों की कड़ी निंदा की। यह विवाद फीफा विश्व कप 2026 के प्री-क्वार्टरफाइनल में फ्रांस की पराग्वे पर 1-0 की जीत के बाद उस समय भड़का, जब अमारिला ने एम्बाप्पे की मूल उत्पत्ति को लेकर सोशल मीडिया मंच एक्स पर आपत्तिजनक टिप्पणी की।
एम्बाप्पे ने क्या कहा
एम्बाप्पे ने सीनेटर को सीधे संबोधित करते हुए कहा, 'आप एक घृणित महिला हैं और अपने पद के योग्य नहीं हैं। आप पराग्वे का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं, उस देश का जिसने पूरे टूर्नामेंट में जुनून और सम्मान के साथ खेला।'
उन्होंने आगे कहा, 'आपकी गैर-जिम्मेदाराना हरकत और खुलेआम किए गए नस्लवाद के कारण पूरी दुनिया अब उस ऐतिहासिक सफर और शानदार प्रदर्शन को भूल चुकी है, जो पराग्वे के खिलाड़ियों ने इस विश्व कप में किया। उसकी जगह अब एक अयोग्य महिला की छवि सामने है, जो अपने देश की सबसे खराब तस्वीर पेश कर रही है।' एम्बाप्पे ने स्पष्ट किया कि वे 'कभी भी ऐसे लोगों को दुनिया भर में नफरत और नस्लवाद फैलाने की आजादी नहीं देंगे।'
एफएफएफ की कानूनी कार्रवाई
फ्रेंच फुटबॉल महासंघ ने अमारिला की टिप्पणियों को 'पूरी तरह घृणित और अस्वीकार्य' करार दिया। महासंघ ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'कोई इस तरह की बातें कैसे कर सकता है? ये टिप्पणियाँ आपराधिक और निंदनीय हैं। इन पर यहाँ और अन्य जगहों पर भी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।'
एफएफएफ ने घोषणा की कि वह न्यायिक कार्रवाई के उद्देश्य से अभियोजक कार्यालय में शिकायत दर्ज करा रहा है। महासंघ ने यह भी स्पष्ट किया कि फ्रांस की राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ी पूरे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं और ऐसी टिप्पणियाँ राष्ट्रीय अपमान के समान हैं।
पराग्वे सरकार की प्रतिक्रिया
पराग्वे सरकार ने भी लिबरल रेडिकल पार्टी की सीनेटर अमारिला की टिप्पणियों से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया। सरकार के आधिकारिक बयान में कहा गया, 'पराग्वे गणराज्य की सरकार फ्रांस की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के कप्तान किलियन एम्बाप्पे के खिलाफ सीनेटर सेलेस्टे अमारिला द्वारा की गई टिप्पणियों की निंदा और अस्वीकृति करती है।'
सरकार ने स्पष्ट किया कि सीनेटर के विचार 'पूरी तरह उनके व्यक्तिगत विचार हैं और किसी भी तरह से पराग्वे सरकार या पराग्वे की जनता की आधिकारिक राय का प्रतिनिधित्व नहीं करते।' साथ ही सरकार ने मानवाधिकारों, समानता और आपसी सम्मान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए 'नस्लवाद, विदेशी-विरोध, असहिष्णुता तथा किसी भी प्रकार की नफरत और भेदभाव' के खिलाफ अपना रुख स्पष्ट किया।
मैच का संदर्भ
गौरतलब है कि फीफा विश्व कप 2026 के प्री-क्वार्टरफाइनल में एम्बाप्पे ने पेनल्टी पर गोल दागकर टूर्नामेंट में अपना सातवाँ गोल पूरा किया। फ्रांस ने पराग्वे को 1-0 से हराकर क्वार्टरफाइनल में मोरक्को से मुकाबला तय किया। यह ऐसे समय में आया है जब फुटबॉल जगत में नस्लवाद-विरोधी अभियान तेज हो रहे हैं और फीफा भी इस दिशा में कड़े कदम उठाने का दावा करता है।
आगे क्या होगा
एफएफएफ की अभियोजक कार्यालय में शिकायत के बाद कानूनी प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। पराग्वे की संसद में भी सीनेटर अमारिला के खिलाफ आंतरिक कार्रवाई की माँग उठ सकती है। फ्रांस और पराग्वे के बीच राजनयिक संबंधों पर इस विवाद का असर अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन पराग्वे सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया ने तनाव कम करने की कोशिश की है।