एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप: अंडर-19 महिला वर्ग में भारत के 8 मेडल पक्के, अंडर-23 की 9 बॉक्सर सेमीफाइनल में
सारांश
मुख्य बातें
जकार्ता में जारी एशियन अंडर-19 और अंडर-23 बॉक्सिंग चैंपियनशिप के पाँचवें दिन, 9 जुलाई को भारत की अंडर-19 महिला बॉक्सरों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए 6 सेमीफाइनल में जगह पक्की की और कुल 8 मेडल सुनिश्चित किए। इंडोनेशिया के जकार्ता में 5 जुलाई से 16 जुलाई तक चल रही इस प्रतियोगिता में भारतीय बॉक्सरों ने महाद्वीपीय स्तर पर अपनी बढ़ती ताकत का परिचय दिया।
अंडर-19 महिला वर्ग: शानदार जीत का सिलसिला
चंद्रिका पुजारी (51 किलोग्राम) ने कजाकिस्तान की झादिरा कल्टाय को 5:0 के एकतरफा फैसले से पराजित किया। इसी तरह, जॉयश्री देवी (54 किलोग्राम) ने कजाकिस्तान की मारल टोलेपबर्गेन के खिलाफ 5:0 की सहज जीत दर्ज की।
प्राची (57 किलोग्राम) ने उज्बेकिस्तान की रोबिया रवशानोवा को 5:0 से हराकर अपनी निरंतर फॉर्म बरकरार रखी, जबकि चाहत (60 किलोग्राम) ने कजाकिस्तान की झास्मिन अब्राम्यान को 5:0 से मात दी। 48 किलोग्राम वर्ग में गुंजन ने मंगोलिया की अल्तानजुल अल्तानगाडास को कड़े मुकाबले में 3:0 के स्प्लिट फैसले से हराया। अंशिका (75 किलोग्राम) ने कजाकिस्तान की अल्तिनगुल आइमुखान पर 4:1 से जीत के साथ भारत के मेडल खाते में एक और पदक जोड़ा।
दो कड़े मुकाबलों में हार
हालाँकि भारत को दो बाउट में निराशा भी हाथ लगी। वंशिका (65 किलोग्राम) को उज्बेकिस्तान की रुशानबोनु इसोएवा ने पहले राउंड में रेफरी स्टॉप कॉन्टेस्ट (आरएससी) के ज़रिए हरा दिया। लक्षु (70 किलोग्राम) को उज्बेकिस्तान की माफतुना यांगिएवा ने 5:0 के एकतरफा फैसले से पराजित किया। गौरतलब है कि इन हार के बावजूद भारत की कुल मेडल संख्या पर कोई असर नहीं पड़ा, क्योंकि बाकी छह बॉक्सर सेमीफाइनल में पहुँच चुकी हैं।
अंडर-23 वर्ग में भी दमखम
अंडर-23 महिला वर्ग में भी भारत का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा। क्वार्टर फाइनल में शानदार प्रदर्शन के बाद 9 भारतीय बॉक्सर सेमीफाइनल में जगह बनाने में सफल रहीं और उन्होंने अपने-अपने मेडल पक्के कर लिए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत की युवा बॉक्सिंग पाइपलाइन को लेकर खेल विशेषज्ञ लगातार सकारात्मक संकेत दे रहे हैं।
भारत की बढ़ती महाद्वीपीय ताकत
महिला वर्ग में भारत का यह दबदबा एशियाई स्तर पर देश की गहरी प्रतिभा-पूल को रेखांकित करता है। कई बॉक्सर अब स्वर्ण पदक के प्रबल दावेदार के रूप में उभरी हैं। यह चैंपियनशिप भारत के उभरते बॉक्सरों के लिए भविष्य की वैश्विक प्रतियोगिताओं — जैसे एशियन गेम्स और ओलंपिक क्वालीफायर — की तैयारी के लिहाज़ से अहम मंच साबित हो रही है।