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शरद पवार-एकनाथ शिंदे मुलाकात विवाद: सरनाईक बोले — राजनीति में कोई स्थायी दुश्मन नहीं

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शरद पवार-एकनाथ शिंदे मुलाकात विवाद: सरनाईक बोले — राजनीति में कोई स्थायी दुश्मन नहीं

सारांश

महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल — शरद पवार की एकनाथ शिंदे से मुलाकात पर संजय राउत के हमले के जवाब में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि राजनीति में कोई स्थायी दुश्मन नहीं होता और उद्धव ठाकरे का शिंदे के साथ यात्रा करना भी गलत नहीं होगा।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने 9 जुलाई को कहा कि उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे या संजय राउत का एकनाथ शिंदे के साथ यात्रा करना राजनीतिक रूप से गलत नहीं होगा।
सरनाईक ने संजय राउत की सोच को 'संकीर्ण' बताया और कहा कि राजनीति में कोई स्थायी दुश्मन या स्थायी दोस्त नहीं होता।
शरद पवार ने विधान भवन में एकनाथ शिंदे के चैंबर में जाकर मुलाकात की, जिस पर राउत ने 'गद्दारों को वैधता देने' का आरोप लगाया था।
शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने राउत पर पलटवार करते हुए कहा कि शरद पवार जैसे अनुभवी नेता को राउत की सलाह की जरूरत नहीं।
यह विवाद 2022 में शिंदे गुट के शिवसेना से अलग होने के बाद से जारी राजनीतिक तनातनी की पृष्ठभूमि में आया है।

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री और शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक ने गुरुवार, 9 जुलाई को स्पष्ट किया कि यदि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, उनके पुत्र आदित्य ठाकरे और सांसद संजय राउत कभी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ एक ही वाहन में यात्रा करते दिखें, तो इसे राजनीतिक दृष्टि से गलत नहीं ठहराया जाना चाहिए। उनका यह बयान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार की विधान भवन में शिंदे के कक्ष में हुई मुलाकात पर राउत की तीखी आलोचना के बाद आया।

सरनाईक का बयान: राजनीति में स्थायी दुश्मनी नहीं

सरनाईक ने कहा, 'अगर कल संजय राउत, आदित्य ठाकरे या उद्धव ठाकरे एकनाथ शिंदे की कार में यात्रा करते हैं तो इसे गलत नहीं माना जाना चाहिए। मैंने हमेशा कहा है कि राजनीति में कोई भी स्थायी दुश्मन या स्थायी दोस्त नहीं होता है।' उन्होंने राउत की सोच को 'संकीर्ण' करार देते हुए कहा कि पवार एकनाथ शिंदे का सम्मान करते हैं और उन्हें एक अच्छे सहयोगी के रूप में देखते हैं।

पवार-शिंदे मुलाकात और विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि शरद पवार ने विधान भवन में एकनाथ शिंदे के चैंबर में जाकर उनसे मुलाकात की थी। इस पर संजय राउत ने वरिष्ठ नेताओं पर 'गद्दारों' को वैधता देने का आरोप लगाया था। सरनाईक ने बताया कि जैसे ही शिंदे को पवार के आगमन की सूचना मिली, उन्होंने चल रही कैबिनेट बैठक को तुरंत छोड़कर उनसे भेंट की और बाद में बैठक में वापस लौटे। सरनाईक के अनुसार, 'यह दोनों नेताओं के बीच परस्पर सम्मान और अच्छे संबंधों का प्रमाण है।'

मनीषा कायंदे का राउत पर पलटवार

शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने भी राउत के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'संजय राउत कौन होते हैं शरद पवार को सलाह देने वाले? शरद पवार एक अनुभवी राजनेता हैं। उन्हें पता है कि किससे, कब और क्यों मिलना है। क्या उन्हें कुछ भी करने से पहले संजय राउत से इजाजत लेनी होगी?' कायंदे ने व्यंग्यात्मक लहजे में यह भी जोड़ा कि 'संजय राउत को हर सुबह जो पेट दर्द होता है, उसका इलाज एक दिन जरूर एकनाथ शिंदे करेंगे।'

राजनीतिक संदर्भ: महाराष्ट्र में बदलते समीकरण

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में विभिन्न दलों के बीच संबंधों को लेकर अटकलें तेज हैं। 2022 में शिंदे गुट द्वारा शिवसेना से अलग होने के बाद से उद्धव ठाकरे खेमे और शिंदे गुट के बीच तीखी राजनीतिक तनातनी जारी है। पवार की शिंदे से मुलाकात को विपक्षी खेमे में अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की मुलाकातें विपक्षी एकजुटता को कमजोर करती हैं, जबकि सत्तापक्ष इसे सामान्य राजनयिक शिष्टाचार बता रहा है।

आगे क्या

सरनाईक के इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। यह देखना होगा कि क्या शिवसेना के दोनों धड़ों के बीच भविष्य में किसी प्रकार का राजनीतिक संवाद संभव होता है या यह केवल एक राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह शिवसेना (शिंदे गुट) की उस रणनीति का हिस्सा लगता है जो विपक्षी खेमे में दरारें और असहमति को उजागर करना चाहती है। शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता की शिंदे से मुलाकात को लेकर राउत की आलोचना ने महा विकास आघाड़ी के भीतर समन्वय की कमी को सार्वजनिक कर दिया। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब महाराष्ट्र में अगले राजनीतिक मोर्चेबंदी की तैयारियाँ चल रही हैं और विपक्ष को एकजुट दिखना जरूरी है। सरनाईक का 'कोई स्थायी दुश्मन नहीं' वाला तर्क राजनीतिक यथार्थवाद है — लेकिन इसका समय और संदर्भ बताता है कि निशाना विपक्षी एकता की नींव पर है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रताप सरनाईक ने उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के बारे में क्या कहा?
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि यदि उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे या संजय राउत एकनाथ शिंदे के साथ एक ही वाहन में यात्रा करते दिखें तो इसे गलत नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि राजनीति में कोई स्थायी दुश्मन या दोस्त नहीं होता।
शरद पवार और एकनाथ शिंदे की मुलाकात पर विवाद क्यों हुआ?
शरद पवार ने विधान भवन में एकनाथ शिंदे के चैंबर में जाकर उनसे मुलाकात की, जिस पर संजय राउत ने वरिष्ठ नेताओं पर 'गद्दारों' को वैधता देने का आरोप लगाया। इस आलोचना के जवाब में शिवसेना नेताओं ने राउत पर पलटवार किया।
मनीषा कायंदे ने संजय राउत पर क्या टिप्पणी की?
शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने कहा कि संजय राउत को शरद पवार जैसे अनुभवी नेता को सलाह देने का कोई अधिकार नहीं है और पवार खुद जानते हैं कि किससे, कब और क्यों मिलना है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में राउत पर तीखा हमला बोला।
महाराष्ट्र में शिवसेना के दो धड़ों के बीच विवाद कब से है?
2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में विधायकों ने शिवसेना से अलग होकर सरकार बनाई, जिसके बाद से शिंदे गुट और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के बीच राजनीतिक तनातनी जारी है।
क्या शिवसेना के दोनों धड़ों में भविष्य में कोई राजनीतिक करीबी संभव है?
सरनाईक के बयान के बाद इस पर अटकलें तेज हुई हैं, लेकिन फिलहाल कोई आधिकारिक संकेत नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान व्यावहारिक राजनीति का संकेत तो है, परंतु दोनों पक्षों के बीच गहरी खाई को पाटना आसान नहीं होगा।
राष्ट्र प्रेस
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