आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड: कड़कड़डूमा कोर्ट का फैसला 7 जुलाई तक स्थगित
सारांश
मुख्य बातें
कड़कड़डूमा कोर्ट ने आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में 11 जून 2025 को सुनाया जाने वाला फैसला स्थगित करते हुए अगली तारीख 7 जुलाई 2025 तय की है। यह मामला फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली सांप्रदायिक दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के कर्मचारी की हत्या से जुड़ा है, जिसमें पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन समेत 11 आरोपी हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
25 फरवरी 2020 को अंकित शर्मा घर का सामान लेने निकले और देर रात तक वापस नहीं लौटे। स्थानीय लोगों से सूचना मिली कि चांद बाग इलाके में एक युवक को नाले में फेंका गया है। अगले दिन 26 फरवरी 2020 को पुलिस ने खजूरी खास इलाके के नाले से उनका शव बरामद किया।
उसी दिन अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर दयालपुर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई। इस हत्या ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया और यह प्रकरण दिल्ली दंगों के सर्वाधिक चर्चित मामलों में शामिल हो गया।
आरोप और अभियोजन पक्ष का रुख
मार्च 2023 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन सहित सभी 11 आरोपियों के विरुद्ध दंगा, घातक हथियारों के साथ दंगा, सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने, हत्या और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराओं के तहत आरोप तय किए। ताहिर हुसैन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की कुछ अतिरिक्त धाराएँ भी लगाई गई हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, ताहिर हुसैन और अन्य आरोपी उस हिंसक भीड़ और कथित साजिश का हिस्सा थे जिसने दंगों के दौरान अंकित शर्मा की हत्या की। ट्रायल कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी टिप्पणी की थी कि ताहिर हुसैन ने कथित तौर पर भीड़ को हिंदुओं को निशाना बनाने के लिए उकसाया था।
न्यायिक प्रक्रिया और जमानत की स्थिति
इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ताहिर हुसैन की जमानत याचिका खारिज कर चुका है। यह मामला पाँच वर्षों से अधिक समय से न्यायिक प्रक्रिया में है और फैसले की तारीख का बार-बार स्थगित होना पीड़ित परिवार के लिए प्रतीक्षा को और लंबा कर रहा है।
आगे क्या होगा
अब सभी पक्षों की निगाहें 7 जुलाई 2025 पर टिकी हैं, जब कड़कड़डूमा कोर्ट इस हाई-प्रोफाइल मामले में फैसला सुना सकती है। यह निर्णय दिल्ली दंगों से जुड़े विभिन्न लंबित मामलों की दिशा पर भी असर डाल सकता है।