अंकित शर्मा हत्याकांड: कड़कड़डूमा कोर्ट आज ताहिर हुसैन की सजा पर सुनेगा दलीलें
सारांश
मुख्य बातें
कड़कड़डूमा कोर्ट में 23 जुलाई 2026 को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में सजा की मात्रा निर्धारित करने पर सुनवाई होनी है। फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान हुई इस हत्या में आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित पाँच लोगों को 13 जुलाई को दोषी ठहराया जा चुका है। गुरुवार की सुनवाई में अभियोजन और बचाव पक्ष दोनों अपनी-अपनी दलीलें पेश करेंगे।
मामले का घटनाक्रम
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 25 फरवरी 2020 को खजूरी खास इलाके में चांद बाग पुलिया के निकट दो समूहों के बीच भड़की हिंसा में अंकित शर्मा फँस गए थे। जब उन्होंने दोनों पक्षों को शांत करने की कोशिश की, तब लगभग 20 से 25 लोगों की भीड़ ने उनका अपहरण कर लिया, उन पर हमला किया और कई बार चाकू मारा। इसके बाद उनके शव को पास के नाले में फेंक दिया गया।
कोर्ट का फैसला और आरोप
13 जुलाई को कोर्ट ने ताहिर हुसैन और चार अन्य आरोपियों को हत्या, दंगा, अपहरण, आपराधिक बल का प्रयोग और विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने के आरोपों में दोषी करार दिया। फैसले के बाद कोर्ट ने दोनों पक्षों को 23 जुलाई तक उचित सजा पर अपनी दलीलें तैयार करने का निर्देश दिया था।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर दयालपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर पर आधारित है। ताहिर हुसैन का नाम सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था। गौरतलब है कि फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में 53 लोगों की जान गई थी, सैकड़ों घायल हुए थे और करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ था।
आगे क्या होगा
आज की सुनवाई में अभियोजन पक्ष अधिकतम सजा की माँग कर सकता है, जबकि बचाव पक्ष रियायत के लिए दलीलें पेश करेगा। कोर्ट के फैसले से यह तय होगा कि ताहिर हुसैन और अन्य दोषियों को कितनी अवधि की सजा मिलेगी। यह मामला 2020 दिल्ली दंगों से जुड़े सबसे हाई-प्रोफाइल मुकदमों में से एक है।