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रासुवागढ़ी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट: अंडरग्राउंड पावर हाउस तक नहीं पहुंची रेस्क्यू टीम, नेपाल में 900 से अधिक मृत

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रासुवागढ़ी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट: अंडरग्राउंड पावर हाउस तक नहीं पहुंची रेस्क्यू टीम, नेपाल में 900 से अधिक मृत

सारांश

नेपाल की भीषण बाढ़ त्रासदी में 900 से अधिक मौतें और 4,000 से अधिक लापता — और रासुवागढ़ी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट का अंडरग्राउंड पावर हाउस अब भी रेस्क्यू टीम की पहुंच से बाहर। सुरंग बंद होने से ड्रिलिंग उपकरणों की जरूरत, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं।

मुख्य बातें

नेपाल बाढ़ त्रासदी में 900 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि; 4,000 से अधिक से संपर्क नहीं।
रासुवागढ़ी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट (111 मेगावाट) के अंडरग्राउंड पावर हाउस तक रेस्क्यू टीम नहीं पहुंच पाई।
सुरंग केवल 1-2 फीट तक खुली मिली; आगे ड्रिलिंग उपकरणों की जरूरत — सेना ने वापसी की।
कंपनी सचिव नरनाथ न्यूपाने ने सरकार से अपर त्रिशूली जैसे बचाव उपकरण मंगाने की अपील की।
नेपाल सेना के हेलिकॉप्टरों ने सोमवार दोपहर 1:30 बजे तक 1,330 लोगों को भोटेकोशी बाढ़ से बचाया।

नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन की त्रासदी में 900 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4,000 से अधिक लोगों से अब भी संपर्क नहीं हो पाया है। नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण ने यह जानकारी दी है। इस बीच रासुवागढ़ी हाइड्रोपावर कंपनी लिमिटेड ने पुष्टि की है कि 111 मेगावाट के रासुवागढ़ी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के अंडरग्राउंड पावर हाउस तक बचाव दल अब तक नहीं पहुंच पाया है।

सुरंग में क्यों रुकी रेस्क्यू टीम

रासुवागढ़ी हाइड्रोपावर कंपनी लिमिटेड के सचिव नरनाथ न्यूपाने ने बताया कि नेपाल सेना के बचावकर्मी सुरंग के उस हिस्से तक पहुंचे जहां मार्ग केवल 1-2 फीट तक खुला था। उसके आगे सुरंग पूरी तरह बंद पाई गई। न्यूपाने के अनुसार, "वे सुरंग के खुले हिस्से तक गए। जहाँ सुरंग 1-2 फीट खुली थी, वहाँ तक पहुंचे। फिर पता चला कि आगे सुरंग बंद है। इसीलिए वहाँ जाने के लिए ड्रिलिंग समेत सभी उपकरणों की जरूरत थी। सेना यह कहकर लौट आई कि वहाँ जाना मुमकिन नहीं है।"

प्रधानमंत्री सचिवालय का बयान

नेपाल के प्रधानमंत्री सचिवालय ने भी एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि भोटेकोशी नदी में बाढ़ आने के बाद रासुवागढ़ी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग की तलाशी ली गई। इंजीनियरों और ड्रोन टीम सहित नेपाल सेना के नेतृत्व वाले बचाव दल ने सुरंग के अंतिम बिंदु तक पहुंचकर ड्रोन उड़ाए, लेकिन वहाँ कोई व्यक्ति नहीं मिला। हालांकि, अंडरग्राउंड पावर हाउस तक पहुंचना अभी भी संभव नहीं हो पाया है।

उपकरणों की मांग और अगला कदम

न्यूपाने ने सरकार से अपील की है कि अपर त्रिशूली 3ए और अपर त्रिशूली 3बी परियोजनाओं में अपनाए गए बचाव तरीकों की तर्ज पर यहाँ भी आवश्यक उपकरण मंगाए जाएं और सेना को उसी प्रकार की कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएं। यह ऐसे समय में आया है जब बड़े पैमाने पर लापता लोगों की संख्या को लेकर परिवारों में गहरी चिंता बनी हुई है।

हेलिकॉप्टर से बचाव अभियान जारी

नेपाली सेना के अनुसार, सोमवार को दोपहर 1:30 बजे तक सेना के हेलिकॉप्टरों ने भोटेकोशी बाढ़ से प्रभावित 1,330 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। गौरतलब है कि रासुवा जिले में भोटेकोशी नदी के उफान ने भारी तबाही मचाई है और पहाड़ी इलाकों में संपर्क मार्ग बाधित होने से राहत कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। यह नेपाल की हालिया इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नेपाल की आपदा प्रतिक्रिया की सीमाओं का प्रतीक बन गया है — जहाँ सेना पहुंची, लेकिन उपकरणों के अभाव में लौट आई। यह पहली बार नहीं है कि पहाड़ी जलविद्युत परियोजनाओं में फंसे लोगों तक पहुंचने में संसाधनों की कमी सामने आई है। 4,000 से अधिक लापता लोगों के परिवारों के लिए हर घंटे की देरी एक नई पीड़ा है, और सरकार का 'उपकरण मंगाने' का आश्वासन अभी तक ठोस कार्रवाई में नहीं बदला है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रासुवागढ़ी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के अंडरग्राउंड पावर हाउस तक रेस्क्यू टीम क्यों नहीं पहुंच पाई?
भोटेकोशी नदी की बाढ़ के बाद सुरंग का अधिकांश हिस्सा बंद हो गया — बचाव दल केवल वहाँ तक पहुंच सका जहाँ सुरंग 1-2 फीट खुली थी। आगे ड्रिलिंग उपकरणों की जरूरत है, जो अभी मौके पर उपलब्ध नहीं हैं।
नेपाल बाढ़ त्रासदी में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार 900 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 4,000 से अधिक लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है।
भोटेकोशी बाढ़ में अब तक कितने लोगों को बचाया गया है?
नेपाली सेना के हेलिकॉप्टरों ने सोमवार को दोपहर 1:30 बजे तक 1,330 लोगों को भोटेकोशी बाढ़ से सुरक्षित निकाला। बचाव अभियान अभी भी जारी है।
रासुवागढ़ी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट क्या है और यह कहाँ स्थित है?
रासुवागढ़ी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट नेपाल के रासुवा जिले में स्थित 111 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना है। भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद इसकी सुरंग और अंडरग्राउंड पावर हाउस तक पहुंच बाधित हो गई है।
अंडरग्राउंड पावर हाउस तक पहुंचने के लिए अब क्या कदम उठाए जाएंगे?
रासुवागढ़ी हाइड्रोपावर कंपनी के सचिव नरनाथ न्यूपाने ने सरकार से अपर त्रिशूली 3ए और 3बी में इस्तेमाल किए गए बचाव उपकरण मंगाने और उसी तर्ज पर अभियान चलाने की अपील की है। ड्रिलिंग उपकरणों की व्यवस्था के बाद ही आगे की कार्रवाई संभव होगी।
राष्ट्र प्रेस
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