मोदी के 12 वर्षों में भारत बना ग्लोबल साउथ की आवाज और फर्स्ट रेस्पॉन्डर: रणधीर जायसवाल
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 9 जून 2026 को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत की विदेश नीति ने वैश्विक मंच पर एक नई और सुदृढ़ पहचान बनाई है। उनके अनुसार, इस दौरान ब्रांड इंडिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रभाव दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
जायसवाल का एक्स पर बयान
जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'पिछले 12 वर्षों में भारत की विदेश नीति में जबरदस्त बदलाव आया है, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ब्रांड इंडिया और ग्लोबल स्टेज पर भारत की पहचान दोनों मजबूत हुई हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा कि ग्लोबल साउथ की आवाज बनने से लेकर संकट के समय फर्स्ट रेस्पॉन्डर की भूमिका निभाने तक, इंटरनेशनल सोलर अलायंस जैसी पहलों के ज़रिए जलवायु कार्रवाई को बढ़ावा देने और सीमा पार UPI जैसे डिजिटल सार्वजनिक साधनों को आगे बढ़ाने तक, भारत ने राष्ट्रीय हित को वैश्विक भलाई के साथ जोड़ा है।
विदेश मंत्री जयशंकर की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी मंगलवार को एक्स पर लिखकर पिछले 12 वर्षों के बदलाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, '12 साल पहले नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। पिछले सेवा के 12 साल में, विदेश मंत्रालय और भारत की विदेश नीति में बदलाव आया है।' जयशंकर के अनुसार, पासपोर्ट जारी करने और दस्तावेज़ अटेस्टेशन को आम नागरिक के लिए सरल बनाया गया है, और विदेश में नए दूतावास खोलकर तथा भारतीय समुदाय कल्याण कोष के अधिक उपयोग से प्रवासी भारतीयों को व्यापक सहायता दी गई है।
प्रवासी भारतीयों के लिए उठाए गए कदम
विदेश मंत्री ने बताया कि विदेश में रहने वाले भारतीय छात्रों के लिए कल्याणकारी उपाय शुरू किए गए हैं। भारतीय संस्कृति, विरासत और परंपराओं के प्रति अन्य देशों में सम्मान और समझ बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रवासी भारतीयों की ज़रूरतें पूरी करने के लिए 44 नए दूतावास और कॉन्सुलेट खोले गए हैं। जयशंकर ने कहा, 'आज भारतीय ज़्यादा विश्वास और गर्व के साथ विदेश यात्रा करते हैं।'
आगामी साक्षात्कार में व्यापक चर्चा
'विश्वकल्याण के 12 साल' विषय पर डॉ. एस. जयशंकर का एक विस्तृत साक्षात्कार शीघ्र आने वाला है। इसमें वे अंतरिक्ष अन्वेषण, ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, साइबर क्षमता, राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति जैसे विविध क्षेत्रों में पिछले 12 वर्षों में हुए अंतरराष्ट्रीय बदलावों पर गहन चर्चा करेंगे। यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल में कूटनीतिक उपलब्धियों को रेखांकित करने की कोशिश कर रही है।