चंपत राय के इस्तीफे पर अयोध्या संत समाज का समर्थन, श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट से अपील
सारांश
मुख्य बातें
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे को लेकर उठे विवाद के बीच अयोध्या के संत समाज ने 5 जुलाई 2025 को खुलकर उनके पक्ष में मोर्चा संभाल लिया। संतों ने शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में ट्रस्ट से आग्रह किया कि चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार न किया जाए और उन पर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार करार दिया।
संत समाज का स्पष्ट समर्थन
प्रेस वार्ता में संतों ने कहा कि चंपत राय दशकों से राम मंदिर आंदोलन और मंदिर निर्माण से जुड़े रहे हैं। उनका सार्वजनिक जीवन पारदर्शिता और समर्पण का रहा है। संतों के अनुसार उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और इससे उनकी छवि को अनावश्यक रूप से नुकसान पहुँचाने की कोशिश की जा रही है।
संत समाज ने यह भी कहा कि विवाद के दौरान चंपत राय ने पूर्ण संयम बनाए रखा और सार्वजनिक रूप से किसी प्रकार की बयानबाज़ी से परहेज किया — जो उनकी परिपक्वता और निष्ठा का प्रमाण है।
एसआईटी जाँच का स्वागत
संतों ने इस बात पर विशेष ज़ोर दिया कि चंपत राय ने स्वयं मामले की एसआईटी जाँच कराने का आग्रह किया था, जो यह दर्शाता है कि उन्हें जाँच से कोई परहेज नहीं है। सरकार द्वारा एसआईटी गठित किए जाने के फैसले का भी संत समाज ने स्वागत किया और कहा कि जाँच पूरी होने पर सभी तथ्य स्वतः सामने आ जाएंगे।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष से सवाल
प्रेस वार्ता में संतों ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरि पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि मंदिर कोष की सुरक्षा व्यवस्था में पर्याप्त सतर्कता क्यों नहीं बरती गई। इसके अलावा संतों ने यह भी जानना चाहा कि प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक निर्धारित समय से पहले क्यों बुलाई गई और इसके पीछे क्या कारण था।
आम जनता और श्रद्धालुओं पर असर
संत समाज ने ट्रस्ट से इन सभी सवालों पर स्पष्ट जवाब देने की माँग की। उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इससे जुड़े हर मुद्दे पर पारदर्शिता बनाए रखना अनिवार्य है, ताकि किसी प्रकार का भ्रम या अनावश्यक विवाद उत्पन्न न हो।
आगे क्या होगा
अब सभी की निगाहें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अगली बैठक पर टिकी हैं, जहाँ चंपत राय के इस्तीफे पर अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है। एसआईटी की जाँच रिपोर्ट भी इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।