27 सितंबर 2026
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हिमलुंग बेस कैंप हिमस्खलन: मनांग में दो शव बरामद, कई पर्वतारोहण कर्मचारी अभी भी लापता

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हिमलुंग बेस कैंप हिमस्खलन: मनांग में दो शव बरामद, कई पर्वतारोहण कर्मचारी अभी भी लापता

सारांश

नेपाल के मनांग जिले में हिमलुंग पर्वत के बेस कैंप पर हिमस्खलन ने शरद ऋतु चढ़ाई मौसम की तैयारियों को दफना दिया। दो शव बरामद हो चुके हैं, दर्जनों कर्मचारी लापता हैं — और यह भोटेकोशी बाढ़ के एक महीने बाद नेपाल पर एक और बड़ा आघात है।

मुख्य बातें

नेपाल पुलिस ने 27 सितंबर 2026 को हिमलुंग बेस कैंप से दो शव बरामद होने की पुष्टि की।
7,126 मीटर ऊँचे हिमलुंग पर्वत के बेस कैंप पर हिमस्खलन के समय कई पर्वतारोहण कंपनियों के गाइड और सहायक कर्मचारी मौजूद थे।
हिमालयन हॉलिडेज के महाप्रबंधक बरुन भंडारी के अनुसार उनकी कंपनी के 6 से अधिक कर्मचारी अभी भी लापता हैं; बेस कैंप में 20 से अधिक कर्मचारी थे।
मनांग प्रशासन ने पहले ही 25-27 सितंबर के लिए उच्च ऊँचाई वाले क्षेत्रों में ट्रेकिंग पर प्रतिबंध लगाया था।
यह घटना भोटेकोशी बाढ़ आपदा के लगभग एक महीने बाद हुई जिसमें 1,400 से अधिक लोगों की जान गई थी।
बचाव और तलाशी अभियान जारी है; मौसम प्रतिकूल होने से अभियान में कठिनाई बनी हुई है।

नेपाल पुलिस ने 27 सितंबर 2026 को पुष्टि की कि पश्चिमी पर्वतीय जिले मनांग में हिमलुंग पर्वत के बेस कैंप पर आए भीषण हिमस्खलन के बाद दो शव बरामद किए गए हैं। 7,126 मीटर ऊँचे इस पर्वत के बेस कैंप में उस समय विभिन्न पर्वतारोहण कंपनियों के गाइड और सहायक कर्मचारी शरद ऋतु के चढ़ाई मौसम की तैयारियों में जुटे थे। बचाव और तलाशी अभियान अभी भी जारी है।

घटनाक्रम: कैसे आई तबाही

हिमस्खलन उस समय आया जब अग्रिम दल के गाइड और सहायक कर्मचारी रस्सियाँ लगाने और टेंट स्थापित करने के लिए बेस कैंप पर ठहरे हुए थे। बर्फ का विशाल प्रवाह बेस कैंप से होकर गुजरा और कई टेंटों को दफना गया। नेपाल पुलिस ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में दो लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की।

गौरतलब है कि मनांग प्रशासन कार्यालय ने पहले ही 25 से 27 सितंबर तक उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ट्रेकिंग पर प्रतिबंध लगा दिया था, क्योंकि भारी से अत्यधिक भारी बारिश और हिमपात का पूर्वानुमान था। जिला सुरक्षा समिति के निर्णय के अनुरूप यह प्रतिबंध प्रतिकूल मौसम के कारण जानमाल के खतरे को देखते हुए लगाया गया था।

लापता कर्मचारी और कंपनियों की स्थिति

पर्वतारोहण कंपनी हिमालयन हॉलिडेज के महाप्रबंधक बरुन भंडारी ने बताया कि हिमस्खलन के बाद उनके आधे दर्जन से अधिक कर्मचारी अभी भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि बेस कैंप में उनकी कंपनी के 20 से अधिक कर्मचारी मौजूद थे। एक अन्य पर्वतारोहण कंपनी इमेजिन नेपाल प्राइवेट लिमिटेड ने भी पुष्टि की कि उसके कुछ कर्मचारी इस हिमस्खलन से प्रभावित हुए हैं, हालाँकि कंपनी ने प्रभावितों की संख्या के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी।

व्यापक संदर्भ: नेपाल पर आपदाओं की मार

यह घटना नेपाल-चीन सीमा के निकट लगभग एक महीने पहले आई भीषण भोटेकोशी बाढ़ आपदा के तुरंत बाद हुई है, जो एक विशाल ग्लेशियर के ढहने और भूस्खलन के कारण आई थी। उस हादसे में 1,400 से अधिक लोगों की जान गई थी और 5,000 से अधिक लोग लापता हो गए थे। यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल पर्यटकों को यह भरोसा दिला रहा था कि देश के अधिकांश हिस्से सुरक्षित हैं।

इसके अलावा, 24 सितंबर से नेपाल के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे कई नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। अधिकारियों ने नदी किनारे बसे लोगों को ऊँचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

पर्यटन पर असर

पर्यटन नेपाल की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और यह देश की आय के सबसे बड़े स्रोतों में से एक है। भोटेकोशी आपदा के बाद से नेपाल सरकार पर्यटकों को देश में आने के लिए प्रोत्साहित कर रही थी। हिमलुंग की यह घटना शरद ऋतु पर्वतारोहण मौसम की शुरुआत से ठीक पहले हुई है, जो नेपाल के पर्यटन कारोबार के लिए सबसे व्यस्त समय होता है।

बचाव अभियान की स्थिति

नेपाल पुलिस के अनुसार बचाव और तलाशी अभियान अभी भी जारी है। दुर्गम पहाड़ी इलाके और प्रतिकूल मौसम की स्थिति इस अभियान को चुनौतीपूर्ण बना रही है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति और अभियान की प्रगति के साथ लापता कर्मचारियों की संख्या और स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी अग्रिम दल बेस कैंप में मौजूद था — यह दर्शाता है कि पर्यटन की आर्थिक मजबूरी और सुरक्षा नियमों के बीच खाई कितनी गहरी है। भोटेकोशी आपदा के बाद नेपाल पर्यटकों को 'देश सुरक्षित है' का संदेश दे रहा था, और इस हिमस्खलन ने उस संदेश को सबसे नाजुक वक्त पर चुनौती दी है। बिना मजबूत पूर्व-मौसम सुरक्षा प्रोटोकॉल के, बेस कैंप पर जाने वाले गाइड और श्रमिक हमेशा सबसे अधिक जोखिम उठाते हैं — और उनकी आवाज़ सबसे कम सुनी जाती है।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमलुंग बेस कैंप हिमस्खलन में क्या हुआ?
नेपाल के मनांग जिले में 7,126 मीटर ऊँचे हिमलुंग पर्वत के बेस कैंप पर हिमस्खलन आया, जिसने कई टेंटों को दफना दिया। 27 सितंबर 2026 को नेपाल पुलिस ने दो शव बरामद होने की पुष्टि की और बचाव अभियान जारी है।
हिमलुंग हिमस्खलन में कितने लोग लापता हैं?
हिमालयन हॉलिडेज कंपनी के महाप्रबंधक बरुन भंडारी के अनुसार उनकी कंपनी के 6 से अधिक कर्मचारी लापता हैं, जबकि कुल 20 से अधिक कर्मचारी बेस कैंप में थे। इमेजिन नेपाल प्राइवेट लिमिटेड ने भी अपने कुछ कर्मचारियों के प्रभावित होने की पुष्टि की है, लेकिन संख्या नहीं बताई।
हिमलुंग पर्वत बेस कैंप में लोग उस समय क्यों थे?
शरद ऋतु के पर्वतारोहण मौसम की तैयारी के लिए विभिन्न पर्वतारोहण कंपनियों के गाइड और सहायक कर्मचारी बेस कैंप में रस्सियाँ लगाने और टेंट स्थापित करने गए थे। यह एक सामान्य प्री-सीजन प्रक्रिया है जो अग्रिम दल द्वारा की जाती है।
क्या नेपाल ने पहले इस क्षेत्र में कोई चेतावनी जारी की थी?
हाँ, मनांग प्रशासन कार्यालय ने भारी बारिश और हिमपात के पूर्वानुमान के मद्देनजर 25 से 27 सितंबर तक उच्च ऊँचाई वाले क्षेत्रों में ट्रेकिंग पर प्रतिबंध लगाया था। यह प्रतिबंध जिला सुरक्षा समिति के निर्णय के तहत लगाया गया था।
नेपाल में हाल की इस आपदा का पर्यटन पर क्या असर होगा?
यह घटना शरद ऋतु पर्वतारोहण मौसम की शुरुआत से ठीक पहले हुई है, जो नेपाल के पर्यटन उद्योग का सबसे व्यस्त समय है। यह भोटेकोशी बाढ़ आपदा के एक महीने बाद हुई है, जब नेपाल पर्यटकों को देश आने के लिए प्रोत्साहित कर रहा था। पर्यटन नेपाल की आय के प्रमुख स्रोतों में से एक है, इसलिए इस घटना का आर्थिक असर भी पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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