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अंकित शर्मा हत्याकांड: कड़कड़डूमा कोर्ट का फैसला 13 जुलाई तक टला, ताहिर हुसैन समेत 11 आरोपी

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अंकित शर्मा हत्याकांड: कड़कड़डूमा कोर्ट का फैसला 13 जुलाई तक टला, ताहिर हुसैन समेत 11 आरोपी

सारांश

दिल्ली दंगों का सबसे संवेदनशील मामला — आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड — एक बार फिर फैसले की दहलीज पर आकर रुक गया। कड़कड़डूमा कोर्ट अब 13 जुलाई को निर्णय सुनाएगा। ताहिर हुसैन समेत 11 आरोपियों पर हत्या और आपराधिक साजिश के गंभीर आरोप हैं।

मुख्य बातें

कड़कड़डूमा कोर्ट ने आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में फैसला 13 जुलाई 2025 तक टाल दिया।
इससे पहले फैसले की तारीखें 11 जून और 7 जुलाई तय की गई थीं, दोनों बार सुनवाई आगे बढ़ी।
अंकित शर्मा का शव 26 फरवरी 2020 को खजूरी खास के नाले से बरामद हुआ था।
पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन समेत 11 आरोपियों पर मार्च 2023 में हत्या, दंगा और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए गए।
दिल्ली उच्च न्यायालय ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पहले ही खारिज कर चुका है।

दिल्ली दंगा मामले में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड का फैसला कड़कड़डूमा कोर्ट में 7 जुलाई 2025 को एक बार फिर टल गया। अदालत अब इस बहुचर्चित मामले में 13 जुलाई 2025 (सोमवार) को अपना निर्णय सुनाएगी। इससे पहले फैसले की तारीख 11 जून और फिर 7 जुलाई तय की गई थी, लेकिन दोनों बार सुनवाई आगे खिसका दी गई।

मुख्य घटनाक्रम

26 फरवरी 2020 को दिल्ली दंगों के दौरान अंकित शर्मा का शव खजूरी खास इलाके के एक नाले से बरामद हुआ था। 25 फरवरी 2020 को वे घर का सामान लेने निकले थे और देर रात तक वापस नहीं लौटे। स्थानीय लोगों से सूचना मिली कि चांद बाग इलाके से एक युवक को नाले में फेंका गया है, जिसके बाद पुलिस ने तलाशी में शव बरामद किया।

अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर दयालपुर पुलिस स्टेशन में उसी दिन यानी 26 फरवरी 2020 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

आरोप और अभियोजन पक्ष का रुख

जाँच पूरी होने के बाद मार्च 2023 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन समेत सभी 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए। इनमें दंगा, घातक हथियारों के साथ दंगा, विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाना, हत्या और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराएँ शामिल हैं। ताहिर हुसैन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की कुछ अतिरिक्त धाराओं के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, ताहिर हुसैन और अन्य आरोपी उस हिंसक भीड़ तथा कथित साजिश का हिस्सा थे जिसने दंगों के दौरान अंकित शर्मा की हत्या की। ट्रायल कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी टिप्पणी की थी कि ताहिर हुसैन ने कथित तौर पर भीड़ को हिंदुओं को निशाना बनाने के लिए उकसाया था।

न्यायिक प्रक्रिया और जमानत याचिका

इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ताहिर हुसैन की जमानत याचिका खारिज कर चुका है। मामला लंबे समय से सुर्खियों में है और दिल्ली दंगों के सर्वाधिक चर्चित मामलों में गिना जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब फरवरी 2020 के दंगों से जुड़े कई अन्य मुकदमे भी विभिन्न अदालतों में अलग-अलग चरणों में चल रहे हैं।

आगे क्या होगा

अब सभी की निगाहें 13 जुलाई 2025 पर टिकी हैं जब कड़कड़डूमा कोर्ट इस मामले में अपना निर्णय सुनाएगा। फैसले का असर न केवल ताहिर हुसैन और अन्य 10 आरोपियों पर पड़ेगा, बल्कि यह दिल्ली दंगा मामलों की न्यायिक प्रक्रिया की दिशा भी तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे राज्य की जवाबदेही का सवाल सीधे जुड़ता है। आलोचकों का कहना है कि दंगों से जुड़े मुकदमों में अभियोजन की गति और संसाधन असमान रहे हैं। 13 जुलाई का फैसला केवल 11 आरोपियों की किस्मत नहीं तय करेगा — यह दिल्ली दंगा न्याय की पूरी कथा को एक नई दिशा देगा।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंकित शर्मा हत्याकांड में अब फैसला कब आएगा?
कड़कड़डूमा कोर्ट अब इस मामले में 13 जुलाई 2025 (सोमवार) को फैसला सुनाएगा। इससे पहले 11 जून और 7 जुलाई की तारीखें तय की गई थीं, लेकिन दोनों बार सुनवाई आगे खिसका दी गई।
अंकित शर्मा कौन थे और उनकी हत्या कैसे हुई?
अंकित शर्मा भारतीय खुफिया ब्यूरो (IB) में कार्यरत अधिकारी थे। 25 फरवरी 2020 को वे घर का सामान लेने निकले और वापस नहीं लौटे। अगले दिन 26 फरवरी 2020 को उनका शव दिल्ली के खजूरी खास इलाके के नाले से बरामद हुआ।
इस मामले में कितने आरोपी हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
इस मामले में ताहिर हुसैन समेत कुल 11 आरोपी हैं। मार्च 2023 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने सभी पर दंगा, घातक हथियारों के साथ दंगा, वैमनस्य फैलाना, हत्या और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराओं के तहत आरोप तय किए।
ताहिर हुसैन कौन हैं और उनकी जमानत का क्या हुआ?
ताहिर हुसैन पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद हैं जिन पर इस मामले में मुख्य आरोपी के रूप में आईपीसी की अतिरिक्त धाराएँ भी लगाई गई हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय उनकी जमानत याचिका पहले ही खारिज कर चुका है।
दिल्ली दंगों और अंकित शर्मा मामले का संबंध क्या है?
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान अंकित शर्मा की हत्या हुई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार ताहिर हुसैन और अन्य आरोपी उस हिंसक भीड़ की कथित साजिश का हिस्सा थे जिसने दंगों के बीच यह हत्या की।
राष्ट्र प्रेस
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