नेपाल हिमस्खलन: हिमलुंग बेस कैंप पर 14 नेपाली गाइड लापता, बचाव हेलीकॉप्टर रवाना
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल के मनांग जिले में माउंट हिमलुंग के बेस कैंप पर रविवार, 27 सितंबर 2026 को आए भीषण हिमस्खलन के बाद कम से कम 14 नेपाली पर्वतारोहण गाइड और कर्मचारी लापता हैं। ट्रेकिंग अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। लापता लोग अभियान दल के अग्रिम दस्ते के सदस्य थे, जो पर्वतारोहण शुरू होने से पहले रस्सियाँ लगाने और टेंट खड़े करने के काम में लगे थे।
मुख्य घटनाक्रम
अभियान आयोजक कंपनी के जनरल मैनेजर बरुन भंडारी ने बताया कि बर्फ खिसकने के बाद उनकी कंपनी के 6 से अधिक कर्मचारी लापता हैं। उन्होंने कहा, 'हमें जानकारी मिली है कि बर्फ खिसकने के बाद हमारे 6 से ज़्यादा कर्मचारी लापता हैं, लेकिन हम इस संख्या की पुष्टि नहीं कर सकते क्योंकि रविवार सुबह अपने एक कर्मचारी से थोड़ी देर बात की थी, हालाँकि इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया है।' भंडारी के अनुसार उनकी कंपनी के 20 से अधिक कर्मचारी बेस कैंप टीम का हिस्सा थे।
एक अन्य अभियान कंपनी ने भी पुष्टि की कि उसके कुछ कर्मचारी इस हिमस्खलन की चपेट में आए हैं, हालाँकि उस कंपनी ने सटीक संख्या बताने से इनकार किया। 'काठमांडू पोस्ट' ने ट्रेकिंग अधिकारियों के हवाले से बताया कि मनांग के नार फू इलाके में हिमलुंग हिमाल पर हिमस्खलन के बाद करीब 14 नेपाली लापता हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
मनांग जिले के चीफ डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर मुक्ति प्रसाद खनल ने कहा कि लापता लोगों की संख्या की अभी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। उन्होंने यह भी बताया कि जिस इलाके में हिमस्खलन आया है, वहाँ बचाव कार्य के लिए हेलीकॉप्टर भेजे जा चुके हैं। दुर्गम पहाड़ी इलाके और खराब मौसम की वजह से ज़मीनी रास्ते से राहत पहुँचाना अत्यंत कठिन बताया जा रहा है।
पूर्व चेतावनी के बावजूद हादसा
यह दुर्घटना ऐसे समय में हुई जब मनांग जिला प्रशासन पहले ही सतर्क हो चुका था। जिला प्रशासन कार्यालय ने हिमालय के ऊँचे इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश और बर्फबारी के पूर्वानुमान को देखते हुए 25 से 27 सितंबर 2026 तक कई ऊँचाई वाले क्षेत्रों में ट्रेकिंग पर पाबंदी लगाई थी। जिला सुरक्षा समिति ने खराब मौसम के कारण जान-माल के खतरे को देखते हुए यह प्रतिबंध लागू किया था। इसके बावजूद अग्रिम दस्ता बेस कैंप पर मौजूद था।
गौरतलब है कि नेपाल में 24 सितंबर से लगातार बारिश हो रही है, जिसके कारण कई नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुँच गया है। अधिकारियों ने नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को ऊँचे स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
आपदाओं की पृष्ठभूमि
यह हादसा नेपाल-चीन सीमा के पास आई विनाशकारी भोटेकोशी बाढ़ आपदा के ठीक एक महीने बाद हुआ है। उस आपदा में एक बड़े ग्लेशियर के टूटने और भूस्खलन के कारण 1,400 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और 5,000 से अधिक लापता बताए गए थे। यह नेपाल के लिए इस मौसम में दूसरा बड़ा प्राकृतिक झटका है।
पर्यटन पर असर
पर्यटन नेपाल की अर्थव्यवस्था के प्रमुख स्तंभों में से एक है। भोटेकोशी बाढ़ आपदा के बाद से नेपाल सरकार लगातार अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों से देश में आने की अपील कर रही है और यह भरोसा दिला रही है कि देश के बाकी हिस्से पूरी तरह सुरक्षित हैं। लेकिन हिमलुंग की यह घटना उस संदेश को और कठिन बना सकती है। बचाव अभियान जारी है और लापता लोगों की पुष्टि होने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।