25 जुलाई 2026
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मोदी के 12 वर्षों में भारत बना ग्लोबल साउथ की आवाज और फर्स्ट रेस्पॉन्डर: रणधीर जायसवाल

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मोदी के 12 वर्षों में भारत बना ग्लोबल साउथ की आवाज और फर्स्ट रेस्पॉन्डर: रणधीर जायसवाल

सारांश

मोदी के 12 वर्षों में भारत की विदेश नीति महज़ रिवायत नहीं रही — यह वैश्विक नेतृत्व का दावा है। ग्लोबल साउथ की आवाज, फर्स्ट रेस्पॉन्डर की भूमिका और 44 नए दूतावासों के साथ, विदेश मंत्रालय इसे 'ब्रांड इंडिया' की सबसे बड़ी कूटनीतिक छलाँग बता रहा है।

मुख्य बातें

विदेश मंत्रालय प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 9 जून 2026 को एक्स पर कहा कि 12 वर्षों में भारत की विदेश नीति और ब्रांड इंडिया दोनों मज़बूत हुए हैं।
भारत ने ग्लोबल साउथ की आवाज , संकट में फर्स्ट रेस्पॉन्डर , इंटरनेशनल सोलर अलायंस और सीमा पार UPI के ज़रिए वैश्विक पहचान बनाई।
जयशंकर ने प्रवासी भारतीयों के लिए 44 नए दूतावास और कॉन्सुलेट खोलने का उल्लेख किया।
पासपोर्ट सेवाएँ, दस्तावेज़ अटेस्टेशन और भारतीय समुदाय कल्याण कोष के विस्तार से प्रवासी भारतीयों को सीधा लाभ मिला।
'विश्वकल्याण के 12 साल' पर जयशंकर का विस्तृत साक्षात्कार शीघ्र आने वाला है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 9 जून 2026 को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत की विदेश नीति ने वैश्विक मंच पर एक नई और सुदृढ़ पहचान बनाई है। उनके अनुसार, इस दौरान ब्रांड इंडिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रभाव दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

जायसवाल का एक्स पर बयान

जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'पिछले 12 वर्षों में भारत की विदेश नीति में जबरदस्त बदलाव आया है, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ब्रांड इंडिया और ग्लोबल स्टेज पर भारत की पहचान दोनों मजबूत हुई हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा कि ग्लोबल साउथ की आवाज बनने से लेकर संकट के समय फर्स्ट रेस्पॉन्डर की भूमिका निभाने तक, इंटरनेशनल सोलर अलायंस जैसी पहलों के ज़रिए जलवायु कार्रवाई को बढ़ावा देने और सीमा पार UPI जैसे डिजिटल सार्वजनिक साधनों को आगे बढ़ाने तक, भारत ने राष्ट्रीय हित को वैश्विक भलाई के साथ जोड़ा है।

विदेश मंत्री जयशंकर की प्रतिक्रिया

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी मंगलवार को एक्स पर लिखकर पिछले 12 वर्षों के बदलाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, '12 साल पहले नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। पिछले सेवा के 12 साल में, विदेश मंत्रालय और भारत की विदेश नीति में बदलाव आया है।' जयशंकर के अनुसार, पासपोर्ट जारी करने और दस्तावेज़ अटेस्टेशन को आम नागरिक के लिए सरल बनाया गया है, और विदेश में नए दूतावास खोलकर तथा भारतीय समुदाय कल्याण कोष के अधिक उपयोग से प्रवासी भारतीयों को व्यापक सहायता दी गई है।

प्रवासी भारतीयों के लिए उठाए गए कदम

विदेश मंत्री ने बताया कि विदेश में रहने वाले भारतीय छात्रों के लिए कल्याणकारी उपाय शुरू किए गए हैं। भारतीय संस्कृति, विरासत और परंपराओं के प्रति अन्य देशों में सम्मान और समझ बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रवासी भारतीयों की ज़रूरतें पूरी करने के लिए 44 नए दूतावास और कॉन्सुलेट खोले गए हैं। जयशंकर ने कहा, 'आज भारतीय ज़्यादा विश्वास और गर्व के साथ विदेश यात्रा करते हैं।'

आगामी साक्षात्कार में व्यापक चर्चा

'विश्वकल्याण के 12 साल' विषय पर डॉ. एस. जयशंकर का एक विस्तृत साक्षात्कार शीघ्र आने वाला है। इसमें वे अंतरिक्ष अन्वेषण, ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, साइबर क्षमता, राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति जैसे विविध क्षेत्रों में पिछले 12 वर्षों में हुए अंतरराष्ट्रीय बदलावों पर गहन चर्चा करेंगे। यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल में कूटनीतिक उपलब्धियों को रेखांकित करने की कोशिश कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'ग्लोबल साउथ की आवाज' होने का दावा तब तक अधूरा है जब तक उसे संयुक्त राष्ट्र सुधार, ऋण राहत या जलवायु वित्त जैसे ठोस परिणामों से नहीं जोड़ा जाता। 44 नए दूतावास और UPI विस्तार निर्विवाद रूप से सकारात्मक कदम हैं, किंतु आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और पड़ोसी देशों के साथ संबंधों में अभी भी जटिल चुनौतियाँ बनी हुई हैं। जयशंकर का आगामी साक्षात्कार इस कथा को और स्पष्ट करेगा — असली कसौटी यह होगी कि वे इन दावों के पक्ष में कितने सत्यापन-योग्य आँकड़े पेश करते हैं।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रणधीर जायसवाल ने भारत की विदेश नीति के बारे में क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 9 जून 2026 को एक्स पर कहा कि पिछले 12 वर्षों में मोदी के नेतृत्व में ब्रांड इंडिया और वैश्विक मंच पर भारत की पहचान दोनों मज़बूत हुई हैं। उन्होंने ग्लोबल साउथ की आवाज, फर्स्ट रेस्पॉन्डर भूमिका, इंटरनेशनल सोलर अलायंस और सीमा पार UPI को प्रमुख उपलब्धियों के रूप में गिनाया।
विदेश मंत्री जयशंकर ने 12 वर्षों में प्रवासी भारतीयों के लिए क्या किया?
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के अनुसार, इस अवधि में 44 नए दूतावास और कॉन्सुलेट खोले गए, भारतीय समुदाय कल्याण कोष का विस्तार किया गया और विदेश में पढ़ने वाले छात्रों के लिए कल्याणकारी उपाय शुरू किए गए। पासपोर्ट सेवाओं और दस्तावेज़ अटेस्टेशन को भी सरल बनाया गया।
भारत को 'ग्लोबल साउथ की आवाज' क्यों कहा जा रहा है?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने विकासशील देशों के हितों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाया है और इंटरनेशनल सोलर अलायंस तथा सीमा पार UPI जैसी पहलों के ज़रिए वैश्विक भलाई में योगदान दिया है। यह दावा खासतौर पर G20 की भारत की अध्यक्षता के संदर्भ में भी किया जाता रहा है।
जयशंकर का 'विश्वकल्याण के 12 साल' साक्षात्कार कब आएगा?
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर का यह साक्षात्कार शीघ्र आने वाला है, हालाँकि अभी तक इसकी कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। इसमें अंतरिक्ष अन्वेषण, ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, साइबर क्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
पिछले 12 वर्षों में भारत की विदेश नीति में क्या मुख्य बदलाव आए?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने ग्लोबल साउथ का नेतृत्व, संकट में फर्स्ट रेस्पॉन्डर की भूमिका, जलवायु कार्रवाई में सक्रिय भागीदारी और डिजिटल कूटनीति में उल्लेखनीय प्रगति की है। साथ ही 44 नए दूतावास खोलकर और प्रवासी सेवाओं को बेहतर बनाकर आम भारतीयों की वैश्विक पहुँच भी मज़बूत की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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