एएमएमए विवाद: टिनी टॉम पर गैर-जमानती केस, लक्ष्मी प्रिया-श्वेता मेनन मामले में कोर्ट ने 9 जुलाई तक रिपोर्ट माँगी
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री अंसिबा हसन द्वारा मलयालम फिल्म कलाकार संघ (एएमएमए) के भीतर यौन, सांप्रदायिक और ऑनलाइन उत्पीड़न के आरोपों में दायर की गई शिकायतों पर कोच्चि की अदालत ने 2 जुलाई को कड़ा रुख अपनाया। अदालत के आदेश के बाद कदावंथरा पुलिस ने अभिनेता टिनी टॉम के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की, जबकि ज्यूडिशियल फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अभिनेत्री लक्ष्मी प्रिया और श्वेता मेनन के खिलाफ शिकायतों पर 9 जुलाई तक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
मुख्य घटनाक्रम
अंसिबा हसन ने आरोप लगाया था कि 13 फरवरी को कदावंथरा के रीजनल स्पोर्ट्स सेंटर में एएमएमए के एक पारिवारिक कार्यक्रम की रिहर्सल के दौरान टिनी टॉम ने उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। एफआईआर के अनुसार, टिनी टॉम ने कथित तौर पर उन्हें 'जिहादी' और धार्मिक चरमपंथी कहा तथा फिल्म जगत के कई सदस्यों की मौजूदगी में अश्लील और यौन रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कीं।
इससे पहले पुलिस ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा था कि कोई अपराध नहीं बनता और 'जिहादी' टिप्पणी महज मजाक में की गई थी। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस निष्कर्ष को सिरे से खारिज कर दिया।
अदालत की टिप्पणी
कोर्ट ने पाया कि केस दर्ज न करने की सिफारिश करने वाली पुलिस रिपोर्ट अधूरी थी और प्रथमदृष्टया ऐसे साक्ष्य उपलब्ध हैं जो आपराधिक जाँच की माँग करते हैं। अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि अभिनेत्री नीना कुरुप का गवाही बयान टिनी टॉम के खिलाफ आरोपों की पुष्टि करता है, जिससे प्राथमिकी दर्ज करने का आधार और मजबूत हो जाता है।
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब एएमएमए के भीतर उत्पीड़न के आरोप सामने आए हों — संघ पहले भी मलयालम फिल्म उद्योग में महिला कलाकारों की सुरक्षा को लेकर विवादों के केंद्र में रहा है।
पुलिस निष्क्रियता का आरोप
अंसिबा ने पलारीवट्टम पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने लक्ष्मी प्रिया के खिलाफ दायर शिकायत — जिसमें ऑनलाइन मीडिया प्लेटफॉर्म के ज़रिए बदनाम करने का आरोप था — पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसी तरह श्वेता मेनन के खिलाफ शिकायत पर भी पुलिस मौन रही। इसके बाद अंसिबा ने न्यायिक हस्तक्षेप के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अब पलारीवट्टम पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर को निर्देश दिया है कि वे दोनों शिकायतों पर की गई (या न की गई) कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट 9 जुलाई तक अदालत में पेश करें।
टिनी टॉम की कानूनी रणनीति
सूत्रों के अनुसार, टिनी टॉम कथित तौर पर कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श कर रहे हैं और केरल उच्च न्यायालय में एफआईआर को रद्द कराने की याचिका दायर करने पर विचार किया जा रहा है। कदावंथरा पुलिस द्वारा उन्हें जल्द ही पूछताछ के लिए तलब किए जाने की संभावना है।
आगे क्या होगा
यह मामला मलयालम फिल्म उद्योग में महिला कलाकारों की कार्यस्थल सुरक्षा और न्याय तक पहुँच की व्यापक बहस से जुड़ा है। 9 जुलाई को पलारीवट्टम पुलिस की रिपोर्ट आने के बाद लक्ष्मी प्रिया और श्वेता मेनन के मामले में अदालत की अगली कार्रवाई तय होगी। टिनी टॉम के खिलाफ दर्ज गैर-जमानती केस की जाँच आगे बढ़ने के साथ एएमएमए के भीतर जवाबदेही की माँग और तेज होने की उम्मीद है।