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SIR का विरोध करने वाली सरकारें मिटेंगी: बिहार मंत्री दिलीप जायसवाल की कड़ी चेतावनी

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SIR का विरोध करने वाली सरकारें मिटेंगी: बिहार मंत्री दिलीप जायसवाल की कड़ी चेतावनी

सारांश

बिहार मंत्री दिलीप जायसवाल ने SIR के विरोधियों को खुली चेतावनी दी — 'जहाँ विरोध, वहाँ सरकार का सफाया।' राहुल गांधी और ममता बनर्जी को उदाहरण बनाते हुए उन्होंने चुनाव आयोग की प्रक्रिया को पूरी तरह उचित ठहराया। बयान राष्ट्रीय राजनीति में SIR विवाद को नई धार दे रहा है।

मुख्य बातें

बिहार मंत्री दिलीप जायसवाल ने 14 जून 2025 को किशनगंज में SIR विरोधियों को चेतावनी दी कि जहाँ विरोध होगा, वहाँ की सरकार का सफाया होगा।
उन्होंने राहुल गांधी और ममता बनर्जी को उदाहरण देते हुए कहा कि SIR विरोध राजनीतिक रूप से उल्टा पड़ा।
मंत्री ने चुनाव आयोग (ECI) की SIR प्रक्रिया का समर्थन करते हुए कहा — मृत मतदाताओं को हटाना गलत नहीं।
BJP युवा मोर्चा द्वारा मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर किशनगंज में आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
मंत्री ने 140 करोड़ देशवासियों के विश्वास का हवाला देते हुए मोदी सरकार की उपलब्धियों को ऐतिहासिक बताया।

बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने 14 जून 2025 को किशनगंज में चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया का विरोध करने वाले दलों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जहाँ-जहाँ वोटर लिस्ट सुधार का विरोध होगा, वहाँ की सरकार का सफाया हो जाएगा। यह बयान झारखंड सहित कई राज्यों में SIR को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच आया है।

मंत्री जायसवाल की चेतावनी

मंत्री जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'जहाँ-जहाँ विरोध होगा, वहाँ की सरकार का सफाया हो जाएगा।' उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में SIR प्रक्रिया शुरू होने पर राहुल गांधी और उनके साथी सड़क पर उतरे, लेकिन उनका विरोध बेअसर रहा और वे गायब हो गए।

उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वे सर्वोच्च न्यायालय तक पहुँचीं और हंगामा किया, परंतु परिणामस्वरूप उनकी सरकार का सफाया हो गया। गौरतलब है कि यह बयान विपक्षी दलों द्वारा SIR को 'मतदाता सूची से अल्पसंख्यकों और प्रवासियों को हटाने की साजिश' बताने के आरोपों के जवाब में आया है।

SIR प्रक्रिया का बचाव

मंत्री ने चुनाव आयोग (ECI) की SIR प्रक्रिया का पुरज़ोर समर्थन करते हुए कहा कि आयोग मृत मतदाताओं को वोटर लिस्ट से हटा रहा है, इसमें कोई गलत बात नहीं। उन्होंने कहा, 'इस देश के संसाधनों पर देश के लोगों का अधिकार है। घुसपैठियों को बाहर करने का रास्ता दिखाया जाएगा।' यह बयान उस समय आया है जब विपक्ष SIR की वैधता और उसके क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल उठा रहा है।

किशनगंज में प्रदर्शनी का उद्घाटन

इसी दौरान मंत्री जायसवाल ने किशनगंज में भारतीय जनता पार्टी (BJP) युवा मोर्चा द्वारा मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी में किशनगंज की ऐतिहासिक धरोहर, स्थानीय संस्कृति और विकास की यात्रा को प्रदर्शित किया गया है।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को नई गति मिली है और यह प्रदर्शनी उसी परिवर्तनकारी यात्रा का दस्तावेज है।

मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियाँ

BJP कार्यालय में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में जायसवाल ने मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में गरीब कल्याण, सामाजिक न्याय, आधारभूत संरचना, आत्मनिर्भर भारत और महिला सशक्तिकरण में हुई उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने वैश्विक मंच पर एक नई पहचान स्थापित की है और यह यात्रा 140 करोड़ देशवासियों के विश्वास और संकल्प की कहानी है।

राजनीतिक परिप्रेक्ष्य

SIR को लेकर देशभर में जारी विवाद के बीच मंत्री जायसवाल का यह बयान BJP की आक्रामक राजनीतिक रणनीति को दर्शाता है। आलोचकों का कहना है कि SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है, जबकि सत्तारूढ़ दल इसे मतदाता सूची की शुद्धि के लिए आवश्यक बता रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में और अधिक केंद्रीय बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि BJP की उस सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है जो SIR को विपक्ष के खिलाफ एक राजनीतिक हथियार के रूप में स्थापित कर रही है। ममता बनर्जी और राहुल गांधी को 'विफल विरोधियों' के रूप में पेश करना इस कथा को मज़बूत करता है, लेकिन इसमें वह असली सवाल गायब है कि SIR की प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्यायसंगतता कितनी है। आलोचकों का कहना है कि बिना स्वतंत्र सत्यापन के मतदाता सूची से नाम हटाना लोकतांत्रिक अधिकारों पर चोट है। यह विवाद आने वाले चुनावों में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) क्या है?
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिविजन चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध करने की एक विशेष प्रक्रिया है, जिसमें मृत, स्थानांतरित या अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं। यह प्रक्रिया कई राज्यों में राजनीतिक विवाद का विषय बनी हुई है।
दिलीप जायसवाल ने SIR विरोध पर क्या कहा?
बिहार मंत्री दिलीप जायसवाल ने 14 जून 2025 को किशनगंज में कहा कि जहाँ-जहाँ SIR का विरोध होगा, वहाँ की सरकार का सफाया हो जाएगा। उन्होंने राहुल गांधी और ममता बनर्जी को उदाहरण देते हुए यह दावा किया।
विपक्ष SIR का विरोध क्यों कर रहा है?
आलोचकों का कहना है कि SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और इससे अल्पसंख्यकों व प्रवासी मतदाताओं के नाम अनुचित रूप से हटाए जा सकते हैं। विपक्षी दलों ने स्वतंत्र सत्यापन तंत्र की माँग की है।
किशनगंज में BJP युवा मोर्चा की प्रदर्शनी किस अवसर पर आयोजित हुई?
यह प्रदर्शनी मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में BJP युवा मोर्चा द्वारा किशनगंज में आयोजित की गई। मंत्री जायसवाल ने इसका उद्घाटन किया और इसमें किशनगंज की ऐतिहासिक धरोहर व विकास यात्रा को प्रदर्शित किया गया।
SIR विवाद का राजनीतिक असर क्या हो सकता है?
SIR को लेकर जारी विवाद आने वाले राज्य और राष्ट्रीय चुनावों में एक प्रमुख मुद्दा बन सकता है। सत्तारूढ़ दल इसे मतदाता सूची शुद्धि के रूप में पेश कर रहा है, जबकि विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर आघात बता रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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