मोदी के इंडोनेशिया दौरे से भारत-इंडोनेशिया व्यापार और निवेश को नई गति, उद्योग जगत उत्साहित
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे को लेकर जकार्ता में रह रहे भारतीय प्रवासी समुदाय और कारोबारी जगत में व्यापक उत्साह देखा जा रहा है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, यह दौरा भारत और इंडोनेशिया के बीच व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, ऊर्जा और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने का अहम अवसर है। विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की भूमिका को और सुदृढ़ करेगी।
उद्योग जगत की प्रतिक्रिया
इंडोनेशिया इकोनॉमिक फोरम के संस्थापक और सीईओ सचिन गोपालन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पहले भी इंडोनेशिया का दौरा कर चुके हैं और इस बार की यात्रा भी दोनों देशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच लंबे समय से मजबूत और रणनीतिक संबंध रहे हैं, जिन्हें यह यात्रा और आगे बढ़ाएगी।
मायापदा हेल्थकेयर ग्रुप के प्रेसिडेंट डायरेक्टर और सीईओ नवीन सोनथालिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को लेकर पूरा भारतीय समुदाय बेहद उत्साहित है। कंपनी के चीफ कमर्शियल ऑफिसर बेंजामिन विनोटो ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक समानताएँ और वर्षों पुराने संबंध हैं, ऐसे में यह दौरा द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करेगा तथा दोनों देशों के लिए लाभदायक साबित होगा।
निवेश और कारोबारी अवसर
इंडोरामा ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर और ग्रुप चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर विष्णु बाल्डवा ने कहा कि उनकी कंपनी इस दौरे को लेकर बेहद उत्साहित है। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी भारत में, खासकर गिफ्ट सिटी में बड़ा निवेश करने की योजना बना रही है और उनका मानना है कि यह दौरा निवेश के नए अवसरों को गति देगा।
ऊर्जा ग्रुप के प्रेसिडेंट डायरेक्टर भरत कुमार जैन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार को नई दिशा देगा। उन्होंने जोड़ा कि दोनों देशों की सरकारें आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए गंभीरता से काम कर रही हैं।
एपीएसी इंटरनेशनल बिजनेस के रीजनल लीडर शैलेंद्र हल्बे ने कहा कि सभी लोग प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए उत्साहित हैं और कार्यक्रम की तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। पीटी यूनिवर्सल सपोर्ट के जनरल और फाइनेंस मैनेजर आनंद चंदक ने भी इस यात्रा को दोनों देशों की साझेदारी को मजबूत बनाने का बेहतरीन अवसर बताया।
भारतीय प्रवासी समुदाय की भागीदारी
जयता कंसल्टिंग के सह-संस्थापक विनोद श्रीनिवास ने बताया कि प्रधानमंत्री के दौरे की घोषणा के बाद से ही लोगों में उत्साह का माहौल है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रवासी समुदाय का एक बड़ा कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसका सभी को बेसब्री से इंतजार है। गौरतलब है कि इंडोनेशिया में एक बड़ा और सक्रिय भारतीय कारोबारी समुदाय मौजूद है, जो दोनों देशों के आर्थिक संबंधों की रीढ़ है।
रणनीतिक और कूटनीतिक महत्व
विदेश नीति विशेषज्ञ अशोक सज्जनहार ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, इसका उद्देश्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना, व्यापार और निवेश बढ़ाना तथा क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देना है।
सज्जनहार ने यह भी कहा कि यह यात्रा भारत की वैश्विक कूटनीतिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इससे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत की भूमिका और प्रभाव दोनों मजबूत होंगे। यह ऐसे समय में आया है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है और भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति को नई ऊर्जा देने में जुटा है।