क्या 5.6 करोड़ की ठगी करने वाला साइबर अपराधी संभल से गिरफ्तार हुआ?

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क्या 5.6 करोड़ की ठगी करने वाला साइबर अपराधी संभल से गिरफ्तार हुआ?

सारांश

नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है जिसने फर्जी शेयर मार्केट में निवेश करके 5.6 करोड़ रुपये की ठगी की। यह मामला उन लोगों के लिए एक चेतावनी है जो ऑनलाइन निवेश के लालच में आकर ठगी का शिकार हो सकते हैं।

मुख्य बातें

साइबर ठगी से सावधान रहें।
अज्ञात व्यक्तियों के निवेश के लालच में न आएं।
सही जानकारी प्राप्त करें।
तुरंत पुलिस से संपर्क करें यदि ठगी का शिकार हों।
सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

नोएडा, 19 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा साइबर क्राइम पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने फर्जी शेयर मार्केट में निवेश कर कई करोड़ों रुपए की साइबर ठगी करने वाले एक शातिर अपराधी को पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मौ. फैजान, पुत्र कासिम, निवासी शाहपुर सिरपुरा, थाना एचोडा कम्बोह, जिला संभल के रूप में हुई है।

आरोपी की उम्र लगभग 21 वर्ष है। पुलिस के अनुसार, 18 दिसंबर 2025 को थाना साइबर क्राइम नोएडा ने संकलित सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को जिला संभल से गिरफ्तार किया।

आरोपी पर फर्जी शेयर मार्केट निवेश के नाम पर 5.6 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।

इससे पहले थाना साइबर क्राइम नोएडा में दर्ज एक अन्य मामले में 55 लाख रुपए की ठगी में भी उसकी संलिप्तता सामने आई थी। यह घटना तब उजागर हुई जब 30 अक्टूबर 2025 को सेक्टर-50 नोएडा की एक पीड़िता ने थाना साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई।

पीड़िता ने बताया कि व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर उसे एक ग्रुप में जोड़ा गया, जहां शेयर मार्केट ट्रेडिंग में निवेश कर भारी लाभ का लालच दिया गया। इसी झांसे में आकर पीड़िता से 5.6 करोड़ रुपए विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए।

शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम में मामला दर्ज कर संबंधित बैंक खातों को तुरंत फ्रीज किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी फैजान का बैंक खाता देश के कई राज्यों, जैसे महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, केरल, झारखंड, ओडिशा और तमिलनाडु में दर्ज कम से कम 15 साइबर शिकायतों से जुड़ा हुआ है।

जांच में यह भी पाया गया कि अभियुक्त के खाते में कुल लगभग 70 लाख रुपए की संदिग्ध धनराशि आई थी। इस मामले में पहले ही दो अन्य अभियुक्तों साहब सिंह और नीरज को 28 नवंबर 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने स्वीकार किया कि उसका संपर्क मेरठ निवासी चरणजीत से हुआ था, जो करंट खाता उपलब्ध कराने के बदले कमीशन देने का लालच देता था। आरोपी ने अपने बैंक ऑफ बड़ौदा के करंट खाते की एटीएम और चेकबुक चरणजीत को सौंप दी थी। बदले में उसे अलग-अलग मामलों में 25 से 50 हजार रुपए मिले थे।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किया है। आरोपी के खिलाफ कुल तीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि साइबर ठगी से बचने के लिए अज्ञात व्यक्तियों के निवेश संबंधी लालच में न आएं और किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फर्जी शेयर मार्केट क्या है?
फर्जी शेयर मार्केट वह है जहां निवेशकों को झूठा लाभ दिखाकर पैसे ठगे जाते हैं।
क्या मैं फर्जी निवेश से बच सकता हूँ?
हाँ, अज्ञात व्यक्तियों के निवेश संबंधी लालच में न आएं और हमेशा सावधानी बरतें।
अगर मुझे ठगी का शिकार होना पड़ा तो मैं क्या करूँ?
आप तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें और अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
क्या साइबर ठगी के मामले में पुलिस मदद करती है?
बिल्कुल, पुलिस साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई करती है।
क्या मुझे अपनी जानकारी साझा करनी चाहिए?
नहीं, अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें।
राष्ट्र प्रेस