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मोदी सरकार के 12 साल: जयशंकर ने गिनाईं विदेश नीति की उपलब्धियाँ — 44 नए दूतावास, 21 मोबिलिटी पार्टनरशिप

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मोदी सरकार के 12 साल: जयशंकर ने गिनाईं विदेश नीति की उपलब्धियाँ — 44 नए दूतावास, 21 मोबिलिटी पार्टनरशिप

सारांश

मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर उपलब्धियों की फेहरिस्त पेश की — 44 नए दूतावास, 21 मोबिलिटी पार्टनरशिप, यूक्रेन से सूडान तक निकासी अभियान और पासपोर्ट सेवाओं का डिजिटल कायाकल्प। यह सरकार की विदेश नीति की सबसे व्यापक सार्वजनिक समीक्षा है।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 9 जून 2026 को एक्स पर पोस्ट कर मोदी सरकार के 12 साल की विदेश नीति उपलब्धियाँ गिनाईं।
पिछले 12 वर्षों में विदेश में 44 नए दूतावास और कॉन्सुलेट खोले गए।
भारतीयों को वैश्विक कार्यस्थलों से जोड़ने के लिए 21 मोबिलिटी पार्टनरशिप की गई।
यूक्रेन, इज़रायल, अफ़गानिस्तान और सूडान में संकट के दौरान भारतीय नागरिकों की सफल निकासी।
पासपोर्ट सेवाएँ, दस्तावेज़ अटेस्टेशन और शिकायत निवारण के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए गए।
जयशंकर का विस्तृत साक्षात्कार आने वाला है, जिसमें अंतरिक्ष, ऊर्जा सुरक्षा, साइबर क्षमता पर चर्चा होगी।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मंगलवार, 9 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूरे होने पर कहा कि इस अवधि में विदेश मंत्रालय और भारत की विदेश नीति में व्यापक बदलाव आया है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट में कई प्रमुख उपलब्धियाँ गिनाईं, जिनमें 44 नए दूतावास और कॉन्सुलेट खोलने से लेकर 21 मोबिलिटी पार्टनरशिप तक की बात शामिल है।

मुख्य उपलब्धियाँ

जयशंकर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि पासपोर्ट जारी करने और दस्तावेज़ अटेस्टेशन की प्रक्रिया को आम नागरिक के लिए सुगम बनाया गया है। शिकायत निवारण और फीडबैक के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किए गए हैं। इसके अलावा विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए वेलफेयर फंड का उपयोग बढ़ाया गया है।

उन्होंने कहा कि भारतीयों को वैश्विक कार्यस्थलों तक पहुँचाने और वैश्विक कार्यबल का हिस्सा बनाने के लिए अब तक 21 मोबिलिटी पार्टनरशिप की जा चुकी हैं।

संकट में निकासी अभियान

विदेश मंत्री ने विशेष रूप से उन परिस्थितियों का उल्लेख किया जब भारत ने संघर्षग्रस्त देशों से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकाला। यूक्रेन, इज़रायल, अफ़गानिस्तान और सूडान जैसे देशों में मुश्किल हालात के दौरान भारत सरकार ने प्रभावी निकासी अभियान चलाए। जयशंकर के अनुसार, यह भारतीय कूटनीति की बढ़ती परिचालन क्षमता का प्रमाण है।

व्यापार और बाज़ार पहुँच

जयशंकर ने बताया कि भारतीय व्यवसायों को विदेशी बाज़ारों तक पहुँचाने और निर्यात बढ़ाने में विदेश मंत्रालय ने सक्रिय भूमिका निभाई है। विकास परियोजनाओं के माध्यम से भारतीय उत्पादों और सेवाओं को नए बाज़ारों में प्रवेश दिलाया गया है। विदेश में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों के लिए भी कल्याणकारी उपाय शुरू किए गए हैं।

सांस्कृतिक कूटनीति और विस्तार

विदेश मंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति, विरासत और परंपराओं के प्रति अन्य देशों में सम्मान और समझ बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास किए गए हैं। विदेश में रहने और यात्रा करने वाले भारतीयों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए 44 नए दूतावास और कॉन्सुलेट खोले गए हैं। उन्होंने कहा, 'आज भारतीय ज़्यादा विश्वास और गर्व के साथ विदेश यात्रा करते हैं।'

आगे क्या

विदेश मंत्रालय ने सोमवार को जानकारी दी थी कि जयशंकर का एक विस्तृत साक्षात्कार आने वाला है, जिसमें वे अंतरिक्ष अन्वेषण, ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, साइबर क्षमता, राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति जैसे विषयों पर भारत में हुए अंतरराष्ट्रीय बदलावों पर गहरी चर्चा करेंगे। यह साक्षात्कार मोदी सरकार के 12 वर्षों की व्यापक समीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

विश्लेषण नहीं — और यही इसकी सीमा है। 44 दूतावास खुलना और 21 मोबिलिटी पार्टनरशिप होना संख्यात्मक प्रगति है, लेकिन असली कसौटी यह है कि इन दूतावासों ने प्रवासी भारतीयों की शिकायतें कितनी तेज़ी से सुलझाईं और मोबिलिटी पार्टनरशिप से कितने भारतीयों को वास्तव में रोज़गार मिला। यूक्रेन और सूडान निकासी अभियान निस्संदेह सफल रहे, लेकिन इनकी तुलना में अफ़गानिस्तान में फँसे सैकड़ों भारतीयों की देरी से निकासी को अक्सर नज़रअंदाज़ किया जाता है। विदेश नीति की असली परीक्षा सुर्खियों में नहीं, ज़मीन पर होती है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयशंकर ने मोदी सरकार के 12 साल में विदेश नीति की कौन-सी प्रमुख उपलब्धियाँ बताईं?
जयशंकर ने 44 नए दूतावास और कॉन्सुलेट खोलने, 21 मोबिलिटी पार्टनरशिप, पासपोर्ट सेवाओं के डिजिटलीकरण और यूक्रेन, इज़रायल, अफ़गानिस्तान व सूडान में निकासी अभियानों को प्रमुख उपलब्धियों के रूप में गिनाया।
भारत की 21 मोबिलिटी पार्टनरशिप क्या हैं?
मोबिलिटी पार्टनरशिप वे द्विपक्षीय समझौते हैं जो भारतीय नागरिकों को विदेशी देशों में काम करने और वैश्विक कार्यबल का हिस्सा बनने में सहूलियत देते हैं। जयशंकर के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में ऐसी 21 पार्टनरशिप की जा चुकी हैं।
मोदी सरकार ने किन देशों में संकट के दौरान भारतीयों को निकाला?
जयशंकर ने यूक्रेन, इज़रायल, अफ़गानिस्तान और सूडान का विशेष उल्लेख किया, जहाँ संघर्ष या अस्थिरता के दौरान भारत सरकार ने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकाला।
जयशंकर का आने वाला साक्षात्कार किन विषयों पर होगा?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, साक्षात्कार में अंतरिक्ष अन्वेषण, ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, साइबर क्षमता, राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति पर भारत में हुए अंतरराष्ट्रीय बदलावों पर चर्चा होगी।
पिछले 12 साल में विदेश मंत्रालय ने आम नागरिकों के लिए क्या बदलाव किए?
पासपोर्ट जारी करने और दस्तावेज़ अटेस्टेशन को सरल बनाया गया, शिकायत निवारण के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाए गए और विदेश में रहने वाले भारतीय छात्रों तथा श्रमिकों के लिए कल्याणकारी उपाय शुरू किए गए।
राष्ट्र प्रेस
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