7 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जकार्ता में पीएम मोदी का भारतीय समुदाय से मिलन, इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान से हुए विभूषित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जकार्ता में पीएम मोदी का भारतीय समुदाय से मिलन, इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान से हुए विभूषित

सारांश

जकार्ता कन्वेंशन सेंटर में 7 जुलाई को पीएम मोदी का प्रवासी भारतीयों से मिलन महज़ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था — इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान और भारतीय पेमेंट टेक्नोलॉजी के विस्तार की संभावित घोषणा ने इसे दोनों देशों के रिश्तों में एक नए अध्याय की शुरुआत बना दिया।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 जुलाई 2026 को जकार्ता कन्वेंशन सेंटर में प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित किया।
इंडोनेशिया ने इसी दिन पीएम मोदी को अपने सर्वोच्च राजकीय सम्मान से नवाज़ा।
फिनटेक कंपनी 'फ्लिप' के सीईओ प्रत्यूष प्रसन्ना के अनुसार, पीएम मोदी भारत की पेमेंट टेक्नोलॉजी के इंडोनेशिया विस्तार की आधिकारिक घोषणा करने वाले थे।
30 वर्षों से विदेश में रह रहे सिद्धार्थ टेकरीवाल ने कहा कि मोदी के कार्यकाल में प्रवासी भारतीयों का वैश्विक सम्मान बढ़ा है।
कार्यक्रम में 14 वर्ष और 22 वर्ष से इंडोनेशिया में रह रहे प्रवासी भारतीयों सहित बड़ी संख्या में समुदाय के लोग शामिल हुए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 जुलाई 2026 को जकार्ता कन्वेंशन सेंटर में इंडोनेशिया में रह रहे भारतीय समुदाय को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में दूर-दूर से बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय एकत्रित हुए, जो प्रधानमंत्री का उत्साहपूर्वक स्वागत करने के लिए घंटों पहले से पहुँच गए थे। उल्लेखनीय है कि इसी दिन इंडोनेशिया ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च राजकीय सम्मान से नवाज़ा, जिसने इस भेंट को और भी ऐतिहासिक बना दिया।

उत्साह और प्रतीक्षा का माहौल

कार्यक्रम स्थल पर भारतीय समुदाय के सदस्यों में गज़ब का जोश देखने को मिला। प्रयागराज मूल की कुसुम उपाध्याय, जो वर्तमान में इंडोनेशिया में रहती हैं, ने कहा — 'हम यहाँ काफी देर से प्रधानमंत्री मोदी का इंतज़ार कर रहे थे। अब वह आ गए हैं। बहुत अच्छा लग रहा है। हम सब बस बहुत उत्साहित हैं प्रधानमंत्री मोदी का भाषण सुनने के लिए।'

सिद्धार्थ टेकरीवाल, जो पिछले 30 वर्षों से भारत से बाहर हैं, ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का एक अलग ही व्यक्तित्व है और वे सभी भारतीयों को एकजुट करते हैं। उन्होंने कहा — 'बीते कुछ वर्षों में बाहर रहने वाले भारतीयों की जो इज़्ज़त है, वो पहले कभी नहीं थी। जब से पीएम मोदी ने भारत की कमान संभाली है, विदेशों में रहने वाले भारतीयों का मान-सम्मान भी बढ़ गया है।'

भारत-इंडोनेशिया साझेदारी पर उम्मीदें

नीरज जैन, जो जकार्ता में पिछले 14 वर्षों से रह रहे हैं, ने दोनों देशों के बीच गहरी समानताओं की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा — 'इंडिया और इंडोनेशिया के नाम भी काफी मिलते-जुलते हैं। दोनों देश तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएँ हैं और अगर मिलकर काम करें तो दोनों के लिए बहुत सारे अवसर बनेंगे।'

फिनटेक कंपनी 'फ्लिप' के सीईओ प्रत्यूष प्रसन्ना ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी इस कार्यक्रम में भारत की पेमेंट टेक्नोलॉजी के इंडोनेशिया में विस्तार की आधिकारिक घोषणा करने वाले हैं। उन्होंने कहा — 'इंडिया में पेमेंट्स में पीएम मोदी ने बहुत सारे बदलाव किए हैं और हम भी वो सारे बदलाव इंडोनेशिया में लेकर आ रहे हैं। ऐसा लगेगा कि इंडिया इंडोनेशिया में आ गया है।'

इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान पर गर्व

राम कोठारी, जो पिछले 22 वर्षों से इंडोनेशिया में रह रहे हैं, ने कहा — 'आज मोदी जी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान मिला है, हमें बहुत अच्छा लग रहा है।' भारतीय मूल की एक अन्य महिला ने इस सम्मान को 'सबसे वैल्यूएबल और मोस्ट प्रेशियस अवॉर्ड' बताते हुए कहा कि यह पूरे भारतीय समुदाय के लिए गर्व का क्षण है।

आगे क्या

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से भारत-इंडोनेशिया द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। डिजिटल पेमेंट सहयोग की संभावित घोषणा दोनों देशों के बीच तकनीकी साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रवासी भारतीय समुदाय को उम्मीद है कि यह यात्रा इंडोनेशिया में भारतीय व्यापार और सांस्कृतिक उपस्थिति को और मज़बूत करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह भारत की बढ़ती वैश्विक साख का प्रतिबिंब है — लेकिन असली कसौटी कूटनीतिक भावनाओं से परे, ठोस आर्थिक परिणामों पर है। भारतीय पेमेंट टेक्नोलॉजी का इंडोनेशिया में विस्तार एक सकारात्मक संकेत है, क्योंकि यह UPI की सफलता को दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था तक ले जाने का प्रयास है। हालाँकि, भारत-इंडोनेशिया व्यापार संबंधों की वास्तविक क्षमता अभी भी काफी हद तक अनुपयोगित है — द्विपक्षीय व्यापार वर्षों से उस स्तर पर नहीं पहुँचा जो दोनों देशों की आर्थिक ताकत के अनुरूप होना चाहिए। प्रवासी समुदाय की भावनात्मक ऊर्जा को नीतिगत ढाँचे में बदलना ही इस यात्रा की असली सफलता का पैमाना होगा।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी ने जकार्ता में किसे संबोधित किया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 जुलाई 2026 को जकार्ता कन्वेंशन सेंटर में इंडोनेशिया में रह रहे प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में दूर-दूर से बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय एकत्रित हुए।
इंडोनेशिया ने पीएम मोदी को कौन सा सम्मान दिया?
7 जुलाई 2026 को इंडोनेशिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च राजकीय सम्मान से विभूषित किया। प्रवासी भारतीय समुदाय ने इसे पूरे भारत के लिए गर्व का क्षण बताया।
जकार्ता कार्यक्रम में पेमेंट टेक्नोलॉजी की घोषणा क्यों अहम है?
फिनटेक कंपनी 'फ्लिप' के सीईओ प्रत्यूष प्रसन्ना के अनुसार, पीएम मोदी इस कार्यक्रम में भारत की पेमेंट टेक्नोलॉजी के इंडोनेशिया में विस्तार की आधिकारिक घोषणा करने वाले थे। यह भारत के डिजिटल भुगतान मॉडल को दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रवासी भारतीयों ने पीएम मोदी की यात्रा पर क्या कहा?
30 वर्षों से विदेश में रह रहे सिद्धार्थ टेकरीवाल ने कहा कि मोदी के कार्यकाल में प्रवासी भारतीयों का वैश्विक मान-सम्मान पहले से कहीं अधिक बढ़ा है। 14 वर्षों से जकार्ता में रह रहे नीरज जैन ने भारत और इंडोनेशिया को दो तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएँ बताते हुए दोनों देशों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएँ गिनाईं।
भारत और इंडोनेशिया के बीच क्या समानताएँ हैं?
नीरज जैन के अनुसार, दोनों देशों के नाम मिलते-जुलते हैं और दोनों तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाएँ हैं। मिलकर काम करने पर दोनों देशों के लिए व्यापार, तकनीक और निवेश के व्यापक अवसर बन सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 मिनट पहले
  2. 15 मिनट पहले
  3. 4 घंटे पहले
  4. 7 घंटे पहले
  5. 7 घंटे पहले
  6. कल
  7. कल
  8. कल