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नोएडा में शेयर मार्केट के नाम पर ठगी करने वाले दो साइबर अपराधी गिरफ्तार

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नोएडा में शेयर मार्केट के नाम पर ठगी करने वाले दो साइबर अपराधी गिरफ्तार

सारांश

नोएडा में साइबर क्राइम पुलिस ने शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर ठगी करने वाले दो अपराधियों को गिरफ्तार किया। यह गिरोह लोगों को धोखा देकर बड़ी रकम हड़प रहा था।

मुख्य बातें

साइबर क्राइम में बढ़ोतरी हो रही है।
ठगी करने वाले लोग शेयर मार्केट का झांसा देते हैं।
पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
बैंक खातों में 7.14 लाख रुपए की ठगी की राशि मिली।
सतर्कता से आप ठगी से बच सकते हैं।

नोएडा, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर क्राइम थाना पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश कर ज्यादा मुनाफा कमाने का झांसा देकर लोगों को ठगी करने वाले दो कुशाग्र साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों के बैंक खातों में लगभग 7.14 लाख रुपए की ठगी की राशि मिलने की जानकारी प्राप्त हुई है।

पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को थाना साइबर क्राइम पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और साक्ष्य संकलन के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो अभियुक्तों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रईस (42 वर्ष) निवासी रामपुर, उत्तर प्रदेश और जितेन्द्र कुमार (35 वर्ष) निवासी उधमसिंह नगर, उत्तराखंड के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह गिरोह लोगों को शेयर मार्केट में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का लालच देता था। आरोपी लोगों से संपर्क कर उन्हें फर्जी निवेश योजनाओं में पैसा लगाने के लिए प्रेरित करते थे। जब लोग अधिक लाभ की आशा में धन ट्रांसफर कर देते थे, तो आरोपी उनसे संपर्क तोड़ लेते थे।

पूछताछ में यह पता चला कि आरोपी रईस साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को अपने बैंक खाते में प्राप्त करता था, जबकि जितेन्द्र कुमार अन्य लोगों के बैंक खाते खुलवाकर उनमें ठगी की राशि मंगाने का कार्य करता था। इस प्रकार दोनों मिलकर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहे थे।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों के बैंक खातों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से कुल 17 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इन शिकायतों में लगभग 1 करोड़ 32 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इन शिकायतों में उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, असम, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के पीड़ित शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों की भी तलाश की जा रही है और उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

साइबर क्राइम पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि शेयर मार्केट में अधिक लाभ का लालच देने वाले अनजान कॉल, मैसेज या सोशल मीडिया ग्रुप से सतर्क रहें। किसी भी अपरिचित लिंक, ऐप, या टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से निवेश करने से बचें। साथ ही, अनजान व्यक्तियों के बैंक खाते या यूपीआई में पैसे ट्रांसफर न करें और अपनी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें। यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है, तो वह तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां लोग लालच में आकर अपनी मेहनत की कमाई खो देते हैं। हमें सतर्क रहना चाहिए और अनजान निवेश योजनाओं से दूर रहना चाहिए।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैसे समझें कि कोई निवेश योजना फर्जी है?
अगर किसी योजना में अत्यधिक लाभ का वादा किया जाता है या आपको अनजान स्रोतों से संपर्क किया जाता है, तो यह फर्जी हो सकती है।
साइबर ठगी का शिकार होने पर क्या करें?
आपको तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करना चाहिए और अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
कितनी शिकायतें इस गिरोह के खिलाफ दर्ज हैं?
इस गिरोह के खिलाफ 17 शिकायतें विभिन्न राज्यों से दर्ज की गई हैं।
क्या पुलिस ने अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया?
पुलिस अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
क्या मैं अनजान कॉल से पैसे ट्रांसफर कर सकता हूँ?
नहीं, आपको अनजान कॉल या मैसेज से पैसे ट्रांसफर नहीं करने चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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