केरल कांग्रेस में CM पद पर जंग: केपीसीसी की सख्त चेतावनी, गुटबाजी चरम पर

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केरल कांग्रेस में CM पद पर जंग: केपीसीसी की सख्त चेतावनी, गुटबाजी चरम पर

सारांश

केरल कांग्रेस में CM पद को लेकर केसी वेणुगोपाल, वीडी सतीसन और रमेश चेन्निथला के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर जंग छिड़ी है। केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने सार्वजनिक बयानबाजी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है। हिबी ईडन के इस्तीफे और फर्जी स्क्रीनशॉट विवाद ने संकट और गहरा कर दिया है।

Key Takeaways

  • केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने CM पद पर सार्वजनिक बयानबाजी को पार्टी अनुशासनहीनता घोषित करते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
  • केसी वेणुगोपाल, वीडी सतीसन और रमेश चेन्निथला के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर तीखी जुबानी जंग जारी है।
  • एआईसीसी पहले ही नेताओं को CM चर्चा से दूर रहने की सलाह दे चुकी थी, लेकिन निर्देश का पालन नहीं हुआ।
  • सांसद हिबी ईडन ने केपीसीसी डिजिटल मीडिया सेल प्रमुख पद से इस्तीफे की पेशकश की, केपीसीसी का फैसला अभी बाकी।
  • विमला बिनु ने राज्य पुलिस प्रमुख से फर्जी स्क्रीनशॉट्स वायरल करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की।
  • यह विवाद केरल कांग्रेस की संगठनात्मक कमज़ोरी को उजागर करता है और यूडीएफ की चुनावी एकजुटता के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।

तिरुवनंतपुरम, 25 अप्रैल। केरल कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अंदरूनी गुटबाजी अब सड़क पर आ गई है। केरल प्रदेश कांग्रेस समिति (केपीसीसी) ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट चेतावनी दी है कि CM पद पर किसी भी सार्वजनिक मंच पर की गई बयानबाजी को पार्टी अनुशासनहीनता माना जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

केपीसीसी अध्यक्ष की सख्त चेतावनी

केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने दो टूक शब्दों में कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर प्रिंट मीडिया, टेलीविजन या सोशल मीडिया — किसी भी माध्यम पर की गई सार्वजनिक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे बयान पार्टी की एकता को नुकसान पहुंचाते हैं और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के समर्थकों में भी नाराजगी का कारण बन रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) भी नेताओं को इस तरह की चर्चाओं से दूर रहने की सलाह दे चुकी है, लेकिन कुछ नेताओं ने उस निर्देश को भी अनसुना किया।

तीन गुटों में बंटी केरल कांग्रेस

फिलहाल केरल कांग्रेस में केसी वेणुगोपाल, वीडी सतीसन और रमेश चेन्निथला के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर तीखी जुबानी जंग जारी है। तीनों गुटों के कार्यकर्ता अपने-अपने नेता को CM फेस के रूप में प्रोजेक्ट करने में जुटे हैं, जबकि वरिष्ठ नेता खुद सीधे टकराव से बचते नजर आ रहे हैं।

विधानसभा चुनाव के बाद संभावित विधायकों का समर्थन हासिल करना निर्णायक होगा, इसीलिए तीनों खेमों में जमीनी स्तर पर समर्थन जुटाने की होड़ मची है। यह स्थिति २०२१ के विधानसभा चुनाव के बाद की उस अंदरूनी कलह की याद दिलाती है जब पार्टी सत्ता से बाहर रही और नेतृत्व को लेकर खींचतान ने पार्टी को कमज़ोर किया था।

हिबी ईडन का इस्तीफा और डिजिटल मीडिया विवाद

इसी बीच कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने केपीसीसी डिजिटल मीडिया सेल के प्रमुख पद से इस्तीफे की पेशकश की है। उन्होंने यह कदम विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद उठाया है और स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा मौजूदा CM विवाद से संबंधित नहीं है। केपीसीसी ने अभी तक उनके इस्तीफे पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।

वहीं, डिजिटल मीडिया सेल की कोऑर्डिनेटर विमला बिनु ने राज्य पुलिस प्रमुख से शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि उनके नाम से फर्जी स्क्रीनशॉट्स सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे हैं, जिनमें कथित तौर पर केसी वेणुगोपाल के समर्थकों के विरुद्ध साइबर हमले की अपील करने का दावा किया गया था। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

गहरा राजनीतिक संकट और आगे की राह

यह विवाद महज CM पद की दौड़ नहीं है — यह केरल कांग्रेस की संगठनात्मक कमज़ोरी और नेतृत्व शून्यता को उजागर करता है। जब पार्टी सत्ता में वापसी के लिए एकजुट रणनीति की जरूरत है, तब गुटबाजी और साइबर युद्ध उसकी ऊर्जा बर्बाद कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पार्टी ने समय रहते यह विवाद नहीं सुलझाया, तो यूडीएफ की एकजुटता पर सवाल उठेंगे और सत्तारूढ़ एलडीएफ को चुनावी फायदा मिल सकता है। केपीसीसी की अगली बैठक और एआईसीसी के हस्तक्षेप की दिशा पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

Point of View

बल्कि उस गहरी नेतृत्व शून्यता का प्रमाण है जो पार्टी को चुनाव दर चुनाव कमज़ोर करती आई है। विडंबना यह है कि एआईसीसी और केपीसीसी दोनों चेतावनी दे चुके हैं, फिर भी गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही — जो दर्शाता है कि अनुशासन की जड़ें कितनी खोखली हो चुकी हैं। जब सत्तारूढ़ एलडीएफ एकजुट होकर शासन का ढोल पीट रहा है, तब विपक्षी यूडीएफ का यह साइबर युद्ध मतदाताओं को क्या संदेश देता है? मुख्यधारा की मीडिया इसे महज 'अंदरूनी विवाद' कहकर टाल देती है, लेकिन असल सवाल यह है कि क्या केरल कांग्रेस के पास वाकई कोई स्वीकार्य CM चेहरा है?
NationPress
25/04/2026

Frequently Asked Questions

केरल कांग्रेस में CM पद को लेकर विवाद क्यों हो रहा है?
केरल विधानसभा चुनाव के बाद केसी वेणुगोपाल, वीडी सतीसन और रमेश चेन्निथला के समर्थक अपने-अपने नेता को CM फेस के रूप में प्रोजेक्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। यह खींचतान सोशल मीडिया पर खुलकर सामने आ गई है, जिससे पार्टी की एकता पर सवाल उठ रहे हैं।
केपीसीसी ने अपने नेताओं को क्या चेतावनी दी है?
केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने स्पष्ट किया है कि CM पद पर किसी भी सार्वजनिक मंच — प्रिंट, टीवी या सोशल मीडिया — पर बयान देना पार्टी अनुशासनहीनता माना जाएगा। दोषी नेताओं और कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
हिबी ईडन ने किस पद से इस्तीफा दिया है?
कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने केपीसीसी डिजिटल मीडिया सेल के प्रमुख पद से इस्तीफे की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि यह कदम मौजूदा CM विवाद से जुड़ा नहीं है और केपीसीसी ने अभी तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।
विमला बिनु ने पुलिस में क्या शिकायत की है?
केपीसीसी डिजिटल मीडिया सेल की कोऑर्डिनेटर विमला बिनु ने राज्य पुलिस प्रमुख से शिकायत की है कि उनके नाम से फर्जी स्क्रीनशॉट्स सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे हैं। इन स्क्रीनशॉट्स में कथित तौर पर उनके द्वारा केसी वेणुगोपाल के समर्थकों के खिलाफ साइबर हमले की अपील का दावा किया गया था।
केरल कांग्रेस की इस गुटबाजी का चुनाव पर क्या असर पड़ सकता है?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह विवाद समय रहते नहीं सुलझा, तो यूडीएफ की एकजुटता कमज़ोर होगी और सत्तारूढ़ एलडीएफ को चुनावी फायदा मिल सकता है। मतदाताओं में नेतृत्व को लेकर भ्रम की स्थिति पार्टी के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है।
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