नवादा पुलिस ने साइबर फ्रॉड के 10 आरोपियों को किया गिरफ्तार, एक किशोर भी हिरासत में
सारांश
Key Takeaways
- नवादा पुलिस ने 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
- साइबर फ्रॉड के लिए अभियुक्त विभिन्न कंपनियों के नाम का उपयोग कर रहे थे।
- पुलिस ने छापेमारी के दौरान 14 एंड्रॉयड मोबाइल और कस्टमर डाटा बरामद किया।
- अभियुक्तों ने अपने अपराधों को स्वीकार किया।
- पुलिस की कार्रवाई से साइबर अपराध में बढ़ती जागरूकता।
नवादा, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नवादा पुलिस ने साइबर अपराध से संबंधित एक महत्वपूर्ण मामले में 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, साथ ही एक किशोर को भी हिरासत में लिया गया है। यह जानकारी डीएसपी निशु मलिक ने नवादा पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान साझा की।
डीएसपी ने बताया कि 19 मार्च को दोपहर 12:20 बजे वारिसलीगंज थाने को सूचना मिली कि झौर स्थित गुर्गा फार्म के पास कुछ अपराधी साइबर फ्रॉड की गतिविधियों में संलग्न हैं। सूचना मिलने के तुरंत बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचित किया गया और उनके निर्देश पर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
गठित टीम ने घटना स्थल पर छापेमारी की। इस छापेमारी में पांच अभियुक्तों को झौर से गिरफ्तार किया गया, जबकि छह अभियुक्तों को गोडापर गांव से पकड़ा गया। तलाशी के दौरान अभियुक्तों के पास से कुल 14 एंड्रॉयड मोबाइल और 9 पन्नों का कस्टमर डाटा शीट बरामद किया गया। सभी अभियुक्तों को थाने लाया गया और उनसे गहन पूछताछ की गई। इस मामले में वारिसलीगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
जांच में यह सामने आया है कि गिरफ्तार अभियुक्त बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस और अन्य कंपनियों के नाम का उपयोग कर लोगों को आकर्षित करते थे। वे फेसबुक और अन्य माध्यमों से लोगों के फोन नंबर हासिल करते थे और बैंक मैनेजर या अन्य स्टाफ बनकर लोगों का विश्वास जीतते थे। इसके बाद वे आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासबुक जैसी संवेदनशील जानकारियाँ मांगते और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर लोगों से पैसे वसूलते थे।
अभियुक्तों ने अपने स्वीकारोक्ति बयान में अपने अपराधों को स्वीकार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों में रोहित कुमार, शंभू कुमार, फंटुश कुमार, विकास कुमार, रोहित कुमार, रविरंजन कुमार, अमर कुमार, सुमित राज, लालू कुमार और चंदन कुमार शामिल हैं। इसके अलावा एक किशोर को भी हिरासत में लिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इस कार्रवाई से साइबर अपराध और धोखाधड़ी के मामलों में पुलिस की सक्रियता और अपराधियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।