31 अगस्त 2026
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नेपाल बाढ़: भारतीय सुरंग बचाव दल ने चिलिमे-लांगटांग में नेपाली सेना संग तलाशी अभियान चलाया, एक शव बरामद

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नेपाल बाढ़: भारतीय सुरंग बचाव दल ने चिलिमे-लांगटांग में नेपाली सेना संग तलाशी अभियान चलाया, एक शव बरामद

सारांश

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत का बचाव अभियान तेज़ — सुरंग दल ने लांगटांग में एक शव बरामद किया, 19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम काठमांडू में सक्रिय हुई, और 11 टन राहत सामग्री की चौथी खेप पहुंची। 403 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित लौटे, 500 अभी भी वहाँ हैं।

मुख्य बातें

भारतीय सुरंग बचाव दल ने 30 अगस्त को नेपाली सेना के साथ चिलिमे और लांगटांग हाइड्रोपावर सुरंग स्थलों पर संयुक्त अभियान चलाया।
खराब मौसम के बावजूद दल ने लांगटांग हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास सुरंग में प्रवेश कर एक व्यक्ति का शव बरामद किया।
भारत की 19 सदस्यीय विशेष फोरेंसिक टीम ने काठमांडू में डीएनए पहचान कार्य शुरू किया; राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने टीम को ब्रीफ किया।
भारत की ओर से 11 टन राहत सामग्री लेकर चौथी उड़ान काठमांडू पहुंची, जिसमें कंबल, तिरपाल और हाइजीन किट शामिल।
रात 9:30 बजे IST तक 403 भारतीय नागरिक चीन से नेपाल लौटे; 500 अभी भी चीन की तरफ, सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

भारतीय सुरंग बचाव दल ने रविवार, 30 अगस्त को नेपाली सेना के साथ मिलकर चिलिमे और लांगटांग क्षेत्र के हाइड्रोपावर सुरंग स्थलों पर संयुक्त तलाशी एवं बचाव अभियान चलाया। खराब मौसम की चुनौतियों के बावजूद, दल लांगटांग हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के निकट एक सुरंग में प्रवेश करने और एक व्यक्ति का शव बाहर निकालने में सफल रहा।

अभियान का विवरण

नेपाल में भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर जानकारी दी कि भारतीय टीम नेपाली सेना के साथ 'घनिष्ठ समन्वय' में तलाशी और बचाव अभियान जारी रखेगी। दल ने चिलिमे और लांगटांग — दोनों हाइड्रोपावर स्थलों पर एक साथ काम किया और नेपाली सेना के बचाव प्रयासों में सक्रिय सहयोग दिया।

फोरेंसिक टीम की तैनाती

इसके साथ ही, भारत की 19 सदस्यीय विशेष फोरेंसिक टीम ने रविवार को काठमांडू में कार्य आरंभ कर दिया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह टीम बाढ़ पीड़ितों के शवों की पहचान के लिए नेपाल में डीएनए सैंपल के विश्लेषण में सहायता करेगी।

नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने फोरेंसिक टीम से मुलाकात कर उन्हें अभियान की जानकारी दी। इसके बाद टीम ने नेपाल पुलिस की सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी और त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल के फोरेंसिक विभाग में अपने नेपाली समकक्षों के साथ विचार-विमर्श किया।

चीन की ओर से भारतीय नागरिकों की वापसी

विदेश मंत्रालय ने बताया कि रविवार रात 9:30 बजे IST तक, चीनी पक्ष के स्थानीय सरकारी सूत्रों के हवाले से 403 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से चीन से नेपाल में प्रवेश कर चुके हैं। मंत्रालय के अनुसार, अभी भी 500 भारतीय नागरिक चीन की तरफ हैं, और वे सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

राहत सामग्री की चौथी खेप पहुंची

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए भारत की ओर से 11 टन राहत सामग्री लेकर चौथी उड़ान रविवार को काठमांडू पहुंची। सामग्री संबंधित नेपाली अधिकारियों को सौंप दी गई।

इस खेप में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल थीं। इसके साथ ही खोज एवं बचाव उपकरणों से लैस एक सुरंग तकनीकी टीम और डीएनए विश्लेषण के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों का दल भी इस उड़ान में आया।

आगे की राह

भारतीय दल लांगटांग हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास अपना सहयोग अभियान जारी रखे हुए है। गौरतलब है कि यह भारत-नेपाल के बीच आपदा प्रबंधन सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जो दोनों देशों के बीच पड़ोसी-प्रथम नीति को व्यावहारिक रूप देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फोरेंसिक पहचान और राहत सामग्री — 'पड़ोसी-प्रथम' नीति की व्यावहारिक परीक्षा है, लेकिन असली सवाल यह है कि चीन की तरफ फंसे 500 भारतीय नागरिकों की वापसी कब और कैसे सुनिश्चित होगी। चौथी राहत उड़ान और 19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम की तैनाती संसाधन-प्रतिबद्धता दर्शाती है, परंतु लांगटांग जैसे दुर्गम क्षेत्रों में खराब मौसम के बीच सुरंग अभियान की गति और सफलता दर पर पारदर्शी जानकारी अभी सीमित है। यह वह क्षण है जब कूटनीतिक सद्भावना को ज़मीनी नतीजों में बदलने की ज़रूरत है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय सुरंग बचाव दल नेपाल में क्या कर रहा है?
भारतीय सुरंग बचाव दल नेपाली सेना के साथ मिलकर चिलिमे और लांगटांग क्षेत्र के हाइड्रोपावर सुरंग स्थलों पर तलाशी एवं बचाव अभियान चला रहा है। 30 अगस्त को दल ने लांगटांग हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास एक सुरंग से एक व्यक्ति का शव बरामद किया।
भारत की 19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम नेपाल में क्यों भेजी गई है?
यह टीम नेपाल में बाढ़ पीड़ितों के शवों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल विश्लेषण में सहायता करने के लिए भेजी गई है। टीम ने नेपाल पुलिस की सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी और त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल के फोरेंसिक विभाग के साथ समन्वय शुरू कर दिया है।
चीन में फंसे भारतीय नागरिकों का क्या हुआ?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 30 अगस्त की रात 9:30 बजे IST तक 403 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से चीन से नेपाल में प्रवेश कर चुके थे। अभी भी 500 भारतीय नागरिक चीन की तरफ हैं, जिन्हें सुरक्षित बताया जा रहा है।
नेपाल के लिए भारत ने अब तक कितनी राहत सामग्री भेजी है?
भारत ने नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद अब तक चार उड़ानों के ज़रिए राहत सामग्री भेजी है, जिसमें 30 अगस्त को पहुंची चौथी उड़ान में 11 टन सामग्री शामिल थी। राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं।
लांगटांग और चिलिमे में बचाव अभियान में क्या चुनौतियाँ हैं?
खराब मौसम इन दुर्गम हाइड्रोपावर सुरंग स्थलों पर बचाव अभियान की सबसे बड़ी चुनौती है। इसके बावजूद भारतीय दल ने लांगटांग में सुरंग में प्रवेश कर एक शव बरामद किया और नेपाली सेना के साथ समन्वय में अभियान जारी रखा है।
राष्ट्र प्रेस
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