भाग्यश्री का ट्रोल्स को जवाब: 'काशी में बनारसी लस्सी प्रमोट करना शर्म की बात नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री भाग्यश्री ने वाराणसी (काशी) यात्रा के दौरान एक स्थानीय लस्सी विक्रेता के यहाँ बनारसी लस्सी का प्रचार करने पर उठे विवाद का सीधा जवाब दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि लोकल फूड और छोटे विक्रेताओं को बढ़ावा देना न केवल उचित है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी ज़रूरी है।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई
हाल ही में भाग्यश्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह वाराणसी के एक स्थानीय लस्सी विक्रेता के यहाँ कुल्हड़ में बनारसी लस्सी का आनंद लेती दिख रही थीं। इसके बाद कुछ उपयोगकर्ताओं ने दावा किया कि शूटिंग के बाद उन्होंने लस्सी नहीं पी और इसकी वजह लस्सी में अधिक चीनी और वसा होना बताया। इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं।
भाग्यश्री का पक्ष
भाग्यश्री ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट के ज़रिए अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि वह सुबह 3 बजे से मंगला आरती में शामिल हुई थीं और इसके बाद 40 डिग्री तापमान में गंगा घाटों पर पैदल घूमीं, जिसके बाद कुल्हड़ में लस्सी उनके लिए ऊर्जा का आदर्श स्रोत बनी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दही कैल्शियम, प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स से भरपूर होता है, जबकि चीनी या गुड़ ऊर्जा देता है और पानी शरीर को हाइड्रेट रखता है। उन्होंने माना कि मधुमेह के मरीजों के लिए मीठी लस्सी उचित नहीं हो सकती, लेकिन यह पूरी तरह व्यक्तिगत पसंद का विषय है।
वायरल क्लिप पर सीधी प्रतिक्रिया
अधूरे वीडियो के आधार पर किए गए दावों को भाग्यश्री ने सीधे चुनौती दी। उन्होंने कहा, 'क्या आप वहाँ मौजूद थे? क्या किसी ने मुझे यह कहते सुना कि लस्सी बहुत मीठी है और मैं इसे नहीं पिऊँगी? आधी जानकारी और अधूरा वीडियो साझा करना ही असली फर्जीवाड़ा है।'
लोकल फूड प्रमोशन पर रुख
भाग्यश्री ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'लोकल फूड को प्रमोट करने से कोई पैसे नहीं कमाता। इससे सिर्फ स्थानीय खाने और छोटे विक्रेताओं को समर्थन मिलता है। यह शर्म की बात है कि कुछ खाली दिमाग वाले लोग इतनी साधारण बातों में भी नकारात्मकता ढूंढ लेते हैं। काशी जैसी पवित्र जगह के सामने आपकी बेवजह की आलोचना बेहद महत्वहीन है।'
यह ऐसे समय में आया है जब कई सेलिब्रिटी लोकल और स्ट्रीट फूड को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग कर रहे हैं — एक प्रवृत्ति जिसे कभी-कभी 'प्रामाणिकता' के सवालों का सामना करना पड़ता है। भाग्यश्री का यह जवाब उस बहस में एक नया आयाम जोड़ता है।