6 जुलाई 2026
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जकार्ता में PM मोदी का भव्य स्वागत: भरतनाट्यम, शैडो पपेट्री और 'मोदी-मोदी' के नारों से गूंजा इंडोनेशिया

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जकार्ता में PM मोदी का भव्य स्वागत: भरतनाट्यम, शैडो पपेट्री और 'मोदी-मोदी' के नारों से गूंजा इंडोनेशिया

सारांश

सात साल बाद पहली द्विपक्षीय यात्रा पर जकार्ता पहुँचे पीएम मोदी का स्वागत 'मोदी-मोदी' के नारों, भरतनाट्यम और बौद्ध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुआ। राष्ट्रपति प्रबोवो ने एयरपोर्ट पर स्वयं अगवानी की — यह यात्रा 2018 की कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को नई ऊर्जा देने का अवसर है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 6 जुलाई को तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर जकार्ता, इंडोनेशिया पहुँचे।
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और चार मंत्रियों ने एयरपोर्ट पर स्वागत किया; इंडोनेशियाई वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने एस्कॉर्ट किया।
पीएम ने सामन्वय ग्रुप का भरतनाट्यम और रामायण-आधारित शैडो पपेट्री देखा; विहार धर्म रत्न ग्रुप की बौद्ध प्रस्तुति की सराहना की।
यह 2018 के बाद पहली द्विपक्षीय यात्रा है, जब दोनों देशों ने ' कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप ' की स्थापना की थी।
पीएम मोदी योग्याकार्ता के प्रम्बानन मंदिर कॉम्प्लेक्स भी जाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार, 6 जुलाई को तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर जकार्ता, इंडोनेशिया पहुँचे, जहाँ भारतीय समुदाय ने उनका अत्यंत उत्साहपूर्ण स्वागत किया। होटल में एकत्र भारतीय प्रवासियों ने 'मोदी-मोदी' के नारों के साथ उनका अभिनंदन किया, और पीएम ने भी लोगों से मिलकर उनका अभिवादन स्वीकार किया। यह 2018 के बाद पहली भारत-इंडोनेशिया द्विपक्षीय यात्रा है।

राष्ट्रपति प्रबोवो का एयरपोर्ट पर विशेष स्वागत

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने स्वयं जकार्ता एयरपोर्ट पर पहुँचकर पीएम मोदी का स्वागत किया। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि राष्ट्रपति के साथ चार मंत्री भी इस अवसर पर उपस्थित थे। एयरपोर्ट पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, और इंडोनेशियाई वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने पीएम मोदी के विमान को इंडोनेशियाई हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते ही उसके साथ उड़ान भरी।

पीएम मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि वे राष्ट्रपति प्रबोवो की ओर से एयरपोर्ट पर किए गए इस गर्मजोशी भरे स्वागत से 'बहुत प्रभावित' हुए।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जीता दिल

पीएम मोदी ने जकार्ता में कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देखीं। सामन्वय ग्रुप द्वारा प्रस्तुत भरतनाट्यम नृत्य और रामायण की कथा पर आधारित पारंपरिक शैडो पपेट्री ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया। इन प्रस्तुतियों में भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत की झलक स्पष्ट रूप से दिखी।

पीएम ने एक्स पर लिखा, 'जकार्ता में, मुझे सामन्वय ग्रुप की ओर से प्रस्तुत एक सुंदर भरतनाट्यम नृत्य प्रदर्शन देखने का मौका मिला। यह देखकर बहुत खुशी हुई कि हमारी ये पारंपरिक कलाएं इतनी लगन और बेहतरीन तरीके से आज भी संभाली और प्रस्तुत की जा रही हैं।'

बौद्ध विरासत को भी मिली सराहना

विहार धर्म रत्न ग्रुप के कलाकारों ने 'होमेज टू द ट्रिपल जेम' नामक प्रस्तुति दी, जिसमें भगवान बुद्ध की शिक्षाओं और ट्रिपल जेम के मूल्यों को दर्शाया गया। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, 'इसमें भगवान बुद्ध की कालातीत शिक्षाओं और ट्रिपल जेम के गहरे मूल्यों को बहुत अच्छे तरीके से दिखाया गया। यह देखकर अच्छा लगता है कि इंडोनेशिया के लोग अपनी समृद्ध बौद्ध विरासत को इतने उत्साह और समर्पण के साथ संभाल रहे हैं।'

यात्रा का महत्व और आगे का कार्यक्रम

गौरतलब है कि यह 2018 के बाद पहली द्विपक्षीय यात्रा है, जब भारत-इंडोनेशिया संबंधों को 'कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' के स्तर पर उन्नत किया गया था। पीएम मोदी ने बताया कि इस यात्रा के दौरान दोनों नेता कई क्षेत्रों में सहयोग विस्तार पर चर्चा करेंगे। वे योग्याकार्ता स्थित ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर कॉम्प्लेक्स भी जाएंगे, जो दोनों देशों के सांस्कृतिक सेतु को और मज़बूत करेगा। यह यात्रा भारत-इंडोनेशिया संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि दोनों नेता रक्षा, व्यापार और डिजिटल कनेक्टिविटी में ठोस समझौतों तक पहुँचते हैं या नहीं। 2018 की साझेदारी के वादे अभी पूरी तरह ज़मीन पर नहीं उतरे — इस यात्रा से उम्मीद है कि शब्दों से आगे बढ़कर कार्रवाई होगी।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी की इंडोनेशिया यात्रा का उद्देश्य क्या है?
यह तीन दिवसीय राजकीय यात्रा 2018 के बाद पहली द्विपक्षीय भारत-इंडोनेशिया यात्रा है। इसका उद्देश्य कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना और दोनों देशों की 'कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' को नई गति देना है।
जकार्ता में PM मोदी का स्वागत कैसे हुआ?
राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और चार मंत्रियों ने एयरपोर्ट पर स्वागत किया। इंडोनेशियाई वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने पीएम के विमान को एस्कॉर्ट किया और भारतीय समुदाय ने 'मोदी-मोदी' के नारों के साथ उनका अभिनंदन किया।
PM मोदी ने जकार्ता में कौन-सी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देखीं?
पीएम मोदी ने सामन्वय ग्रुप द्वारा प्रस्तुत भरतनाट्यम नृत्य, रामायण-आधारित शैडो पपेट्री और विहार धर्म रत्न ग्रुप की 'होमेज टू द ट्रिपल जेम' नामक बौद्ध सांस्कृतिक प्रस्तुति देखी। उन्होंने सभी कलाकारों की सराहना की।
भारत-इंडोनेशिया 'कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' क्या है?
यह 2018 में स्थापित द्विपक्षीय ढाँचा है जिसने भारत-इंडोनेशिया संबंधों को उच्चतम स्तर पर ले जाया। इसमें रक्षा, व्यापार, सांस्कृतिक और डिजिटल सहयोग शामिल हैं।
PM मोदी इंडोनेशिया में प्रम्बानन मंदिर क्यों जाएंगे?
योग्याकार्ता स्थित प्रम्बानन मंदिर कॉम्प्लेक्स हिंदू-बौद्ध विरासत का प्रतीक है और भारत-इंडोनेशिया के ऐतिहासिक सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है। इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के सांस्कृतिक सेतु को और मज़बूत करना है।
राष्ट्र प्रेस
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