बिहार में शराबबंदी के लिए सभी को मिलकर करना होगा काम: प्रेम कुमार
सारांश
Key Takeaways
- शराबबंदी को सफल बनाने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।
- हाल ही की जहरीली शराब की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
- सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है।
- विपक्ष सरकार पर आरोप लगा रहा है।
- बिहार में अब तक 1300 से अधिक मौतें हुई हैं।
बक्सर, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने शुक्रवार रात खिरौली में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि देश की जनता अब बदलाव की चाहत रखती है। उन्होंने कहा कि लोगों ने कांग्रेस को 50 वर्षों तक देखा है और विभिन्न क्षेत्रीय दलों का मूल्यांकन भी किया है। अब भारतीय जनता पार्टी का प्रदर्शन देश के विभिन्न राज्यों में बेहतर हो रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि असम में भाजपा की स्थिति मजबूत है और तमिलनाडु, केरल तथा पश्चिम बंगाल में भी हालात तेजी से बदल रहे हैं।
मोतीहारी में जहरीली शराब से हुई 6 मौतों पर प्रेम कुमार ने कहा कि ये घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं, लेकिन सरकार इस पर लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे निचले तबके में सकारात्मक बदलाव आया है। इस कानून को प्रभावी बनाने के लिए सरकार, प्रशासन और आम नागरिकों को मिलकर काम करना होगा। समाज के सभी वर्गों को आगे आकर शराबबंदी को सफल बनाने में सहयोग करना चाहिए।
बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा, "यह जल्द ही होगा, कृपया प्रतीक्षा करें। मुझे पता है कि तारीख उच्च स्तर पर तय की जाएगी, इसलिए उसका इंतजार करें। हमारे एनडीए नेता मिलकर निर्णय करेंगे कि किसे मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। सभी पांचों पार्टियां निर्णय लेंगी और जो भी फैसला होगा वह सभी के लिए स्वीकार्य होगा।"
मोतीहारी में जहरीली शराब पीने से 3 दिनों में 6 लोगों की जान चली गई है, जबकि कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं। मामले में चल रही छापेमारी के दौरान पीपराकोठी से 700 लीटर स्प्रिट जहरीली पाई गई है। इस शराब कांड पर विपक्ष डबल इंजन सरकार पर हमलावर है। विपक्ष का कहना है कि सरकार राज्य में शराबबंदी लागू करने में विफल रही है और जहरीली शराब पीने से लोगों की मौतें हो रही हैं।
राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि यह घटना एक बार फिर एनडीए सरकार के शराबबंदी कानून की विफलता को उजागर करती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शराबबंदी लागू होने के बाद अब तक बिहार में जहरीली शराब से 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।