बिहार राजस्व न्यायालयों में भौतिक दस्तावेज बंद, अब केवल RCMS पोर्टल पर ऑनलाइन साक्ष्य मान्य: दिलीप जायसवाल
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार ने 7 जुलाई 2026 को राजस्व न्यायालयों में एक निर्णायक डिजिटल सुधार लागू किया है — अब किसी भी राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (RCMS) के तहत दर्ज मामले में पक्षकारों से भौतिक दस्तावेज या साक्ष्य स्वीकार नहीं किए जाएंगे। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर जारी इस आदेश के अनुसार, सभी साक्ष्य केवल RCMS पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे और उन्हीं के आधार पर मामलों का निपटारा होगा।
मुख्य घटनाक्रम
विभाग के सचिव जय सिंह ने राज्य के सभी समाहर्ताओं, अपर समाहर्ताओं, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं और अंचल अधिकारियों को आदेश जारी किया है कि इस व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। विभाग ने पाया था कि कुछ स्थानों पर सुनवाई के दौरान पक्षकारों से भौतिक दस्तावेज लिए जा रहे थे, जो RCMS की निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन है। इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से ऐसी प्रथा पर रोक लगा दी गई है।
मंत्री की प्रतिक्रिया
मंत्री डॉ. जायसवाल ने कहा, 'बिहार सरकार राजस्व न्यायालयों को पूरी तरह पारदर्शी, तकनीक आधारित और नागरिक हितैषी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। RCMS की व्यवस्था का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को ऑनलाइन, जवाबदेह और भ्रष्टाचारमुक्त बनाना है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सुनवाई के दौरान अतिरिक्त दस्तावेजों की आवश्यकता होगी, तो पक्षकारों को केवल RCMS पोर्टल पर ही उन्हें अपलोड करने के निर्देश दिए जाएंगे।
आम जनता पर असर
विभाग के अनुसार, इस नई व्यवस्था से न्यायिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और दस्तावेजों में छेड़छाड़ या विवाद की संभावना समाप्त होगी। सभी अभिलेख सुरक्षित डिजिटल स्वरूप में संरक्षित रहेंगे। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवाद संबंधी मामलों में आम नागरिकों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं — नई प्रणाली से समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
क्या होगा आगे
सभी राजस्व न्यायालय अब केवल पोर्टल पर उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर ही निर्णय देंगे। गौरतलब है कि यह कदम बिहार में डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली पर नागरिकों का भरोसा और मजबूत करना है।