शरद पवार NDA में आए तो स्वागत है: योगेश कदम, संजय राउत पर भी साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश रामदास कदम ने 9 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि यदि शरद पवार भविष्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होते हैं, तो उनका पूरे सम्मान के साथ स्वागत किया जाएगा। यह बयान शरद पवार और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की हालिया मुलाकात के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में उठी अटकलों के बीच आया है।
योगेश कदम का स्वागत वाला बयान
जब मंत्री योगेश कदम से पूछा गया कि क्या शरद पवार के NDA में आने पर उनका स्वागत होगा, तो उन्होंने बेझिझक कहा, 'बिलकुल स्वागत करेंगे। शरद पवार ने महाराष्ट्र के लिए बहुत काम किया है। आज वह राज्य के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। अगर वे NDA में आते हैं तो मुझे भी उनसे बहुत कुछ सीखने का अवसर मिलेगा।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब पवार और शिंदे की मुलाकात को लेकर विपक्षी खेमे में हलचल मची हुई है।
संजय राउत पर सीधा हमला
कदम ने शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि शरद पवार की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना यह दर्शाता है कि राउत किसी के भी प्रति सच्चे नहीं हो सकते। उन्होंने कहा, 'संजय राउत कभी शिवसेना के नहीं थे, बल्कि वे शरद पवार के शिष्य रहे हैं। अब जब उन्हें अपने गुरु की कोई बात पसंद नहीं आई, तो उन्होंने उन्हीं पर अविश्वास जताना शुरू कर दिया।' गौरतलब है कि राउत ने पवार-शिंदे मुलाकात पर कड़ी आपत्ति जताई थी।
महाराष्ट्र मिसिंग लिंक परियोजना पर विपक्ष को जवाब
महाराष्ट्र मिसिंग लिंक परियोजना को लेकर उठ रहे सवालों पर योगेश कदम ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यह वही परियोजना है जिसे कांग्रेस ने कभी ठुकरा दिया था, क्योंकि उसके पास न तो इसे पूरा करने का साहस था और न ही आर्थिक व तकनीकी चुनौतियों से निपटने की क्षमता। कदम के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर इस चुनौतीपूर्ण परियोजना को साकार किया, जिसे एक समय असंभव माना जाता था।
भूस्खलन पर सरकार का पक्ष
परियोजना क्षेत्र में हुए भूस्खलन (लैंडस्लाइड) पर योगेश कदम ने कहा कि इसे अनावश्यक रूप से बड़ा मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके शब्दों में, 'मेरे ख्याल से लैंडस्लाइड कोई इतना बड़ा डैमेज नहीं है। भविष्य में इससे बचाव के लिए जो भी जरूरी कदम होंगे, सरकार उन्हें जरूर उठाएगी।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस छोटी-सी घटना के आधार पर पूरे प्रोजेक्ट को बदनाम करना और महाराष्ट्र की छवि खराब करना सर्वथा अनुचित है। राज्य सरकार ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।