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राम मंदिर ट्रस्ट को ₹3,200 करोड़ की आय, ₹1,800 करोड़ शेष; कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने दी वित्तीय जानकारी

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राम मंदिर ट्रस्ट को ₹3,200 करोड़ की आय, ₹1,800 करोड़ शेष; कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने दी वित्तीय जानकारी

सारांश

राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने खुलासा किया कि ट्रस्ट को अब तक ₹3,200 करोड़ की आय हुई और ₹1,800 करोड़ शेष हैं। हाल के विवादों के बाद प्रबंधन में बदलाव शुरू, चंपत राय व अनिल मिश्रा के इस्तीफे मंजूर, और एसआईटी रिपोर्ट का इंतजार।

मुख्य बातें

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद से अब तक लगभग ₹3,200 करोड़ की आय प्राप्त हुई है।
विभिन्न व्ययों के बाद ट्रस्ट के पास करीब ₹1,800 करोड़ की राशि शेष है।
मंदिर प्रबंधक गोपाल राव को उनके पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू; चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे ट्रस्ट बैठक में मंजूर।
कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने चंपत राय पर आर्थिक अनियमितता के आरोपों को गलत बताया; कहा — कार्रवाई कार्यशैली पर, चरित्र पर नहीं।
चढ़ावा चोरी विवाद पर एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही टिप्पणी करने की बात कही।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने 7 जुलाई को बताया कि मंदिर निर्माण आरंभ होने के बाद से ट्रस्ट को अब तक कुल लगभग ₹3,200 करोड़ की आय प्राप्त हुई है, और विभिन्न निर्माण एवं संचालन व्ययों के बाद ट्रस्ट के पास अभी करीब ₹1,800 करोड़ की राशि शेष है। हाल के विवादों के बीच उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

मंदिर प्रबंधन में बदलाव

स्वामी गोविंद देव गिरि ने कहा कि मंदिर प्रबंधक के पद पर तैनात गोपाल राव को पहले ही सूचित किया जा चुका है कि वे अब यह जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल इस्तीफा देने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा — असली जरूरत कार्यप्रणाली में संरचनात्मक सुधार की है। आने वाले समय में ऐसी व्यवस्था लागू की जाएगी जिसमें पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों सुनिश्चित हों।

चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे

ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए जाने के सवाल पर स्वामी गोविंद देव गिरि ने कहा कि यह मामला केवल पद छोड़ने तक सीमित नहीं है। उन्होंने चंपत राय के साथ अपने दीर्घकालिक व्यक्तिगत संबंध का उल्लेख करते हुए कहा कि कार्रवाई उनकी कार्यशैली को लेकर हुई है, उनके चरित्र को लेकर नहीं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि चंपत राय को कार्यशैली में सुधार के लिए पहले भी कई बार सलाह दी गई थी।

आर्थिक अनियमितता के आरोपों के बारे में उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई चंपत राय पर वित्तीय गड़बड़ी का आरोप लगाता है, तो वे इसे सही नहीं मानते।

दान विवाद और एसआईटी जांच

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा पहले उठाए गए चढ़ावा चोरी के मुद्दे और कथित आरोपियों के संपर्कों से जुड़े सवाल पर स्वामी गोविंद देव गिरि ने कहा कि इस विषय पर वे विशेष जांच दल (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही कोई टिप्पणी करेंगे। गौरतलब है कि दान को लेकर जो भ्रम की स्थिति बनी थी, उसे दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

पारदर्शिता और समीक्षा की प्रतिबद्धता

स्वामी गोविंद देव गिरि ने कहा कि ट्रस्ट में लिए गए सभी फैसलों की समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए। उनके अनुसार, किसी भी संस्था में कार्यप्रणाली की समीक्षा एक सतत प्रक्रिया होती है और इससे व्यवस्था अधिक मजबूत बनती है। उन्होंने विश्वास जताया कि शीघ्र ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी और ट्रस्ट पहले की तरह बेहतर ढंग से काम करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

200 करोड़ की आय और ₹1,800 करोड़ की शेष राशि का यह खुलासा उस समय आया है जब ट्रस्ट की साख पर सवाल उठ रहे हैं — और महज आंकड़े जारी करना पारदर्शिता का विकल्प नहीं है। चंपत राय की कार्यशैली पर कार्रवाई और चरित्र की सफाई एक साथ देना एक असहज संतुलन है जो जवाबदेही की भावना को कमजोर करता है। एसआईटी रिपोर्ट से पहले टिप्पणी न करने का रुख सतर्क जरूर है, लेकिन सार्वजनिक विश्वास बहाल करने के लिए संरचनात्मक सुधार के ठोस ब्यौरे अभी भी अनुपस्थित हैं।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर ट्रस्ट को अब तक कितनी आय हुई है?
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि के अनुसार, मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद से ट्रस्ट को लगभग ₹3,200 करोड़ की आय प्राप्त हुई है। विभिन्न निर्माण और संचालन कार्यों पर खर्च के बाद ट्रस्ट के पास करीब ₹1,800 करोड़ शेष हैं।
चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे क्यों हुए?
ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे मंजूर किए गए। कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि के अनुसार यह कार्रवाई चंपत राय की कार्यशैली को लेकर हुई, उनके चरित्र को लेकर नहीं, और उन्हें पहले भी कई बार सुधार की सलाह दी गई थी।
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच कहां तक पहुंची है?
इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) जांच कर रही है। कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा है कि वे एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही इस विषय पर कोई टिप्पणी करेंगे।
ट्रस्ट में पारदर्शिता के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
गोविंद देव गिरि के अनुसार, ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मंदिर प्रबंधक गोपाल राव को उनके पद से हटाया जा रहा है और आने वाले समय में अधिक प्रभावी व जवाबदेह व्यवस्था लागू की जाएगी।
क्या चंपत राय पर आर्थिक अनियमितता के आरोप सही हैं?
कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई चंपत राय पर आर्थिक अनियमितता का आरोप लगाता है, तो वे इसे सही नहीं मानते। उन्होंने कहा कि कार्रवाई केवल कार्यशैली से जुड़ी है।
राष्ट्र प्रेस
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