अंकित शर्मा हत्याकांड: कड़कड़डूमा कोर्ट आज सुनाएगी फैसला, ताहिर हुसैन समेत 11 आरोपी
सारांश
मुख्य बातें
कड़कड़डूमा कोर्ट 11 जून 2026 को 2020 दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में अपना फैसला सुनाएगी। आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित 11 आरोपी इस मामले में कठघरे में हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
26 फरवरी 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की व्यापक सांप्रदायिक हिंसा के बीच अंकित शर्मा का शव खजूरी खास इलाके के एक नाले से बरामद हुआ था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 25 फरवरी 2020 को शर्मा घर का सामान खरीदने निकले थे और वापस नहीं लौटे। उनके पिता रविंदर कुमार को स्थानीय लोगों से पता चला कि चांद बाग इलाके से एक युवक को खजूरी खास नाले में फेंका गया था, जिसके बाद शव की पहचान हुई।
अभियोजन पक्ष के आरोप
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि ताहिर हुसैन और उनके साथी उस गैर-कानूनी भीड़ और आपराधिक साजिश का हिस्सा थे, जिसके परिणामस्वरूप दंगों के दौरान शर्मा की हत्या हुई। रविंदर कुमार की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में हुसैन और उनके साथियों को सीधे जिम्मेदार बताया गया।
आरोप और कानूनी धाराएँ
मार्च 2023 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने हुसैन समेत 11 आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 147 (दंगा करना), 148 (घातक हथियार के साथ दंगा), 153ए (सांप्रदायिक दुश्मनी को बढ़ावा), 302 (हत्या) और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत आरोप तय किए। ताहिर हुसैन पर अतिरिक्त रूप से आईपीसी की धारा 505, 109 और 114 के तहत भी आरोप लगाए गए। ट्रायल कोर्ट ने उस समय दर्ज किया था कि हुसैन ने भीड़ को हिंदुओं को निशाना बनाने के लिए उकसाया।
उच्च न्यायालय का रुख
इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस मामले में ताहिर हुसैन की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की एकल-न्यायाधीश पीठ ने आरोपों और रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों की समीक्षा के बाद यह याचिका अस्वीकार की थी।
आज का फैसला
कड़कड़डूमा कोर्ट ने फैसले की तारीख पहले से आगे बढ़ाते हुए 11 जून निर्धारित की थी। यह फैसला 2020 दिल्ली दंगों से जुड़े उन महत्वपूर्ण मामलों में से एक है, जिनमें अब तक न्यायिक प्रक्रिया जारी है। फैसले के बाद दोनों पक्षों की ओर से उच्च न्यायालय में अपील की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।