मुख्यमंत्री सुक्खू का भाजपा पर गंभीर आरोप, कहा ‘हिमाचल के हितों के खिलाफ’

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मुख्यमंत्री सुक्खू का भाजपा पर गंभीर आरोप, कहा ‘हिमाचल के हितों के खिलाफ’

सारांश

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी नीतियाँ राज्य के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने केंद्र से उचित सहायता की कमी को लेकर सवाल उठाए और भाजपा की वित्तीय नीतियों की आलोचना की।

Key Takeaways

  • मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा को 'हिमाचल-विरोधी' कहा।
  • भाजपा के कार्यकाल में राज्य का कर्ज बढ़ा।
  • कांग्रेस सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं।
  • राजस्व घाटा अनुदान का बंद होना राज्य के लिए नुकसानदायक है।
  • मौजूदा सरकार पारदर्शिता और सुशासन पर जोर दे रही है।

शिमला, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को भाजपा पर तीखा हमला किया और उसे ‘हिमाचल-विरोधी’ करार दिया।

उन्होंने सवाल उठाया कि पार्टी राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) और आपदा राहत जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्र के समक्ष राज्य के साथ खड़ी क्यों नहीं हुई।

उन्होंने पूछा कि जब राज्य अपने हक के पैसे के लिए लड़ रहा था, तब भाजपा के नेता प्रधानमंत्री मोदी से मिलने सरकार के साथ क्यों नहीं गए? मुख्यमंत्री ने ऊना शहर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश पर 76,633 करोड़ रुपए का कर्ज चढ़ गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने चुनाव के समय लगभग 5,000 करोड़ रुपए की ‘मुफ्त की रेवड़ियां’ बांटी, जिससे वित्तीय अनुशासन में कमी आई। केंद्र से लगभग 60,000 करोड़ रुपए का अधिक फंड मिलने के बावजूद—जो कि मौजूदा सरकार को मिले फंड से भी अधिक था—भाजपा इन संसाधनों का सही उपयोग करने में असमर्थ रही।

इसके बजाय, उन्होंने कहा कि फंड का गलत इस्तेमाल किया गया, जिससे राज्य और अधिक कर्ज में डूब गया। उन्होंने कहा कि अगर पैसे का सही उपयोग किया गया होता तो आज हिमाचल कर्ज-मुक्त हो सकता था।

उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियां हमेशा राज्य के हितों के खिलाफ रही हैं और उसने जन कल्याण को प्राथमिकता नहीं दी। इसके विपरीत, मौजूदा सरकार पिछले 40 महीनों से ‘व्यवस्था परिवर्तन’ पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जन सेवा को प्राथमिकता दे रही है, नीतियों में बदलाव ला रही है, नए कानून बना रही है और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण कर रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य के लोगों ने अब यह समझ लिया है कि भाजपा सोशल मीडिया पर हेरफेर करके सत्ता प्राप्त करने की कोशिश कर रही है, जिसमें मौजूदा सरकार पर झूठे आरोप लगाना भी शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की है, जिनमें एक लाख गरीब परिवारों की महिलाओं के लिए 1,500 रुपए की मासिक सहायता, 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली और 59 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए पेंशन शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए गेहूं, मक्का और हल्दी के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाए गए हैं, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हुई है। उन्होंने पुनः दोहराया कि मौजूदा सरकार पारदर्शिता, सुशासन और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

सीएम सुक्खू ने कहा कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (राजस्व घाटा अनुदान) को बंद करने से राज्य को लगभग 50,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि यह राशि राज्य का अधिकार है, कोई खैरात नहीं।

Point of View

NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने भाजपा को 'हिमाचल-विरोधी' करार देते हुए केंद्र के सामने राज्य के मुद्दों पर खड़े न होने का आरोप लगाया।
भाजपा के कार्यकाल के दौरान हिमाचल प्रदेश पर कितना कर्ज चढ़ा?
मुख्यमंत्री ने बताया कि भाजपा के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश पर 76,633 करोड़ रुपए का कर्ज चढ़ गया था।
कांग्रेस सरकार ने किन कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की है?
कांग्रेस सरकार ने एक लाख गरीब परिवारों की महिलाओं के लिए मासिक सहायता, मुफ्त बिजली और पेंशन जैसी योजनाएं शुरू की हैं।
मुख्यमंत्री ने राज्य के हितों की रक्षा के लिए क्या कहा?
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार पारदर्शिता और सुशासन के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास कर रही है।
राजस्व घाटा अनुदान का क्या महत्व है?
यह राज्य का अधिकार है और इसका बंद होना राज्य को लगभग 50,000 करोड़ रुपए का नुकसान पहुँचाता है।
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