अंकित शर्मा हत्याकांड: दिल्ली पुलिस ने 6 बरी आरोपियों के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की, दो दोषियों ने भी सजा को दी चुनौती
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली हाईकोर्ट में 12 अगस्त 2026 को 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड की सुनवाई हुई, जिसमें दो अलग-अलग पक्षों की याचिकाएँ एक साथ सामने आईं। दिल्ली पुलिस ने निचली अदालत द्वारा 6 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी, जबकि मामले में दोषी ठहराए गए नाजिम और कासिम ने अपनी उम्रकैद की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
मुख्य घटनाक्रम
इस साल 13 जुलाई को ट्रायल कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित नाजिर, कासिम, जावेद और अनस को अंकित शर्मा की हत्या का दोषी ठहराया था। इसके बाद 31 जुलाई को अदालत ने ताहिर हुसैन और चारों अन्य दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। उसी फैसले में 6 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया था।
दिल्ली पुलिस की अपील
बुधवार को दिल्ली पुलिस के वकील ने हाईकोर्ट को सूचित किया कि राज्य सरकार उन 6 बरी आरोपियों के खिलाफ अपील दाखिल कर रही है। वकील ने अदालत में कहा, 'राज्य सरकार भी अपील कर रही है। छह आरोपी ऐसे हैं, जिन्हें बरी कर दिया गया है। हम इस प्रक्रिया में हैं।' इस पर हाईकोर्ट ने 6 बरी व्यक्तियों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब माँगा।
दोषियों की चुनौती
दूसरी ओर, दोषी नाजिम और कासिम ने निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस विकास महाजन की खंडपीठ ने इस अपील पर सुनवाई करते हुए कहा, 'हम आज नोटिस जारी करेंगे। ये अपीलें 13 जुलाई के उस फैसले से जुड़ी हैं जिसके तहत अपील करने वाले को दोषी ठहराया गया था। उन्हें अलग-अलग धाराओं के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।' अदालत ने इस अपील पर दिल्ली पुलिस को भी नोटिस जारी किया।
मामले की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या हुई थी। उनका शव उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चाँद बाग इलाके में एक नाले से बरामद हुआ था। यह मामला दंगों की सबसे चर्चित और संवेदनशील घटनाओं में से एक रहा है। यह ऐसे समय में हाईकोर्ट पहुँचा है जब 2020 दिल्ली दंगों से जुड़े कई मामलों में निचली अदालतों के फैसलों की उच्च न्यायालय में समीक्षा की जा रही है।
आगे की सुनवाई
दोनों पक्षों की याचिकाओं — दिल्ली पुलिस की अपील और दोषियों की चुनौती — पर अगली सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने 2 दिसंबर की तारीख निर्धारित की है। इस मामले का फैसला दंगों से जुड़े अन्य मामलों की दिशा पर भी असर डाल सकता है।