बिहार में भूमि सेवा सुधार: राजस्व कर्मचारी अब हल्कों में रहकर निपटाएंगे म्यूटेशन और ई-मापी के मामले
सारांश
बिहार सरकार ने राजस्व कर्मचारियों को सर्किल कार्यालयों से निकालकर सीधे हल्कों में तैनात करने का फैसला किया है। शनिवार को 'भू-समाधान दिवस' पर ही कार्यालय उपस्थिति होगी। साथ ही 80 वर्ष से अधिक आयु के बुज़ुर्गों को घर पर राशन पहुँचाने का पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू होगा।
मुख्य बातें
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने राजस्व कर्मचारियों को हल्कों में रहकर काम करने के निर्देश दिए।
कर्मचारी अब केवल शनिवार को सर्किल कार्यालय में उपस्थित होंगे; बाकी दिन हल्का स्तर पर तैनात रहेंगे।
शनिवार को 'भू-समाधान दिवस' के रूप में मनाया जाएगा; रोज़ाना की आमने-सामने बैठकें बंद होंगी।
म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), परिमार्जन (भूमि रिकॉर्ड सुधार) और ई-मापी (डिजिटल भूमि माप) को प्राथमिकता दी जाएगी।
खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के बुज़ुर्गों को घर पर खाद्यान्न पहुँचाने का पायलट प्रोजेक्ट घोषित किया।
विभाग PPP मॉडल के तहत नए गोदामों के निर्माण और आपूर्ति श्रृंखला सुधार की संभावनाएँ तलाश रहा है।
बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 12 मई 2026 को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार लागू किया, जिसके तहत राजस्व कर्मचारियों को सर्किल कार्यालयों में बैठने के बजाय सीधे अपने-अपने हल्कों (अधिकार क्षेत्र वाले क्षेत्रों) में रहकर जमीन से जुड़े कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। इस कदम का उद्देश्य आम नागरिकों को म्यूटेशन, भूमि रिकॉर्ड सुधार और डिजिटल भूमि माप जैसी सेवाएँ उनके दरवाजे पर उपलब्ध कराना है।
मुख्य घटनाक्रम
राजस्व और भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने निर्देश दिया है कि राजस्व कर्मचारी अब केवल शनिवार को ही अंचल (सर्किल) कार्यालय में उपस्थित होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया,
संपादकीय दृष्टिकोण
लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — बिहार में भूमि विवादों की जड़ें अक्सर रिकॉर्ड में हेरफेर और कर्मचारियों की मिलीभगत में होती हैं। केवल भौतिक उपस्थिति बदलने से भ्रष्टाचार नहीं रुकेगा जब तक जवाबदेही तंत्र और डिजिटल ऑडिट ट्रेल मजबूत न हों। 80 वर्ष से अधिक आयु के बुज़ुर्गों को घर पर राशन पहुँचाने की पहल मानवीय दृष्टि से सराहनीय है, परंतु पायलट प्रोजेक्ट से नीति तक की यात्रा में बिहार की PDS प्रणाली की पुरानी खामियाँ — रिसाव, फर्जी लाभार्थी और परिवहन में गड़बड़ी — बड़ी चुनौती बनी रहेंगी।
RashtraPress
13 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बिहार में राजस्व कर्मचारियों को हल्कों में तैनात करने का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि राजस्व कर्मचारी अब सर्किल कार्यालय में बैठने के बजाय अपने निर्धारित हल्के (अधिकार क्षेत्र) में रहकर सीधे जमीनी स्तर पर काम करेंगे। वे केवल शनिवार को सर्किल कार्यालय आएंगे, जिसे 'भू-समाधान दिवस' के रूप में मनाया जाएगा।
बिहार के नए भूमि सुधार से आम नागरिकों को क्या फायदा होगा?
नागरिकों को म्यूटेशन, भूमि रिकॉर्ड सुधार और ई-मापी जैसे काम के लिए बार-बार सर्किल कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। कर्मचारी सीधे उनके क्षेत्र में उपलब्ध रहेंगे, जिससे समय और परेशानी दोनों कम होगी।
बिहार में 80 वर्ष से अधिक आयु के बुज़ुर्गों को घर पर राशन कब मिलेगा?
खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट की घोषणा की है और अधिकारियों को विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। अभी इस योजना की शुरुआत की सटीक तारीख घोषित नहीं की गई है।
बिहार में 'भू-समाधान दिवस' क्या है?
'भू-समाधान दिवस' प्रत्येक शनिवार को आयोजित होगा, जब सभी राजस्व कर्मचारी सर्किल कार्यालय में एकत्रित होकर लंबित भूमि संबंधी शिकायतों और मामलों का निपटारा करेंगे। यह दिन नागरिकों के लिए सीधे अधिकारियों से मिलने का अवसर भी होगा।
बिहार PDS सुधार में PPP मॉडल का क्या उद्देश्य है?
विभाग सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत नए गोदाम बनाने की संभावनाएँ तलाश रहा है ताकि भंडारण क्षमता बढ़े और आपूर्ति श्रृंखला अधिक कुशल बने। इससे खाद्यान्न वितरण में होने वाली देरी और बर्बादी को कम करने की उम्मीद है।