16 जुलाई 2026
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क्या 160 सीटों की गारंटी देने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? शरद पवार पर फडणवीस का पलटवार

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क्या 160 सीटों की गारंटी देने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? शरद पवार पर फडणवीस का पलटवार

सारांश

क्या शरद पवार के 160 सीटों की गारंटी का दावा है सच या महज एक कहानी? जानिए इस विवाद की पूरी हकीकत और फडणवीस का जवाब।

मुख्य बातें

शरद पवार का 160 सीटों की गारंटी का दावा देवेंद्र फडणवीस का पलटवार चुनाव आयोग की चुनौतियां ओबीसी समुदाय की राजनीति 2024 विधानसभा चुनाव का महत्व

नागपुर, 10 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता शरद पवार के दावे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तीखा जवाब दिया है। पवार ने कहा था कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले उनसे संपर्क करने वाले दो व्यक्तियों ने 288 में से 160 सीटें जीतने की गारंटी दी थी।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि यह जानकर उन्हें आश्चर्य हुआ कि बड़े नेता ऐसे लोगों से संपर्क करते हैं जो चुनाव को प्रभावित करने का दावा करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में न तो पुलिस में शिकायत की जाती है, न चुनाव आयोग को सूचित किया जाता है, और न ही किसी पर कार्रवाई होती है। क्या इसका मतलब है कि उन्होंने इनका इस्तेमाल किया?

फडणवीस ने कहा कि अगर ये लोग ऑफर लेकर आए थे, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? पवार के बयान को उन्होंने महज एक 'स्टोरी' बनाने की कोशिश करार दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ने कई बार खुली चुनौती दी है कि कोई ईवीएम हैक करके दिखाए, लेकिन कोई ऐसा नहीं कर सका। उन्होंने झूठे आरोप लगाकर जनादेश का अपमान बंद करने की सलाह भी दी।

फडणवीस ने ओबीसी समाज को लेकर भी पवार पर हमला बोला। उनका कहना था कि चुनाव में झटका मिलने के बाद अब उन्हें ओबीसी की याद आ रही है। जिस प्रकार से पवार ने ओबीसी समुदाय को दरकिनार किया और उनके आरक्षण पर जब संकट आया, तब उन्होंने दोहरी भूमिका निभाई, इसे समाज भली-भांति जानता है।

पवार ने कहा था कि चुनाव से पहले उन दो लोगों ने उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने दावा किया कि वे चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं और 160 सीटें जीताने की गारंटी दे सकते हैं। पवार ने इस पर आश्चर्य व्यक्त किया और राहुल गांधी के साथ उनकी मुलाकात कराई ताकि वे अपने विचार रख सकें। लेकिन, पवार और राहुल गांधी इस पर सहमत थे कि ऐसे प्रस्तावों पर ध्यान नहीं देना चाहिए, क्योंकि यह उनका तरीका नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों ही पक्षों के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह चुनावी माहौल को और भी गर्म कर सकता है। ऐसे में जनता का निर्णय ही अंतिम होगा।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या शरद पवार का दावा सच है?
यह स्पष्ट नहीं है कि शरद पवार का दावा सच है या नहीं, लेकिन फडणवीस ने इसे झूठा बताया है।
क्या चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई की?
चुनाव आयोग ने कई बार ईवीएम हैकिंग की चुनौती दी है, लेकिन कोई भी सफल नहीं हुआ।
ओबीसी समाज पर फडणवीस ने क्या कहा?
फडणवीस ने कहा कि पवार को ओबीसी समाज की याद चुनाव में झटका मिलने के बाद आई।
क्या राहुल गांधी ने इस मामले में कोई टिप्पणी की?
पवार और राहुल गांधी ने इस प्रस्ताव पर ध्यान न देने का निर्णय लिया।
राष्ट्र प्रेस
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