यूपीआई का साइप्रस तक विस्तार, 2026 से शुरू होंगी डिजिटल पेमेंट सेवाएं; मोदी दौरे का बड़ा नतीजा
सारांश
मुख्य बातें
भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का यूरोप में एक और विस्तार होने जा रहा है — विदेश मंत्रालय ने 22 मई 2025 को पुष्टि की कि साइप्रस में यूपीआई सेवाएं 2026 से शुरू हो जाएंगी। यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 15-16 जून 2025 की साइप्रस यात्रा के ठोस कूटनीतिक परिणामों में से एक है।
समझौते की पृष्ठभूमि
एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) और यूरोबैंक साइप्रस के बीच एक एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिसका उद्देश्य भारत के रियल-टाइम पेमेंट प्लेटफॉर्म के माध्यम से क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट को सरल बनाना है। विदेश सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि यह रोलआउट पीएम मोदी की भूमध्यसागरीय यात्रा के दौरान हुई बातचीत का प्रत्यक्ष परिणाम है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी दो दशकों से अधिक समय में साइप्रस की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। इस यात्रा के दौरान उन्होंने साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स के साथ व्यापार, निवेश, समुद्री सुरक्षा, रक्षा, वित्तीय कनेक्टिविटी, तकनीक, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर विस्तृत चर्चा की।
द्विपक्षीय सहयोग का दायरा
दोनों नेताओं ने लिमासोल शहर में एक बिज़नेस राउंडटेबल में भाग लिया और डेलिगेशन स्तर की वार्ता की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देश 2025-29 के लिए एक व्यापक संयुक्त कार्रवाई योजना तैयार करने पर सहमत हुए हैं, जो भविष्य के द्विपक्षीय सहयोग की दिशा तय करेगी।
सिबी जॉर्ज ने यह भी बताया कि इस यात्रा का महत्व इसलिए और बढ़ जाता है क्योंकि यह साइप्रस की यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता के कार्यकाल के साथ मेल खाती है। इसके अलावा, साइप्रस ने मुंबई में एक ट्रेड ऑफिस खोलने की योजना जताई है और क्रॉस-बॉर्डर आतंकवाद के खिलाफ भारत के प्रयासों में अपना समर्थन दोहराया है।
यूपीआई की बढ़ती वैश्विक उपस्थिति
साइप्रस में यह विस्तार यूपीआई की अंतरराष्ट्रीय पहुंच में एक और मील का पत्थर है। इससे पहले फ्रांस यूपीआई अपनाने वाला पहला यूरोपीय देश बना था, जहाँ फरवरी 2024 में एफिल टॉवर पर इस सेवा की शुरुआत हुई थी। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, श्रीलंका, मॉरिशस, नेपाल, भूटान और ओमान जैसे देश पहले से ही यूपीआई-आधारित लेनदेन या सहयोग में शामिल हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब NIPL ने पेरू, नामीबिया और त्रिनिदाद और टोबैगो के साथ भी समझौते किए हैं, ताकि उन देशों में यूपीआई जैसे डिजिटल भुगतान प्रणाली विकसित करने में सहायता मिल सके।
आगे की राह
साइप्रस में यूपीआई सेवाओं के 2026 में शुरू होने की उम्मीद है। यह कदम न केवल भारतीय पर्यटकों और प्रवासियों के लिए डिजिटल भुगतान को सुलभ बनाएगा, बल्कि यूरोप में भारत की फिनटेक कूटनीति को भी मज़बूत करेगा। दोनों देशों के बीच 2025-29 की संयुक्त कार्रवाई योजना इस साझेदारी को और गहराई देने का काम करेगी।