जयशंकर ने सोलोमन द्वीपसमूह की स्वतंत्रता की 48वीं वर्षगांठ पर दी बधाई, द्विपक्षीय संबंधों की मिसाल
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार, 7 जुलाई को सोलोमन द्वीपसमूह की स्वतंत्रता की 48वीं वर्षगांठ पर वहाँ की सरकार और जनता को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर अपने समकक्ष, सोलोमन द्वीपसमूह के विदेश मंत्री रिकी नेल्सन होएनिपवेला, को विशेष रूप से बधाई दी और एक तस्वीर साझा की जो दोनों देशों के प्रगाढ़ द्विपक्षीय संबंधों को रेखांकित करती है।
जयशंकर का संदेश और साझा तस्वीर
जयशंकर ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'विदेश मंत्री रिकी नेल्सन होएनिपवेला, सोलोमन द्वीपसमूह की सरकार और वहाँ की जनता को स्वतंत्रता की 48वीं वर्षगांठ पर हार्दिक शुभकामनाएँ।' उनके साथ साझा की गई तस्वीर फरवरी 2025 की है, जब भारत ने सोलोमन द्वीपसमूह के नेशनल रेफरल हॉस्पिटल को एक डायलिसिस मशीन उपहार स्वरूप प्रदान की थी। यह तस्वीर दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य सहयोग का प्रतीक है।
राजनयिक संबंधों की पृष्ठभूमि
विदेश मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, भारत और सोलोमन द्वीपसमूह के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध मई 1987 में स्थापित हुए थे। 2003 में सोलोमन द्वीपसमूह ने नई दिल्ली में अपना मानद वाणिज्य दूतावास खोला। इसके बाद 16 मार्च 2023 को सोलोमन द्वीपसमूह का एक प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली में स्थायी राजनयिक मिशन स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए भारत पहुँचा था। पोर्ट मोरेस्बी स्थित भारतीय मिशन को सोलोमन द्वीपसमूह के लिए भी मान्यता प्राप्त है।
एक्ट ईस्ट नीति और FIPIC का महत्व
भारत की प्रशांत द्वीपीय देशों के साथ साझेदारी 'एक्ट ईस्ट नीति' के तहत लगातार सुदृढ़ होती रही है। इसी नीति के अंतर्गत भारत-प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (FIPIC) की स्थापना की गई। FIPIC की बैठकों में द्विपक्षीय साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिरता पर विशेष ज़ोर दिया जाता रहा है। 2025 के शिखर सम्मेलन में सोलोमन द्वीपसमूह की तत्कालीन विदेश मंत्री शेनेल अगोवाका ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत के सहयोग के लिए आभार जताया था।
भारत का सहयोग: स्वास्थ्य से रसद तक
अगोवाका ने विशेष रूप से डायलिसिस यूनिट की आपूर्ति, कोविड-19 महामारी के दौरान भारत के सहयोग और पैसिफिक गेम्स 2023 के आयोजन के लिए रसद सहायता का उल्लेख किया था। 2023 में आधिकारिक रूप से स्थापित नई दिल्ली स्थित सोलोमन द्वीपसमूह के उच्चायोग के संचालन में भी भारत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह सहयोग भारत की 'ग्लोबल साउथ' के प्रति प्रतिबद्धता का व्यावहारिक उदाहरण है।
आगे की राह
दोनों देशों के बीच बहुपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राजनीतिक सहयोग निरंतर जारी है। FIPIC के ढाँचे के भीतर भारत-प्रशांत क्षेत्र में भारत की सक्रिय भूमिका आने वाले वर्षों में और विस्तृत होने की संभावना है।