पटना के बेढ़ना गांव में संदिग्ध जहरीली शराब से 4 मौतें, मंत्री विजय सिन्हा पहुंचे परिजनों के पास
सारांश
मुख्य बातें
पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित बेढ़ना गांव में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से चार लोगों की मौत हो गई है। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा 31 अगस्त, रविवार को घटनास्थल पर पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उनकी पीड़ा सुनी। मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का निर्देश दिया गया है।
घटनाक्रम: कैसे हुई मौतें
ग्रामीणों के अनुसार, बेढ़ना गांव में कुछ लोगों ने शराब पी, जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले गए, लेकिन उपचार के दौरान चारों की मृत्यु हो गई। स्थानीय ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यह मौतें जहरीली शराब के सेवन के कारण हुई हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी।
मंत्री की मौके पर मौजूदगी और निर्देश
मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने घटनास्थल पर पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने बाढ़ के एसडीएम को पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के निर्देश दिए। साथ ही पटना के जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक से भी बातचीत कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
सरकार का रुख: सख्त कार्रवाई का वादा
मंत्री सिन्हा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में अवैध शराब कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जांच में यदि कोई व्यक्ति अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।"
आम जनता और परिजनों पर असर
घटना के बाद बेढ़ना गांव और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतकों के परिजन शोक में डूबे हैं। मंत्री ने परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है।
आगे क्या होगा
पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। गौरतलब है कि बिहार में शराबबंदी कानून लागू है, और इस तरह की घटनाएं राज्य में अवैध शराब के प्रचलन पर गंभीर सवाल उठाती हैं।