भारत का UPI इंडोनेशिया के पेमेंट सिस्टम से जुड़ेगा, मोदी-प्राबोवो ने किए दर्जन भर समझौते
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 जुलाई को जकार्ता में घोषणा की कि भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) इंडोनेशिया के राष्ट्रीय पेमेंट सिस्टम से जोड़ा जाएगा, जिससे भारतीय यात्री और कारोबारी अपने स्थानीय पेमेंट ऐप के ज़रिए सीधे इंडोनेशिया में भुगतान कर सकेंगे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई यह घोषणा दोनों देशों के बीच हुए करीब एक दर्जन द्विपक्षीय समझौतों का हिस्सा है।
UPI लिंकेज: क्या बदलेगा
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, 'हमें खुशी है कि भारत का UPI इंडोनेशिया के पेमेंट सिस्टम के साथ जुड़ने जा रहा है। इससे कारोबार करने और यात्रा करने, दोनों में आसानी होगी।' यह एकीकरण भारत-इंडोनेशिया के बीच डिजिटल वित्तीय कनेक्टिविटी को नई ऊँचाई देगा और क्रॉस-बॉर्डर लेनदेन को सस्ता व तेज़ बनाएगा।
गौरतलब है कि भारत पहले ही सिंगापुर, मलेशिया, UAE, फ्रांस और कई अन्य देशों के साथ UPI इंटरऑपरेबिलिटी स्थापित कर चुका है। इंडोनेशिया के साथ यह जुड़ाव आसियान क्षेत्र में भारत के डिजिटल पेमेंट नेटवर्क के विस्तार की दिशा में अगला बड़ा कदम है।
आपूर्ति श्रृंखला और रणनीतिक उद्योग
मोदी ने कहा, 'आज के दौर में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आपूर्ति श्रृंखला की मज़बूती बहुत अहम है। अहम मिनरल्स और स्टील सेक्टर में आपूर्ति श्रृंखला को और मज़बूत करने के लिए भी एक अहम समझौता हुआ है। स्टेनलेस स्टील और रेयर-अर्थ मैग्नेट को लेकर हमारी कंपनियों के बीच नई साझेदारियाँ बन रही हैं।' यह समझौता ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर रेयर-अर्थ खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला पर भू-राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है और भारत अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है।
दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और सहयोग के लिए एक संयुक्त फ्रेमवर्क को भी अंतिम रूप दिया, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है।
अंतरिक्ष, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग
पीएम मोदी ने बताया कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) इंडोनेशिया के अंतरिक्ष क्षेत्र की क्षमता बढ़ाने और शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बाहरी अंतरिक्ष की खोज में सहयोग करेगा। शिक्षा के मोर्चे पर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बेंगलुरु (IIM-B) इंडोनेशिया के मलंग स्थित सिंघासारी स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) में अपना अंतरराष्ट्रीय कैंपस स्थापित करेगा। यह कदम भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है और पूरे आसियान क्षेत्र के युवाओं को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
सांस्कृतिक मोर्चे पर, दोनों नेताओं ने योग्याकार्ता में प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण प्रोजेक्ट की शुरुआत करने पर सहमति जताई। मोदी ने कहा, 'एक हज़ार साल से भी ज़्यादा पुराना प्रम्बानन मंदिर भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।'
टैगोर-देवान्तारा वर्ष की घोषणा
दोनों देश गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की इंडोनेशिया की ऐतिहासिक यात्रा की शताब्दी को 'सांस्कृतिक और शैक्षिक कूटनीति के टैगोर-देवान्तारा वर्ष' के रूप में मनाएंगे, जो दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों को नई पहचान देगा।
आगे की राह
पीएम मोदी ने कहा, 'मुझे विश्वास है कि आज से भारत-इंडोनेशिया साझेदारी का एक सुनहरा अध्याय शुरू होगा। इस सुनहरे अध्याय का 21वीं सदी की दुनिया पर बहुत बड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।' UPI लिंकेज की तकनीकी रूपरेखा और IIM-B कैंपस की स्थापना की समयसीमा अगले चरण में स्पष्ट होने की उम्मीद है।