नेपाल बाढ़: मृतकों की संख्या 903 पहुंची, 4,247 लोग अब भी लापता; 20,819 जवान राहत अभियान में
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में मृतकों की संख्या 903 तक पहुंच गई है, जबकि 4,247 लोग अभी भी लापता हैं। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) द्वारा सोमवार, 31 अगस्त को जारी आंकड़ों के अनुसार, नदियों के किनारे और सुदूर इलाकों में लगातार शव बरामद हो रहे हैं। यह नेपाल के हालिया इतिहास की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक बन चुकी है।
मृतकों का आंकड़ा और सबसे अधिक प्रभावित जिला
एनडीआरआरएमए के अनुसार, अब तक बरामद 903 शवों में से सर्वाधिक 272 शव दक्षिणी चितवन जिले में मिले हैं। शवों की इतनी बड़ी संख्या के कारण स्थानीय प्रशासन को उन्हें संभालने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
चितवन जिला प्रशासन कार्यालय ने बताया कि बाद में बरामद अधिकांश शवों को देवघाट — काली गंडकी और त्रिशूली नदियों के संगम स्थल — पर दफनाया गया, ताकि जिले में महामारी फैलने का खतरा टाला जा सके। दफनाने से पूर्व अधिकारियों ने भविष्य में पहचान के लिए प्रत्येक शव के डीएनए नमूने एकत्र किए।
लापता लोगों की स्थिति
एनडीआरआरएमए के मुताबिक, अभी भी 4,247 लोग लापता हैं, जिनमें 592 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों में स्थित विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं में कार्यरत 933 कर्मचारी भी अब तक संपर्क से बाहर हैं।
गौरतलब है कि नेपाल-चीन सीमा के समीपवर्ती प्रभावित इलाकों में आपदा के बाद से नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के कई जवान तथा सरकारी कर्मचारी भी संपर्क में नहीं आ पाए हैं। प्राधिकरण ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी परिजन का पता नहीं है, तो पहचान के लिए सरकारी रिकॉर्ड की जांच करें।
बचाव अभियान और तैनात बल
अधिकारियों के अनुसार, खोज, बचाव और राहत कार्यों के लिए अब तक 20,819 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं — जिनमें 8,722 नेपाल सेना के जवान, 7,894 नेपाल पुलिसकर्मी और 4,203 सशस्त्र पुलिस बल के जवान शामिल हैं।
एनडीआरआरएमए ने बताया कि अब तक कुल 10,451 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, जिनमें 252 विदेशी नागरिक और 3,344 नेपाली नागरिक शामिल हैं जिन्हें नेपाल सेना ने हवाई बचाव अभियानों के जरिए निकाला। कई अज्ञात शव विभिन्न जिलों के 21 अस्पतालों में रखे गए हैं।
जलविद्युत परियोजनाओं में फंसे कर्मचारी
अधिकारियों की टीमें भारतीय और चीनी तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता से विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए अनवरत अभियान चला रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल के जलविद्युत क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश हो रहा है, जिससे इन परियोजनाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
घायल और राहत की स्थिति
इस आपदा में 267 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 156 लोगों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। बचाव अभियान जारी है और आने वाले दिनों में लापता लोगों की खोज के साथ-साथ प्रभावित इलाकों में पुनर्वास कार्य भी तेज किए जाने की उम्मीद है।