एएमएमए संकट: चार पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस, मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में गहराया विवाद
सारांश
मुख्य बातें
एसोसिएशन ऑफ मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स (एएमएमए) इस समय गंभीर आंतरिक संकट से जूझ रही है — संगठन के भीतर गुटबाजी, आरोप-प्रत्यारोप और कानूनी विवाद एक साथ सामने आए हैं, जिसके चलते चार प्रमुख पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 28 मई 2026 को कोच्चि से सामने आई इस खबर ने मलयालम सिनेमा जगत में हलचल मचा दी है। अब सभी की निगाहें अगले महीने होने वाली एएमएमए की जनरल बॉडी मीटिंग पर टिकी हैं, जिसमें मौजूदा कार्यकारिणी के भविष्य पर बड़ा फैसला हो सकता है।
किन्हें जारी हुआ नोटिस
रिपोर्टों के अनुसार, पूर्व जॉइंट सेक्रेटरी अंसिबा हसन, जनरल सेक्रेटरी कुक्कू परमेश्वरन, और एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य टिनी टॉम तथा लक्ष्मी प्रिया को कार्यकारिणी के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया गया है। संगठन इन सभी से विवाद और लगाए गए आरोपों पर जवाब माँग रहा है।
अंसिबा हसन को विशेष रूप से 1 जून से 3 जून 2026 के बीच पेश होकर अपने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा गया है। उन्होंने हाल ही में पद से इस्तीफा देते समय कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिससे विवाद और भड़क गया।
संगठन में दो गुट, कामकाज प्रभावित
बताया जा रहा है कि एएमएमए के भीतर अब दो अलग खेमे बन चुके हैं। एक तरफ संगठन की अध्यक्ष श्वेता मेनन हैं, तो दूसरी तरफ जनरल सेक्रेटरी कुक्कू परमेश्वरन — दोनों अलग-अलग पक्षों का नेतृत्व कर रही हैं। इस आंतरिक खींचतान का असर संगठन के रोज़मर्रा के कामकाज पर भी पड़ रहा है।
कुछ वरिष्ठ सदस्य बातचीत के ज़रिए मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन एक के बाद एक सामने आ रहे आरोपों ने स्थिति को और उलझा दिया है। यह गौरतलब है कि एएमएमए पहले भी हेमा कमेटी रिपोर्ट के बाद सुर्खियों में आ चुकी है, और यह नया विवाद उस पृष्ठभूमि में संगठन की साख के लिए एक और चुनौती है।
अंसिबा हसन के आरोप और कानूनी कार्रवाई
इस विवाद को सबसे अधिक हवा तब मिली जब अंसिबा हसन ने अभिनेता टिनी टॉम पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि टिनी टॉम ने कई बार सार्वजनिक रूप से उनका अपमान किया और उन्हें 'कट्टरपंथी' तथा 'जिहादी' जैसे शब्दों से संबोधित किया गया। अंसिबा अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई की तैयारी में हैं।
अभिनेत्री नीना कुरुप ने भी इससे पहले टिनी टॉम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि एएमएमए के एक कार्यक्रम की रिहर्सल के दौरान सबके सामने उनका अपमान किया गया और गाली-गलौज की गई। नीना ने इस पूरे मामले की विस्तृत जाँच की माँग की थी, और संभावना है कि वे इस नए मामले में भी गवाह बन सकती हैं।
पुलिस और प्रशासन तक पहुँचा मामला
अंसिबा हसन ने पुलिस के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मुख्यमंत्री और डीजीपी को भेजी शिकायत में आरोप लगाया कि पुलिस स्टेशन में अभिनेत्री लक्ष्मी प्रिया की कथित झूठी शिकायत के आधार पर उनके साथ गलत व्यवहार किया गया। उन्होंने यह भी माँग की है कि उनके आरोपों की जाँच मौजूदा एग्जीक्यूटिव कमेटी के बजाय एक स्वतंत्र समिति द्वारा की जाए।
जाँच पैनल के लिए अंसिबा ने रमेश पिशारोडी, माला पार्वती और ध्यान श्रीनिवासन के नाम सुझाए हैं।
ममूटी-मोहनलाल की नज़र, जनरल बॉडी पर टिकी उम्मीद
मलयालम सिनेमा के दिग्गज ममूटी और मोहनलाल भी इस पूरे घटनाक्रम पर नज़र बनाए हुए हैं, हालाँकि दोनों ने अब तक सीधे हस्तक्षेप नहीं किया है। लगातार बढ़ते विवाद, आपसी टकराव और कानूनी लड़ाई ने एएमएमए की छवि को गंभीर नुकसान पहुँचाना शुरू कर दिया है। अगले महीने होने वाली जनरल बॉडी मीटिंग में मौजूदा कमेटी के भविष्य को लेकर निर्णायक फैसला अपेक्षित है।