किशाऊ बांध पर सुक्खू का BJP पर हमला: 'वे राज्य के हितों से करते समझौता, हमने ₹600 करोड़ सालाना बचाए'
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 9 जुलाई को शिमला में एक समारोह के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि यदि राज्य में BJP की सरकार होती, तो वह किशाऊ बांध परियोजना में हिमाचल प्रदेश के हितों से समझौता कर लेती। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2023 के पुराने समझौते को अस्वीकार करके राज्य के खजाने की रक्षा की।
किशाऊ बांध विवाद: क्या है मामला
मुख्यमंत्री सुक्खू के अनुसार, पूर्व में प्रस्तावित समझौते को स्वीकार करने से राज्य के खजाने को भारी नुकसान होता। वर्तमान सरकार ने उस समझौते को ठुकराकर एक संशोधित करार किया, जिसके तहत हिमाचल प्रदेश को अब हर वर्ष करीब ₹600 करोड़ की अतिरिक्त आय होगी। सुक्खू ने इसे राज्य की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ी सफलता करार दिया।
केंद्र सरकार पर उपेक्षा का आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के हितों की अनदेखी कर रही है, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य अब भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2025 में कांगड़ा दौरे के दौरान घोषित ₹1,500 करोड़ के आपदा राहत पैकेज का इंतजार कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि BJP के चारों सांसदों ने वित्तीय सहायता के लिए प्रधानमंत्री से संयुक्त रूप से संपर्क नहीं किया।
आपदा राहत और कल्याणकारी योजनाएँ
प्राकृतिक आपदाओं का उल्लेख करते हुए सुक्खू ने बताया कि सरकार ने अपने संसाधनों से पूरी तरह क्षतिग्रस्त घरों के लिए मुआवजा राशि ₹1.30 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख कर दी है। उन्होंने दावा किया कि आपदा राहत के तहत दी जाने वाली यह राशि देश में सर्वाधिक है। इसके अलावा, अनाथ बच्चों, विधवाओं, अकेली महिलाओं और मेधावी छात्रों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएँ शुरू की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए व्यक्तिगत रूप से ₹51 लाख का दान दिया है। उल्लेखनीय है कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी, जब जय राम ठाकुर मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने राज्य को ₹35 लाख का योगदान दिया था।
राजस्व घाटे के बावजूद आत्मनिर्भरता का दावा
सुक्खू ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (RDG) में हर वर्ष ₹10,000 करोड़ की कटौती के बावजूद राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम कर रही है और पिछले साढ़े तीन वर्षों में उनके मंत्रिमंडल के विरुद्ध कोई आरोप नहीं लगाया गया।
BJP पर ED-CBI के दुरुपयोग का आरोप
एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि BJP चुनाव से पूर्व राजनीतिक उद्देश्यों के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का इस्तेमाल करती है। उन्होंने यह भी कहा कि BJP सत्ता के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाले कई गुटों में बंटी हुई है और राज्य की जनता ने उस पर से विश्वास खो दिया है। आगे आने वाले समय में किशाऊ परियोजना के क्रियान्वयन और केंद्र से लंबित राहत पैकेज पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।