जकार्ता में PM मोदी का भव्य स्वागत: भरतनाट्यम, शैडो पपेट्री और 'मोदी-मोदी' के नारों से गूंजा इंडोनेशिया
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार, 6 जुलाई को तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर जकार्ता, इंडोनेशिया पहुँचे, जहाँ भारतीय समुदाय ने उनका अत्यंत उत्साहपूर्ण स्वागत किया। होटल में एकत्र भारतीय प्रवासियों ने 'मोदी-मोदी' के नारों के साथ उनका अभिनंदन किया, और पीएम ने भी लोगों से मिलकर उनका अभिवादन स्वीकार किया। यह 2018 के बाद पहली भारत-इंडोनेशिया द्विपक्षीय यात्रा है।
राष्ट्रपति प्रबोवो का एयरपोर्ट पर विशेष स्वागत
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने स्वयं जकार्ता एयरपोर्ट पर पहुँचकर पीएम मोदी का स्वागत किया। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि राष्ट्रपति के साथ चार मंत्री भी इस अवसर पर उपस्थित थे। एयरपोर्ट पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, और इंडोनेशियाई वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने पीएम मोदी के विमान को इंडोनेशियाई हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते ही उसके साथ उड़ान भरी।
पीएम मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि वे राष्ट्रपति प्रबोवो की ओर से एयरपोर्ट पर किए गए इस गर्मजोशी भरे स्वागत से 'बहुत प्रभावित' हुए।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जीता दिल
पीएम मोदी ने जकार्ता में कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देखीं। सामन्वय ग्रुप द्वारा प्रस्तुत भरतनाट्यम नृत्य और रामायण की कथा पर आधारित पारंपरिक शैडो पपेट्री ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया। इन प्रस्तुतियों में भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत की झलक स्पष्ट रूप से दिखी।
पीएम ने एक्स पर लिखा, 'जकार्ता में, मुझे सामन्वय ग्रुप की ओर से प्रस्तुत एक सुंदर भरतनाट्यम नृत्य प्रदर्शन देखने का मौका मिला। यह देखकर बहुत खुशी हुई कि हमारी ये पारंपरिक कलाएं इतनी लगन और बेहतरीन तरीके से आज भी संभाली और प्रस्तुत की जा रही हैं।'
बौद्ध विरासत को भी मिली सराहना
विहार धर्म रत्न ग्रुप के कलाकारों ने 'होमेज टू द ट्रिपल जेम' नामक प्रस्तुति दी, जिसमें भगवान बुद्ध की शिक्षाओं और ट्रिपल जेम के मूल्यों को दर्शाया गया। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, 'इसमें भगवान बुद्ध की कालातीत शिक्षाओं और ट्रिपल जेम के गहरे मूल्यों को बहुत अच्छे तरीके से दिखाया गया। यह देखकर अच्छा लगता है कि इंडोनेशिया के लोग अपनी समृद्ध बौद्ध विरासत को इतने उत्साह और समर्पण के साथ संभाल रहे हैं।'
यात्रा का महत्व और आगे का कार्यक्रम
गौरतलब है कि यह 2018 के बाद पहली द्विपक्षीय यात्रा है, जब भारत-इंडोनेशिया संबंधों को 'कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' के स्तर पर उन्नत किया गया था। पीएम मोदी ने बताया कि इस यात्रा के दौरान दोनों नेता कई क्षेत्रों में सहयोग विस्तार पर चर्चा करेंगे। वे योग्याकार्ता स्थित ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर कॉम्प्लेक्स भी जाएंगे, जो दोनों देशों के सांस्कृतिक सेतु को और मज़बूत करेगा। यह यात्रा भारत-इंडोनेशिया संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।