क्या अखिल गोगोई नेताओं का मनोरंजन कर रहे हैं, उन्हें गंभीरता से नहीं लेना चाहिए?
सारांश
Key Takeaways
- अखिल गोगोई पर भाजपा के नेताओं के द्वारा गंभीर आरोप लगे हैं।
- मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गोगोई को मनोरंजन करने वाला नेता कहा है।
- गोगोई द्वारा लगाए गए आरोपों को किसी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
गुवाहाटी, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को रायजर दल के अध्यक्ष और शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि अखिल गोगोई अब सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से नेताओं का मनोरंजन करने वाले नेता बन चुके हैं और उन्हें गंभीरता से नहीं लेना चाहिए।
सीएम सरमा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वह अखिल गोगोई के फेसबुक लाइव को केवल मनोरंजन के लिए देखते हैं। असम के मुख्यमंत्री ने उन्हें सलाह दी कि वह फेसबुक पर लाइव आते रहें, ताकि लोगों का मनोरंजन होता रहे।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अखिल गोगोई द्वारा उठाए गए वोट चोरी के आरोपों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए वोटर लिस्ट का रिवीजन आवश्यक है। यदि किसी को लगता है कि किसी असली मतदाता का नाम सूची से छूट गया है, तो विपक्षी दलों को अपील करने का पूरा अधिकार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और अखिल गोगोई को हर मुद्दे को भाजपा पर हमले का राजनीतिक अवसर नहीं बनाना चाहिए।
दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले भाजपा के प्रवक्ता कमल कुमार मेधी ने भी अखिल गोगोई के आरोपों को मनगढ़ंत कहानियां बताकर खारिज किया था। मेधी ने कहा कि शुरुआत में कुछ लोग गोगोई की बातों से प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन समय ने बार-बार साबित किया है कि उनके आरोप सही नहीं होते। पिछले 20 वर्षों में अखिल गोगोई द्वारा लगाए गए ज्यादातर आरोप बेबुनियाद निकले हैं और अपने राजनीतिक फायदे के लिए गढ़ी गई कहानियां साबित हुए हैं।
मेधी ने यह भी आरोप लगाया कि राइजर दल के नेता को ऐसी कहानियां गढ़कर बार-बार जनता के सामने रखने की आदत हो गई है। तंज कसते हुए भाजपा नेता ने कहा कि अखिल गोगोई पहले अपने मन में काल्पनिक कहानियां बनाते हैं और फिर उन्हें लोगों और मीडिया के सामने पेश करते हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग भले ही पलभर के लिए इन बातों को सच मान लें, लेकिन अंततः सभी को समझ आ जाता है कि ये केवल मनगढ़ंत कहानियां हैं।
मेधी ने दावा किया कि इस तरह के बयानों के बार-बार दोहराए जाने के कारण अब लोग गोगोई की बातों को गंभीरता से नहीं लेते।
उन्होंने कहा, “आज बहुत से लोग ऐसे बयानों को सिर्फ मनोरंजन के तौर पर देखते हैं। यदि कहानी सुनाने की कोई प्रतियोगिता होती, तो वह आसानी से पहला स्थान हासिल कर लेते।”