ग्रेटर नोएडा: फर्जी कॉल सेंटर से लोन का झांसा देकर ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार; मोबाइल-डायरी बरामद
सारांश
मुख्य बातें
थाना बिसरख पुलिस ने 9 जुलाई 2025 को ग्रेटर नोएडा की अजनारा ली गार्डन सोसाइटी में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया। आरोपी लोगों को अधिक लोन दिलाने का लालच देकर फर्जी बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करा लेते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन और एक डायरी बरामद की है।
मुख्य घटनाक्रम
साइबर ठगी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर बुधवार को अजनारा ली गार्डन सोसाइटी के एक फ्लैट में छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में 23 वर्षीय सागर चौहान, निवासी न्याय खंड-1, इंद्रापुरम, गाजियाबाद और 25 वर्षीय कुलदीप, निवासी ग्राम बरौली, थाना बल्देव, जनपद मथुरा को मौके पर दबोचा गया।
दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना बिसरख में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ठगी का तरीका
प्रारंभिक जांच के अनुसार, दोनों आरोपी लोन112 ऐप और अन्य लोन ऐप से जुड़े ग्राहकों का डेटा हासिल करते थे। इसके बाद उन लोगों को फोन कर अधिक राशि का लोन दिलाने का भरोसा दिलाया जाता था। विश्वास जीतने के लिए फर्जी लोन अप्रूवल लेटर भेजे जाते थे।
जैसे ही पीड़ित इनके जाल में फंसता, पहले से लिए गए लोन को बंद कराने या नई प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर रकम फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर करा ली जाती थी। ठगी के बाद आरोपी इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड नष्ट कर देते थे, ताकि कोई सुराग न बचे।
गिरोह का नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि इस गिरोह से एक अन्य व्यक्ति भी जुड़ा है, जो फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराता था। वह ठगी की रकम में से 20 प्रतिशत कमीशन अपने पास रखता था और शेष 80 प्रतिशत नकद नोएडा के विभिन्न स्थानों पर आरोपियों तक पहुंचाता था। आरोपी उससे केवल व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से संपर्क करते थे और उसके पास कोई स्थायी मोबाइल नंबर नहीं था।
आगे की जांच
पुलिस अब इस साइबर ठगी गिरोह के अन्य सदस्यों, फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने वालों और डेटा सप्लाई करने वाले नेटवर्क की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। बरामद तीन मोबाइल फोन और डायरी की फॉरेंसिक जांच भी शुरू कर दी गई है। यह मामला उस बड़े ऑनलाइन लोन-फ्रॉड नेटवर्क की ओर इशारा करता है जो देश के कई शहरों में सक्रिय बताया जा रहा है।