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एएमएमए संकट: ममूट्टी को जल्द सुधार की उम्मीद, श्वेता मेनन ने फोरेंसिक ऑडिट की माँग उठाई

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एएमएमए संकट: ममूट्टी को जल्द सुधार की उम्मीद, श्वेता मेनन ने फोरेंसिक ऑडिट की माँग उठाई

सारांश

केरल के सबसे प्रभावशाली फिल्म संगठन एएमएमए में उथल-पुथल जारी है — पूरी कार्यकारिणी का इस्तीफा, फोरेंसिक ऑडिट की माँग और ₹15 लाख के अनधिकृत खर्च के आरोप। ममूट्टी को भरोसा है कि सब ठीक होगा, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कह रही है।

मुख्य बातें

दिग्गज अभिनेता ममूट्टी ने 24 जून को कहा कि एएमएमए का विवाद जल्द सुलझ जाएगा।
पूर्व अध्यक्ष श्वेता मेनन के नेतृत्व वाली पूरी कार्यकारिणी ने रविवार को सामूहिक इस्तीफा दे दिया।
श्वेता मेनन ने पिछले दो कार्यकालों की वित्तीय गतिविधियों की फोरेंसिक ऑडिट की माँग उठाई।
पूर्व कोषाध्यक्ष उन्नी शिवपाल ने आरोप लगाया कि एक पारिवारिक कार्यक्रम पर बिना मंजूरी के ₹15 लाख खर्च किए गए।
कांग्रेस विधायक रमेश पिशारोडी की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय एड-हॉक समिति गठित; चार महीनों में नए चुनाव कराने का लक्ष्य।

मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (एएमएमए) में गहराते संकट के बीच दिग्गज अभिनेता और पद्म भूषण से सम्मानित ममूट्टी ने 24 जून को कहा कि संगठन में जारी विवाद जल्द सुलझ जाएगा। कोच्चि में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'बिल्कुल, एएमएमए में सब कुछ ठीक हो जाएगा — इसे ठीक होना ही है।' यह बयान ऐसे समय आया है जब केरल के सबसे प्रभावशाली फिल्म संगठन में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।

संकट की जड़: पूरी कार्यकारिणी का इस्तीफा

विवाद की शुरुआत तब हुई जब रविवार को एएमएमए की पूर्व अध्यक्ष श्वेता मेनन के नेतृत्व वाली पूरी कार्यकारिणी ने एक साथ इस्तीफा दे दिया। श्वेता मेनन ने अपने निर्णय का बचाव करते हुए स्पष्ट किया कि वह किसी की कठपुतली बनकर काम करने को तैयार नहीं थीं।

बुधवार को सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक तीखे बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि पद संभालने से पहले ही उनके चरित्र हनन की कोशिशें शुरू हो गई थीं और कार्यकाल के दौरान भी यह सिलसिला जारी रहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका किसी राजनीतिक विचारधारा या संगठन से कोई संबंध नहीं है।

फोरेंसिक ऑडिट की माँग

श्वेता मेनन ने आरोप लगाया कि उन्हें पूर्व पदाधिकारियों द्वारा लिए गए संदिग्ध फैसलों की जाँच करने से रोका गया। उन्होंने पिछले दो कार्यकालों की वित्तीय गतिविधियों की व्यापक फोरेंसिक ऑडिट कराने की माँग उठाई है। उनके अनुसार, संगठन में विश्वास बहाल करने के लिए खातों की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जाँच अनिवार्य है।

पूर्व कोषाध्यक्ष के गंभीर आरोप

एएमएमए के पूर्व कोषाध्यक्ष उन्नी शिवपाल ने भी संगठन के वित्तीय प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि एक पारिवारिक कार्यक्रम पर करीब ₹15 लाख खर्च किए गए, जबकि इसके लिए कार्यकारिणी समिति की मंजूरी नहीं ली गई थी।

शिवपाल के अनुसार, उन्होंने इस खर्च का विरोध किया था और संभवतः इसी कारण उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वित्तीय निर्णयों से उन्हें जानबूझकर अलग रखकर कई खाते तैयार किए गए। संगठन के शीर्ष नेतृत्व के बीच मतभेद इतने बढ़ गए थे कि अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष के सीमित व्हाट्सएप समूह में भी अक्सर तीखी बहस होती रहती थी।

एड-हॉक समिति और आगे की राह

कार्यकारिणी के सामूहिक इस्तीफे के बाद, कांग्रेस विधायक रमेश पिशारोडी की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय एड-हॉक समिति गठित की गई है। यह समिति अगले चार महीनों में नए कार्यकारी निकाय के चुनाव कराने सहित संगठन के कामकाज की देखरेख करेगी।

गौरतलब है कि एएमएमए केरल का सबसे प्रभावशाली फिल्म संगठन है और इसमें जारी यह संकट मलयालम सिनेमा जगत की आंतरिक राजनीति को उजागर करता है। फोरेंसिक ऑडिट की माँग और वरिष्ठ सदस्यों के खुले आरोपों के बीच, ममूट्टी की आशावादिता के बावजूद, संकट का समाधान फिलहाल दूर नज़र आता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एएमएमए की संरचनात्मक समस्याओं का जवाब नहीं देता। फोरेंसिक ऑडिट की माँग और ₹15 लाख के अनधिकृत खर्च के आरोप बताते हैं कि यह महज व्यक्तित्व टकराव नहीं, बल्कि शासन-व्यवस्था की गहरी विफलता है। एड-हॉक समिति में एक कांग्रेस विधायक का नेतृत्व यह सवाल भी उठाता है कि क्या एक कलाकार संगठन का संकट अब राजनीतिक गलियारों से सुलझाया जाएगा — और क्या यह स्वायत्तता के लिए शुभ है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एएमएमए विवाद क्या है और यह कैसे शुरू हुआ?
एएमएमए (मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन) में विवाद तब गहरा गया जब पूर्व अध्यक्ष श्वेता मेनन के नेतृत्व वाली पूरी कार्यकारिणी ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया। श्वेता मेनन ने आरोप लगाया कि उन्हें संदिग्ध वित्तीय फैसलों की जाँच करने से रोका गया और उनके चरित्र हनन की कोशिशें की गईं।
ममूट्टी ने एएमएमए विवाद पर क्या कहा?
दिग्गज अभिनेता ममूट्टी ने 24 जून को कहा कि 'बिल्कुल, एएमएमए में सब कुछ ठीक हो जाएगा — इसे ठीक होना ही है।' उन्होंने संकट के जल्द सुलझने की उम्मीद जताई, हालाँकि उन्होंने विवाद के विशेष पहलुओं पर कोई टिप्पणी नहीं की।
श्वेता मेनन ने फोरेंसिक ऑडिट की माँग क्यों की?
श्वेता मेनन का कहना है कि एएमएमए के पिछले दो कार्यकालों की वित्तीय गतिविधियाँ संदिग्ध हैं और संगठन में विश्वास बहाल करने के लिए निष्पक्ष फोरेंसिक जाँच जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन फैसलों की जाँच करने की उनकी कोशिशों को जानबूझकर रोका गया।
पूर्व कोषाध्यक्ष उन्नी शिवपाल ने क्या आरोप लगाए हैं?
उन्नी शिवपाल ने दावा किया कि एक पारिवारिक कार्यक्रम पर करीब ₹15 लाख कार्यकारिणी की मंजूरी के बिना खर्च किए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने के कारण उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई और उन्हें वित्तीय निर्णयों से अलग रखा गया।
एएमएमए में अब आगे क्या होगा?
कार्यकारिणी के इस्तीफे के बाद कांग्रेस विधायक रमेश पिशारोडी की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय एड-हॉक समिति गठित की गई है। यह समिति अगले चार महीनों में नए कार्यकारी निकाय के चुनाव कराने और संगठन के कामकाज की देखरेख का जिम्मा संभालेगी।
राष्ट्र प्रेस
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