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यूपीआई का साइप्रस तक विस्तार, 2026 से शुरू होंगी डिजिटल पेमेंट सेवाएं; मोदी दौरे का बड़ा नतीजा

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यूपीआई का साइप्रस तक विस्तार, 2026 से शुरू होंगी डिजिटल पेमेंट सेवाएं; मोदी दौरे का बड़ा नतीजा

सारांश

भारत का यूपीआई अब साइप्रस तक पहुंचने की तैयारी में है — 2026 से सेवाएं शुरू होंगी। NIPL और यूरोबैंक साइप्रस के बीच एमओयू, पीएम मोदी की जून 2025 की ऐतिहासिक साइप्रस यात्रा का सीधा नतीजा है। फ्रांस के बाद साइप्रस यूपीआई अपनाने वाला दूसरा यूरोपीय देश बनेगा।

मुख्य बातें

विदेश मंत्रालय ने 22 मई 2025 को पुष्टि की कि साइप्रस में यूपीआई सेवाएं 2026 से शुरू होंगी।
NIPL और यूरोबैंक साइप्रस के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, क्रॉस-बॉर्डर डिजिटल पेमेंट को सुलभ बनाने के लिए।
PM मोदी 15-16 जून 2025 को साइप्रस गए — दो दशकों से अधिक समय में यह यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री।
दोनों देश 2025-29 के लिए संयुक्त कार्रवाई योजना पर काम करने को सहमत।
फ्रांस के बाद साइप्रस यूपीआई अपनाने वाला दूसरा यूरोपीय देश बनेगा; फरवरी 2024 में एफिल टॉवर पर फ्रांस में सेवा शुरू हुई थी।
NIPL ने पेरू, नामीबिया और त्रिनिदाद और टोबैगो के साथ भी यूपीआई जैसे सिस्टम बनाने के समझौते किए हैं।

भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का यूरोप में एक और विस्तार होने जा रहा है — विदेश मंत्रालय ने 22 मई 2025 को पुष्टि की कि साइप्रस में यूपीआई सेवाएं 2026 से शुरू हो जाएंगी। यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 15-16 जून 2025 की साइप्रस यात्रा के ठोस कूटनीतिक परिणामों में से एक है।

समझौते की पृष्ठभूमि

एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) और यूरोबैंक साइप्रस के बीच एक एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिसका उद्देश्य भारत के रियल-टाइम पेमेंट प्लेटफॉर्म के माध्यम से क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट को सरल बनाना है। विदेश सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि यह रोलआउट पीएम मोदी की भूमध्यसागरीय यात्रा के दौरान हुई बातचीत का प्रत्यक्ष परिणाम है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी दो दशकों से अधिक समय में साइप्रस की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। इस यात्रा के दौरान उन्होंने साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स के साथ व्यापार, निवेश, समुद्री सुरक्षा, रक्षा, वित्तीय कनेक्टिविटी, तकनीक, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर विस्तृत चर्चा की।

द्विपक्षीय सहयोग का दायरा

दोनों नेताओं ने लिमासोल शहर में एक बिज़नेस राउंडटेबल में भाग लिया और डेलिगेशन स्तर की वार्ता की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देश 2025-29 के लिए एक व्यापक संयुक्त कार्रवाई योजना तैयार करने पर सहमत हुए हैं, जो भविष्य के द्विपक्षीय सहयोग की दिशा तय करेगी।

सिबी जॉर्ज ने यह भी बताया कि इस यात्रा का महत्व इसलिए और बढ़ जाता है क्योंकि यह साइप्रस की यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता के कार्यकाल के साथ मेल खाती है। इसके अलावा, साइप्रस ने मुंबई में एक ट्रेड ऑफिस खोलने की योजना जताई है और क्रॉस-बॉर्डर आतंकवाद के खिलाफ भारत के प्रयासों में अपना समर्थन दोहराया है।

यूपीआई की बढ़ती वैश्विक उपस्थिति

साइप्रस में यह विस्तार यूपीआई की अंतरराष्ट्रीय पहुंच में एक और मील का पत्थर है। इससे पहले फ्रांस यूपीआई अपनाने वाला पहला यूरोपीय देश बना था, जहाँ फरवरी 2024 में एफिल टॉवर पर इस सेवा की शुरुआत हुई थी। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, श्रीलंका, मॉरिशस, नेपाल, भूटान और ओमान जैसे देश पहले से ही यूपीआई-आधारित लेनदेन या सहयोग में शामिल हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब NIPL ने पेरू, नामीबिया और त्रिनिदाद और टोबैगो के साथ भी समझौते किए हैं, ताकि उन देशों में यूपीआई जैसे डिजिटल भुगतान प्रणाली विकसित करने में सहायता मिल सके।

आगे की राह

साइप्रस में यूपीआई सेवाओं के 2026 में शुरू होने की उम्मीद है। यह कदम न केवल भारतीय पर्यटकों और प्रवासियों के लिए डिजिटल भुगतान को सुलभ बनाएगा, बल्कि यूरोप में भारत की फिनटेक कूटनीति को भी मज़बूत करेगा। दोनों देशों के बीच 2025-29 की संयुक्त कार्रवाई योजना इस साझेदारी को और गहराई देने का काम करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि वहाँ कितने उपयोगकर्ता और व्यापारी वास्तव में इसे अपनाते हैं। फ्रांस में एफिल टॉवर पर लॉन्च की चमक के बावजूद, यूरोप में यूपीआई की व्यावहारिक स्वीकार्यता अभी सीमित है। साइप्रस की यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता एक रणनीतिक अवसर ज़रूर है, लेकिन बिना व्यापक मर्चेंट नेटवर्क और उपभोक्ता जागरूकता के, यह एमओयू महज़ एक कागज़ी समझौता बनकर रह सकता है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साइप्रस में यूपीआई सेवाएं कब से शुरू होंगी?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, साइप्रस में यूपीआई सेवाएं 2026 से शुरू होने की उम्मीद है। यह NIPL और यूरोबैंक साइप्रस के बीच हुए एमओयू पर आधारित है।
साइप्रस में यूपीआई लाने के लिए किस कंपनी ने समझौता किया?
एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) और यूरोबैंक साइप्रस के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। इसका मकसद भारत के रियल-टाइम पेमेंट प्लेटफॉर्म के ज़रिए क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट को आसान बनाना है।
PM मोदी की साइप्रस यात्रा क्यों ऐतिहासिक मानी जा रही है?
PM मोदी 15-16 जून 2025 को साइप्रस गए और दो दशकों से अधिक समय में वहाँ जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। इस यात्रा में व्यापार, रक्षा, तकनीक और वित्तीय कनेक्टिविटी पर व्यापक द्विपक्षीय चर्चा हुई।
यूरोप में यूपीआई अपनाने वाला पहला देश कौन सा था?
फ्रांस यूपीआई अपनाने वाला पहला यूरोपीय देश बना, जहाँ फरवरी 2024 में एफिल टॉवर पर इस सेवा की शुरुआत की गई थी। साइप्रस इसे अपनाने वाला दूसरा यूरोपीय देश बनेगा।
यूपीआई अभी और किन देशों में उपलब्ध है?
यूपीआई-आधारित लेनदेन या सहयोग संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, श्रीलंका, मॉरिशस, नेपाल, भूटान और ओमान में पहले से शुरू हो चुके हैं। इसके अलावा NIPL ने पेरू, नामीबिया और त्रिनिदाद और टोबैगो के साथ यूपीआई जैसी प्रणाली विकसित करने के समझौते किए हैं।
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