नवादा में लोन ठगी के 4 साइबर अपराधी गिरफ्तार, 7 मोबाइल और फिंगरप्रिंट मशीन बरामद
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के नवादा जिले में वारिसलीगंज थाना पुलिस ने 5 मई 2026 को लोन दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले 4 अपराधियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देश पर की गई इस छापामारी में आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन, दो पन्नों का कस्टमर डेटा और एक फिंगरप्रिंट मशीन बरामद की गई है।
कैसे हुई छापामारी
पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देश पर वारिसलीगंज थाने की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दो स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की। पहली छापामारी ग्राम चैनपुरा स्थित विकास ईंट भट्टा के पास और दूसरी ग्राम नारोमुरार के दुर्गा मंदिर के निकट बगीचे में की गई। दोनों स्थानों से कुल 4 साइबर अपराधी पकड़े गए।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
पुलिस ने पिंटू कुमार यादव (39 वर्ष), सूरज कुमार (27 वर्ष), अंकित कुमार (21 वर्ष) और सौरव कुमार (22 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो आरोपी नवादा जिले के और दो नालंदा जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
ठगी का तरीका
पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह पहले लोन दिलाने के नाम पर ग्राहकों का मोबाइल नंबर, नाम और पता सहित व्यक्तिगत डेटा एकत्र करता था। इसके बाद उसी डेटा का उपयोग कर लोगों को फोन किया जाता था और बेहद कम ब्याज या बिना कागजात के लोन देने का लालच देकर ठगी की जाती थी। गौरतलब है कि फिंगरप्रिंट मशीन की बरामदगी इस बात का संकेत है कि गिरोह कथित तौर पर बायोमेट्रिक डेटा का भी दुरुपयोग कर सकता था।
पुलिस की अपील और आगे की कार्रवाई
नवादा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को फोन पर निजी जानकारी या बैंक विवरण न दें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि कोई बेहद कम ब्याज पर या बिना दस्तावेज़ के लोन देने का प्रस्ताव करे, तो यह साइबर ठगी का संकेत हो सकता है। पुलिस अब इस गिरोह के शेष सदस्यों की तलाश में जुटी है ताकि इस तरह की ठगी पर पूर्ण रोक लगाई जा सके।